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29-Aug-2020 06:42 AM
PATNA : पटना एम्स के एक पूर्व एचओडी के खिलाफ सीबीआई ने बड़ी कार्रवाई की है। भ्रष्टाचार से जुड़े एक मामले में पटना एम्स के दंत चिकित्सा विभाग के पूर्व विभागाध्यक्ष डॉ शैलेश कुमार मुकुल के खिलाफ सीबीआई ने एक्शन लिया है। गुरुवार को डॉ शैलेश कुमार मुकुल के कई ठिकानों पर सीबीआई ने छापेमारी की है। सीबीआई को इस छापेमारी के दौरान कई अहम दस्तावेज मिले हैं।
दरअसल डॉ शैलेश कुमार मुकुल पर आरोप है कि उन्होंने मरीजों को अधिक दाम पर दांत के इंप्लांट में इस्तेमाल होने वाले सामान मुहैया कराए। इसके लिए एम्स की पर्ची का इस्तेमाल नहीं कर अलग से सादे कागज पर उन्होंने मरीजों को सामान खरीदने की लिस्ट दी। साथी ही साथ यह भी कहा कि सामान कहां मिलेगा और किससे खरीदना है। आरोप है कि बेंगलुरु की एक कंपनी के पटना स्थित डिस्ट्रीब्यूटर से मिलकर डॉ शैलेश कुमार मुकुल यह पूरा रैकेट चला रहे थे। सीबीआई ने इस मामले में डॉ शैलेश कुमार मुकुल के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की है। इस प्राथमिकी में इस बात का जिक्र है कि साल 2013 से लेकर 2019 तक पटना एम्स में रहते हुए खेल खेलते रहे।
गुरुवार को डॉ मुकुल के खिलाफ इसी मामले में सीबीआई एक्शन में नजर आई। उनके पटना एम्स स्थित आवासीय परिसर में छापेमारी की गई। उनके चेंबर को भी सीबीआई ने खंगाला। सूत्रों के मुताबिक काफी दिनों से उनका चेंबर बंद पड़ा था। सीबीआई ने पटना के गोविंद मित्र रोड में भी छापेमारी की है। कंपनी के डिस्ट्रीब्यूटर के ठिकानों के अलावे बेंगलुरु में भी कंपनी के ऑफिस की तलाशी ली गई है। छापेमारी के दौरान इस बात के सबूत मिले हैं कि मरीजों को इलाज के लिए वाली पर्ची लिखी थी हालांकि सीबीआई ने इस मामले में अब तक आधिकारिक तौर पर कोई बयान जारी नहीं किया है। आपको बता दें कि डॉ शैलेश कुमार मुकुल फिलहाल निलंबित हैं।