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आधी रात की पुलिस रेड से मचा बवाल, महिलाओं ने लगाए घर में घुसकर मारपीट के आरोप, कई घायल

Bihar News: भागलपुर के अंबाबाग मोहल्ले में पुलिस की छापेमारी के बाद बड़ा विवाद खड़ा हो गया है। स्थानीय लोगों ने पुलिस कार्रवाई पर गंभीर सवाल उठाए हैं, जबकि कई महिलाओं के घायल होने की खबर सामने आई है। घटना के बाद इलाके में तनाव...

आधी रात की पुलिस रेड से मचा बवाल, महिलाओं ने लगाए घर में घुसकर मारपीट के आरोप, कई घायल
Ramakant kumar
4 मिनट

Bihar News: भागलपुर जिले के बबरगंज थाना क्षेत्र के अंबाबाग मोहल्ले में पुलिस की एक छापेमारी के बाद विवाद खड़ा हो गया है. नशीले पदार्थों की तलाश में पहुंची पुलिस टीम पर स्थानीय लोगों और महिलाओं ने गंभीर आरोप लगाए हैं. घटना के बाद इलाके में तनाव का माहौल है, जबकि कई घायल महिलाओं का इलाज सदर अस्पताल में कराया गया.


जानकारी के अनुसार, शुक्रवार देर रात बबरगंज थाना पुलिस नशीले पदार्थों की बरामदगी के लिए अंबाबाग इलाके में छापेमारी करने पहुंची थी. बताया जा रहा है कि पुलिस की टीम तीन वाहनों और करीब 25 जवानों के साथ मौके पर पहुंची थी. स्थानीय लोगों का आरोप है कि पुलिस ने तीन से चार घरों में तलाशी ली, लेकिन कोई आपत्तिजनक सामान नहीं मिलने के बाद घर की महिलाओं के साथ मारपीट की गई.


घायलों और परिजनों का कहना है कि पुलिसकर्मियों ने महिलाओं और युवतियों पर लाठी-डंडे चलाए, जिससे आधा दर्जन से अधिक महिलाएं और युवतियां घायल हो गईं. उनका आरोप है कि महिलाएं लगातार अपनी बात रखने की कोशिश करती रहीं, लेकिन उनकी बात नहीं सुनी गई. घटना के दौरान कई महिलाओं के चीखने-चिल्लाने की भी बात कही जा रही है.


स्थानीय लोगों के अनुसार, विवाद की शुरुआत शुक्रवार सुबह हुई थी. आरोप है कि बबरगंज थाने के चालक अमित कुमार एक घर पर पहुंचे और दरवाजा खोलने को कहा. उस समय घर में महिलाएं मौजूद थीं. परिजनों का कहना है कि चालक सिविल ड्रेस में थे, इसलिए उनसे पुलिस टीम के साथ आने को कहा गया. इसी बात को लेकर कहासुनी शुरू हो गई.


ग्रामीणों का आरोप है कि बातचीत के दौरान चालक और स्थानीय लोगों के बीच विवाद बढ़ गया. शोर सुनकर आसपास के लोग भी जमा हो गए. इसी दौरान चालक वहां से निकलने के दौरान गिर गए, जिससे उन्हें हल्की चोट आई.


पीड़ित परिवारों का कहना है कि इसके कुछ समय बाद डायल-112 की टीम भी मौके पर पहुंची थी, लेकिन तब तक मामला शांत हो चुका था. हालांकि रात करीब 11 बजे पुलिस फिर बड़ी संख्या में इलाके में पहुंची और छापेमारी शुरू कर दी.


ग्रामीणों का आरोप है कि पुलिस ने कुछ घरों के दरवाजे तोड़कर अंदर प्रवेश किया. लोगों का कहना है कि घर का दरवाजा खुलने का इंतजार किए बिना दूसरे रास्तों से अंदर जाने की कोशिश की गई. इस दौरान कई घरों में तोड़फोड़ होने का भी आरोप लगाया गया है.


घटना में घायल महिलाओं और अन्य लोगों को इलाज के लिए सदर अस्पताल पहुंचाया गया. पीड़ित परिवारों ने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग करते हुए आरोप लगाया है कि कार्रवाई के दौरान पुलिस ने जरूरत से ज्यादा बल प्रयोग किया.


घटना के बाद इलाके में लोगों के बीच नाराजगी देखी जा रही है. स्थानीय लोगों का कहना है कि अगर किसी मामले में छापेमारी करनी थी तो कानून के दायरे में रहकर कार्रवाई की जानी चाहिए थी. वहीं पीड़ित परिवारों ने दोषी पुलिसकर्मियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है.


फिलहाल इस मामले में पुलिस का आधिकारिक पक्ष सामने नहीं आया है. पूरे घटनाक्रम को लेकर जांच की मांग उठ रही है.