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काम कर गई तेजस्वी की प्रेशर टैक्टिस, 2020 के लिए पार्टी में नेतृत्व को ऐसे किया मैनेज

08-Jul-2019 11:38 AM

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PATNA : RJD में चल रहा घमासान अब खुलकर सामने आ चुका है. शनिवार को RJD की राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक में जो हुआ वो किसी से छिपा नहीं है. स्थापना दिवस से दूरी ताकि राष्ट्रीय कार्यकारिणी में रहे जलवा आरजेडी के स्थापना दिवस पर पार्टी के तमाम नेता पहुंचते हैं. लेकिन तेजस्वी यादव वहां जाना मुनासिब नहीं समझते. कहने वाले तो यहां तक कह रहे हैं कि पूर्व सीएम राबड़ी देवी मंच से तेजस्वी को फोन भी लगाती हैं लेकिन फिर भी तेजस्वी यादव स्थापन दिवस कार्यक्रम में नहीं पहुंचते हैं. तेजस्वी पटना में रहकर पार्टी की स्थापना दिवस में गैर हाजिरी होकर क्या मैसेज देना चाहेत हैं? तेजस्वी ने किया बड़े गेम पर स्ट्राइक पार्टी के स्थापना दिवस में तेजस्वी यादव जाना उचित नहीं समझते, लेकिन राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक में तेजस्वी यादव सबसे पहले पहुंचते हैं. होटल पहुंचकर वो सीधे चौथी मंजिल पर बैठ जाते हैं, राबड़ी देवी के साथ कल मीसा भारती आती हैं. दोनों कार्यक्रम स्थल पर जाते हैं लेकिन तेजस्वी नीचे नहीं उतरते. वो सीधे कार्यक्रम के शुरू होने से पहले कार्यक्रम हॉल में एंट्री करते हैं. तेजस्वी ने यहां भी बड़े बड़े गेम पर स्ट्राईक किया. प्रेशर पॉलिटिक्स में कामयाब रहे तेजस्वी ! राजनीतिक जानकार बताते हैं कि लोकसभा चुनाव में करारी शिकस्त के बाद तेजस्वी के नेतृत्व को लेकर पार्टी के अंदर और महागठबंधन में आवाज उठने लगी थी. तेजस्वी यादव को उनके करीबी लोगों ने यह जानकारी दी कि हार की समीक्षा में एक बात यह भी सामने आई है कि पार्टी के अंदर चल रहे घमासान भी हार की बड़ी वजह है. फीडबैक के बाद तेजस्वी यादव विधान सभा चुनाव से पहले यह तय कर लेना चाहते हैं कि पार्टी में उनकी हैसियत सबसे टॉप पर होगी. राजनीतिक जानकारों की माने तो तेजस्वी का अज्ञातवास, स्थापना दिवस से दूरी ये सब प्रेशर पॉलिटिक्स का हिस्सा है. तेजस्वी यह स्वीकार करवाने चाहते हैं कि पार्टी में उनका फैसला अंतिम हो.जानकार यह भी बताते हैं कि तेजस्वी लगभग इस प्रेशर पॉलटिक्स में सफल भी हो गए हैं. तभी तो हार के बाद तेजस्वी के नेतृत्व पर कई सवाल उठे लेकिन कल की बैठक में फिर से तेजस्वी की अगुवाई में विधान सभा चुनाव लड़ने की बात पर मुहर लग गई. पटना से गणेश की रिपोर्ट