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29-Jul-2022 09:38 PM
MUZAFFARPUR: देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृहमंत्री अमित शाह, वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण, रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव और उड्डयन मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया व 50 अज्ञात के खिलाफ अपर मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी-प्रथम पश्चिमी के कोर्ट में शुक्रवार को परिवाद दायर किया गया। परिवाद जैतपुर ओपी पोखरैरा निवासी अधिवक्ता विनायक कुमार ने दाखिल किया है। इस मामले की सुनवाई 6 अगस्त को होगी।
अधिवक्ता विनायक कुमार के अधिवक्ता सुधीर कुमार ओझा ने बताया कि परिवाद में संविधान का उल्लंघन करने व मौलिक अधिकार का हनन आरोप लगाया गया है। इसमें कहा गया है कि देश की सार्वजनिक संस्थानों का निजीकरण कर समानता के अधिकार को छीना गया है। इससे देश में बेरोजगारी व अराजकता बढ़ी है।
परिवादी अधिवक्ता विनायक कुमार की ओर से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, निर्मला सीतारमण, अमित शाह, अश्विनी वैष्णव, ज्योतिराज सिंधिया अज्ञात 50 देशद्रोह का मुकदमा दर्ज किया गया है। आम नागरिकों के मौलिक अधिकार का हनन किया गया है। उनके रोजगार के अवसरों को खत्म किया गया है। इसलिए यह मुकदमा दर्ज कराया गया है।
भारत के संविधान के आर्टिकल 21,37,38,39 का खुल्लेआम उल्लंघन बीजेपी के इन नेताओं ने किया है। अधिवक्ता ने बताया कि मौलिक अधिकार का हनन नहीं किया जा सकता। लगातार निजीकरण किया जा रहा है। सरकारीकरण का बढ़ावा देना है। निजीकरण नहीं करना है। संविधान के उल्लंघन को लेकर यह देशद्रोह का मुकदमा दर्ज किया गया है। इस मामले पर अगली सुनवाई 6 अगस्त को होगी।