ब्रेकिंग न्यूज़

मुजफ्फरपुर में हजरत दाता कंबल शाह का 144वां उर्स: पुलिस की चादर जुलूस, अमन-चैन की मांगी दुआ आरा में बाइक मैकेनिक की गोली मारकर हत्या, इलाके में सनसनी जन सुराज को फिर से खड़ा करने में जुटे प्रशांत किशोर, 15 नए प्रदेश महासचिव की लिस्ट जारी छपरा पहुंचे उपमुख्यमंत्री विजय कुमार सिन्हा, बोले..जन समस्याओं का होगा त्वरित समाधान बिहार में 6 अप्रैल से स्कूल का नया टाइमटेबल: 7 बजे से पहले बजेगी घंटी चंडीगढ़ में भाजपा कार्यालय के बाहर ब्लास्ट से हड़कंप, जांच में जुटीं पुलिस करप्शन किंग SDPO को हटाया गया: PHQ ने वापस बुलाया, EOU की रेड में करीब 80 करोड़ की संपत्ति का खुलासा टेंट हाउस के मालिक पर नाबालिग के साथ अश्लील हरकत करने का आरोप, आक्रोशित लोगों ने घर के बाहर किया हंगामा पटना में अगलगी की दो घटना: एंबुलेंस में लगी आग, AC फटने से नर्सिंग होम में मची अफरा-तफरी बिहार के इस जिले में नई चीनी मिल...100 एकड़ भूमि चिन्हित, गन्ना उद्योग विभाग के ACS ने जमीन का किया निरीक्षण

Home / news / नागरिकता कानून के विरोध में वाम दलों का बिहार बंद आज, राज्यभर में...

नागरिकता कानून के विरोध में वाम दलों का बिहार बंद आज, राज्यभर में हो रहा हंगामा-प्रदर्शन

19-Dec-2019 07:39 AM

PATNA: नागरिकता संशोधन कानून के विरोध में आज वाम दलों ने बिहार बंद बुलाया है. बिहार बंद को कांग्रेस, रालोसपा, वीआईपी, हम, जाप समेत विपक्षी पार्टियों और कई संगठनों ने समर्थन दिया है. बंद के समर्थन में बुधवार को वाम दलों ने राजधानी पटना समेत कई जिलों में मशाल जुलूस भी निकाला. वहीं बंद को देखते हुए राजधानी पटना के प्रमुख स्कूलों ने छुट्टी कर दी है. 


नागरिकता संशोधन कानून के खिलाफ वाम दलों के बिहार बंद को देखते हुए पटना के प्रमुख स्कूलों को बंद रखने का फैसला लिया गया है. बच्चों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए नॉट्रेडम एकेडमी, डॉन बॉस्को एकेडमी, सेंट जेवियर्स हाई स्कूल, डीपीएस पटना, सेंट माइकल हाई स्कूल, सेंट जोसेफ कॉन्वेंट, डीएवी स्कूल आज बंद है. वहीं सेंट माइकल हाई स्कूल, डीपीएस पटना में आज होने वाली प्री बोर्ड की परीक्षा भी स्थगित कर दी है. 


आपको बता दें कि नागरिकता संशोधन कानून के विरोध में देशभर में प्रदर्शन हो रहा है. इस कानून के खिलाफ विपक्षी पार्टियां लगातार मोदी सरकार के खिलाफ हंगामा और प्रदर्शन कर रही है. वाम दलों समेत सभी विपक्षी पार्टियों ने इस कानून को मुसलमानों के खिलाफ बताया है.