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27-Jul-2023 02:35 PM
By First Bihar
DESK: आंख आने की समस्या कहे या फ्लू के केस यह तेजी से बढ़ रहा है। इस बीमारी को कंजक्टिवाइटिस भी कहते हैं। इसमें आंख लाल हो जाता है और चुभन भी होती है। रह-रह कर आख से पानी निकलता है। आंख के खोलने में परेशानी होती है। इस बीमारी के बारे में लोगों का मानना है कि जिस व्यक्ति को आंख आ जाए और उसे देखने से अगले व्यक्ति को भी इस बीमारी से जुझना पड़ जाता है। यह एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति को होता है। यह बीमारी ना फैले इसलिए लोग आंख में काला चश्मा लगाकर रखते हैं।
बिहार-झारखंड समेत कई राज्यों में आई फ्लू के मरीज तेजी से बढ़ रहे हैं। बिहार के भी कई इलाकों में यही यही हालत है। राजधानी पटना में भी कई घरों में लोग आई फ्लू से परेशान हैं। यहां भी कई इलाके में किसी ना किसी को आंख आया हुआ है। बच्चों से लेकर बुजुर्ग तक इससे परेशान हैं। यह बीमारी इंफेक्शन की तरह फैलने लगती है। यही कारण है कि बच्चों से लेकर बुढे तक इसकी चपेट में आ रहे हैं। बता दें कि कंजविटवाइटिस में आंखों की छोटी रक्त वाहिकाएं सूज जाती है जिसके कारण उनमें जलन होने लगती है। जिसके काररण आंखों का सफेद भाग लाल या गुलाबी दिखने लगता है। यह वायरल संक्रमण के कारण होता है। आंख आने के बाद उजले रंग का चिपचिपा पदार्थ आंखों से निकलने लगता है।
इस दौरान जितना आंसू आना चाहिए उससे अधिक आंख से आंसू निकलने लगते हैं। आंखों में कभी कभी खुजली की समस्या भी होने लगती है। आंखों में जलन भी होता है। इस दौरान आंखों को खोलने में परेशानी होती है। हमेशा ऐसा एहसास होता है कि आंख में कुछ फंसा हुआ है। कभी कभी तो धुंधला भी दिखने लगता है। यदि इस तरह के लक्षण आए तो सबसे पहले आंखों के आस-पास सफाई रखे। गंदे हाथों से आंख को ना छूए। गंदे कपड़ों से भी आंख पोछने से बचे। इस दौरान कॉन्ट्रैक्ट लेंस पहनना बंद कर दें।
आई फ्लू के दौरान किसी के करीब जाने से बचे क्यों कि यह संक्रमित बीमारी है। यह एक से दूसरे में फैलता है। यदि आपकों भी आंख आया है तो घबराने की जरूरत नहीं है। कुछ दिन बाद यह ठीक हो जाता है। इसके लिए आपकों कुछ अंतराल पर आंखों को ठंडे पानी धोते रहना चाहिए। गुलाब जल से धोने से इंफेक्शन कम होता है। इसलिए गुलाब जल का इस्तेमाल करे। इस दौरान घर से बाहर ना निकले। डॉक्टर को दिखाए और उनके बताये दवाओं का सेवन करें और आंखों में आईड्रॉप डाले।
DESK: आंख आने की समस्या कहे या फ्लू के केस यह तेजी से बढ़ रहा है। इस बीमारी को कंजक्टिवाइटिस भी कहते हैं। इसमें आंख लाल हो जाता है और चुभन भी होती है। रह-रह कर आख से पानी निकलता है। आंख के खोलने में परेशानी होती है। इस बीमारी के बारे में लोगों का मानना है कि जिस व्यक्ति को आंख आ जाए और उसे देखने से अगले व्यक्ति को भी इस बीमारी से जुझना पड़ जाता है। यह एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति को होता है। यह बीमारी ना फैले इसलिए लोग आंख में काला चश्मा लगाकर रखते हैं।
बिहार-झारखंड समेत कई राज्यों में आई फ्लू के मरीज तेजी से बढ़ रहे हैं। बिहार के भी कई इलाकों में यही यही हालत है। राजधानी पटना में भी कई घरों में लोग आई फ्लू से परेशान हैं। यहां भी कई इलाके में किसी ना किसी को आंख आया हुआ है। बच्चों से लेकर बुजुर्ग तक इससे परेशान हैं। यह बीमारी इंफेक्शन की तरह फैलने लगती है। यही कारण है कि बच्चों से लेकर बुढे तक इसकी चपेट में आ रहे हैं। बता दें कि कंजविटवाइटिस में आंखों की छोटी रक्त वाहिकाएं सूज जाती है जिसके कारण उनमें जलन होने लगती है। जिसके काररण आंखों का सफेद भाग लाल या गुलाबी दिखने लगता है। यह वायरल संक्रमण के कारण होता है। आंख आने के बाद उजले रंग का चिपचिपा पदार्थ आंखों से निकलने लगता है।
इस दौरान जितना आंसू आना चाहिए उससे अधिक आंख से आंसू निकलने लगते हैं। आंखों में कभी कभी खुजली की समस्या भी होने लगती है। आंखों में जलन भी होता है। इस दौरान आंखों को खोलने में परेशानी होती है। हमेशा ऐसा एहसास होता है कि आंख में कुछ फंसा हुआ है। कभी कभी तो धुंधला भी दिखने लगता है। यदि इस तरह के लक्षण आए तो सबसे पहले आंखों के आस-पास सफाई रखे। गंदे हाथों से आंख को ना छूए। गंदे कपड़ों से भी आंख पोछने से बचे। इस दौरान कॉन्ट्रैक्ट लेंस पहनना बंद कर दें।
आई फ्लू के दौरान किसी के करीब जाने से बचे क्यों कि यह संक्रमित बीमारी है। यह एक से दूसरे में फैलता है। यदि आपकों भी आंख आया है तो घबराने की जरूरत नहीं है। कुछ दिन बाद यह ठीक हो जाता है। इसके लिए आपकों कुछ अंतराल पर आंखों को ठंडे पानी धोते रहना चाहिए। गुलाब जल से धोने से इंफेक्शन कम होता है। इसलिए गुलाब जल का इस्तेमाल करे। इस दौरान घर से बाहर ना निकले। डॉक्टर को दिखाए और उनके बताये दवाओं का सेवन करें और आंखों में आईड्रॉप डाले।