Bihar Crime News: बिहार में दिनदहाड़े 10 लाख के ज्वेलरी की चोरी, बदमाशों ने बाइक की डिक्की से उड़ाए गहने Bihar Crime News: बिहार में दिनदहाड़े 10 लाख के ज्वेलरी की चोरी, बदमाशों ने बाइक की डिक्की से उड़ाए गहने ‘प्रेग्नेंट करो और पैसे कमाओ’, बिहार में साइबर अपराधियों का हैरान करने वाला ऑफर; युवकों को भेजते थे हॉट महिलाओं की तस्वीर ‘प्रेग्नेंट करो और पैसे कमाओ’, बिहार में साइबर अपराधियों का हैरान करने वाला ऑफर; युवकों को भेजते थे हॉट महिलाओं की तस्वीर चलती कार में लगी आग, दो लोग झुलसे, स्थानीय लोगों की सूझबूझ से टली बड़ी घटना होली पर कोलकाता और नई दिल्ली के लिए स्पेशल ट्रेनें, यात्रियों को बड़ी राहत Bihar News: नए सत्र में बिहार के पांच सौ से अधिक मॉडल स्कूलों में शुरू होगी पढ़ाई, NEET-JEE की तैयारी पर फोकस Bihar News: नए सत्र में बिहार के पांच सौ से अधिक मॉडल स्कूलों में शुरू होगी पढ़ाई, NEET-JEE की तैयारी पर फोकस मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के बेटे पर गंभीर आरोप लगाने वाले पूर्व IPS के घर रेड, FIR दर्ज INDIA POST GDS 2026: 10वीं पास युवाओं के लिए बड़ा मौका, 28,686 पदों पर भर्ती, बिना परीक्षा मिलेगी सरकारी नौकरी
09-Mar-2025 06:45 AM
By First Bihar
Women's Fast: भारतीय संस्कृति में महिलाओं को देवी के रूप में पूजा जाता है, और धर्मशास्त्रों में नारी को सृजन, शक्ति और करुणा का प्रतीक माना गया है। भारत में महिलाओं के लिए कई व्रत विशेष रूप से फलदायी माने जाते हैं, जिनका धार्मिक और आध्यात्मिक महत्व है। ये व्रत न केवल आध्यात्मिक शांति प्रदान करते हैं, बल्कि जीवन में सुख-समृद्धि और परिवार की खुशहाली के लिए भी अत्यंत महत्वपूर्ण माने जाते हैं। आइए जानते हैं कुछ प्रमुख व्रतों के बारे में:
1. करवा चौथ व्रत
महत्व: यह व्रत पति की लंबी उम्र और सुखी वैवाहिक जीवन के लिए रखा जाता है।
विधि: इस दिन महिलाएं निर्जल व्रत रखती हैं और रात में चंद्र दर्शन के बाद व्रत खोलती हैं।
2. तीज व्रत (हरियाली तीज, कजरी तीज, हरतालिका तीज)
महत्व: सुहागिन महिलाओं के लिए यह व्रत अत्यंत महत्वपूर्ण होता है।
विधि: भगवान शिव और माता पार्वती की पूजा करके महिलाएं अपने पति की लंबी उम्र और सुखद दांपत्य जीवन की कामना करती हैं।
3. वट सावित्री व्रत
महत्व: यह व्रत सावित्री और सत्यवान की कथा पर आधारित है।
विधि: महिलाएं वट (बरगद) वृक्ष की पूजा करती हैं और पति की लंबी उम्र की कामना करती हैं।
4. सौभाग्य सुंदरी व्रत
महत्व: यह व्रत विशेष रूप से उन महिलाओं के लिए किया जाता है जो अपने पति के अच्छे स्वास्थ्य और दीर्घायु की इच्छा रखती हैं।
विधि: देवी गौरी और भगवान शिव की पूजा की जाती है।
5. सोमवारी व्रत
महत्व: यह व्रत विशेष रूप से कुंवारी कन्याओं और सुहागिन महिलाओं के लिए शुभ माना जाता है।
विधि: भगवान शिव को प्रसन्न करने और अच्छे जीवनसाथी की प्राप्ति के लिए किया जाता है।
6. संकष्टी चतुर्थी व्रत
महत्व: यह व्रत संतान प्राप्ति और संतान की लंबी उम्र के लिए किया जाता है।
विधि: भगवान गणेश की पूजा की जाती है और चंद्र दर्शन के बाद व्रत खोला जाता है।
7. मां दुर्गा और नवरात्रि व्रत
महत्व: महिलाओं के लिए शक्ति और समृद्धि प्राप्त करने के लिए विशेष रूप से फलदायी माना जाता है।
विधि: मां दुर्गा की कृपा से जीवन में सुख-शांति और सफलता मिलती है।
8. प्रदोष व्रत
महत्व: यह व्रत भगवान शिव और माता पार्वती को समर्पित होता है।
विधि: विवाहित और अविवाहित दोनों महिलाओं के लिए यह शुभ माना जाता है।
9. गुरु पुष्य नक्षत्र व्रत
महत्व: धन, सुख-समृद्धि और परिवार की खुशहाली के लिए यह व्रत रखा जाता है।
विधि: यह व्रत विशेष रूप से महिलाओं को शुभ फल देने वाला माना जाता है।
10. अजा एकादशी व्रत
महत्व: यह व्रत सभी पापों से मुक्ति दिलाने वाला माना जाता है।
विधि: महिलाओं के लिए सौभाग्य और सुख-समृद्धि का कारक होता है।
महिला दिवस के अवसर पर यह समझना आवश्यक है कि भारतीय संस्कृति में महिलाओं का स्थान अत्यंत महत्वपूर्ण है। धार्मिक परंपराओं में उनके लिए विशेष रूप से निर्धारित व्रत उनकी शक्ति, त्याग और परिवार के प्रति समर्पण का प्रतीक हैं। इन व्रतों के माध्यम से महिलाएं न केवल आध्यात्मिक संतुलन स्थापित करती हैं, बल्कि अपने परिवार के सुख-समृद्धि का मार्ग भी प्रशस्त करती हैं।