मुजफ्फरपुर में हजरत दाता कंबल शाह का 144वां उर्स: पुलिस की चादर जुलूस, अमन-चैन की मांगी दुआ आरा में बाइक मैकेनिक की गोली मारकर हत्या, इलाके में सनसनी जन सुराज को फिर से खड़ा करने में जुटे प्रशांत किशोर, 15 नए प्रदेश महासचिव की लिस्ट जारी छपरा पहुंचे उपमुख्यमंत्री विजय कुमार सिन्हा, बोले..जन समस्याओं का होगा त्वरित समाधान बिहार में 6 अप्रैल से स्कूल का नया टाइमटेबल: 7 बजे से पहले बजेगी घंटी चंडीगढ़ में भाजपा कार्यालय के बाहर ब्लास्ट से हड़कंप, जांच में जुटीं पुलिस करप्शन किंग SDPO को हटाया गया: PHQ ने वापस बुलाया, EOU की रेड में करीब 80 करोड़ की संपत्ति का खुलासा टेंट हाउस के मालिक पर नाबालिग के साथ अश्लील हरकत करने का आरोप, आक्रोशित लोगों ने घर के बाहर किया हंगामा पटना में अगलगी की दो घटना: एंबुलेंस में लगी आग, AC फटने से नर्सिंग होम में मची अफरा-तफरी बिहार के इस जिले में नई चीनी मिल...100 एकड़ भूमि चिन्हित, गन्ना उद्योग विभाग के ACS ने जमीन का किया निरीक्षण
18-Jan-2022 07:26 PM
PATNA: बिहार की सियासत में वर्षों तक कद्दावर नेता के तौर पर जाने जाते रहे पूर्व सांसद अरूण कुमार आज चिराग पासवान के साथ चले गये. पूर्व सांसद अरूण कुमार ने अपनी पार्टी भारतीय सबलोग पार्टी का चिराग की पार्टी लोजपा(रामविलास) में विलय करा दिया. पटना में एक कार्यक्रम में अरूण कुमार ने चिराग की पार्टी ज्वाइन किया।
इस मौके पर चिराग पासवान ने कहा कि अरूण कुमार ने उनके पिता स्व. रामविलास पासवान के साथ राजनीति की है. उस दौर उनके निजी रिश्ते अरूण कुमार के साथ रहे हैं. आज वे पार्टी में शामिल होकर साथ राजनीति करने के लिए राजी हुए हैं। चिराग ने कहा कि उन्हें ये लग रहा है कि पार्टी में एक गार्जियन आ गया है। अरूण कुमार की सलाह औऱ निर्देश पर वे बिहार में नीतीश कुमार के जंगलराज के खिलाफ अपने संघर्ष को और मजबूत करेंगे।
उधऱ अरूण कुमार ने कहा कि वे बिहार के विकास के लिए चिराग पासवान के संघर्ष के हमेशा समर्थक रहे हैं. 2020 में भी जब चिराग ने कहा था कि वे नीतीश कुमार के साथ चुनाव नहीं लडे़ेंगे तो उन्होंने इसका स्वागत किया था. वे चिराग के साथ किसी पद की लालच में नहीं आये हैं. बल्कि मकदस सिर्फ एक है कि नीतीश कुमार ने बिहार में जो आतंकराज फैला रखा है उसका पूरजोर विरोध कर जनता को गोलबंद किया जाये।
चिराग पासवान और अरूण कुमार का मिलन समारोह पटना के पास कुर्जी मोहम्मदपुर गांव में आयोजित हुआ। पहले ये मिलन समारोह पटना के श्रीकृष्ण मेमोरियल हॉल में होना था लेकिन कोरोना को लेकर जारी प्रतिबंध के कारण वहां कार्यक्रम नहीं हो पाया. लिहाजा उसे पटना से सटे गांव में आयोजित किया गया।