चिराग पासवान ने किया बड़ा खुलासा, मुख्यमंत्री की दौड़ से खुद को बताया बाहर, जानिए… नए सीएम पर क्या बोले? Bihar Transport News: परिवहन विभाग के MVI की गाड़ी और 'भतीजा' के अवैध वसूली का खेल, शिकायत पर गाड़ी जब्त...दो हिरासत में पटना जंक्शन पर रेल पुलिस की बड़ी कार्रवाई, 7 लाख के गहनों के साथ तीन शातिर गिरफ्तार पटना जंक्शन पर रेल पुलिस की बड़ी कार्रवाई, 7 लाख के गहनों के साथ तीन शातिर गिरफ्तार बिहार में पैक्स चुनाव में बड़ा बदलाव: अब आम लोग भी बन सकेंगे सदस्य… जानिए कैसे बदल गई पूरी प्रक्रिया Bihar Bhumi: बिहार में जमीन सर्वे और भूमि रिकॉर्ड डिजिटलाइजेशन की रफ्तार हुई धीमी, 4.6 करोड़ आवेदन लंबित; फेल होगी डेडलाइन? Bihar Bhumi: बिहार में जमीन सर्वे और भूमि रिकॉर्ड डिजिटलाइजेशन की रफ्तार हुई धीमी, 4.6 करोड़ आवेदन लंबित; फेल होगी डेडलाइन? रामनवमी से पहले घर में लाएं ये 5 शुभ चीजें, दूर होंगे वास्तु दोष; आएगी सुख-समृद्धि रामनवमी से पहले घर में लाएं ये 5 शुभ चीजें, दूर होंगे वास्तु दोष; आएगी सुख-समृद्धि ‘पटना के गर्ल्स हॉस्टल में रहने वाली लड़कियों को देंगे मुफ्त LPG सिलेंडर’, पप्पू यादव का बड़ा एलान
18-Nov-2021 09:30 AM
MUZAFFARPUR: बिहार में पंचायत चुनाव के दौरान में अजीबोगरीब नतीजे देखने को मिल रहे हैं एक ही परिवार से कई सदस्य चुनाव मैदान में अपनी किस्मत आजमा रहे हैं तो वही परिवार के किसी सदस्य को जीत मिल रही है तो कोई चुनाव में हार रहा है मीनापुर में चतुरसी पंचायत से एक ऐसी ही खबर समेत यहां बुधवार को मतगणना के दौरान पोते ने मुखिया पद पर जीत हासिल की लेकिन दादा चुनाव हार गए.
जहां औराई में सास और बहु मुखिया पद के की लड़ाई भी दिलचस्प रही. वहीं मीनापुर के मुखिया पद के लिए उतरे दादा पौता की लडाई भी काफी मजेदार रही. बुधवार को हुई वोटों की गिनती में पोता दिवाकर कुमार मुखिया पद जीते जबकि दादा महानंद राय चुनाव हार गए.
बता दें वहां के निवर्तमान मुखिया महानंद राय सहित कई और उम्मीदवार मुखिया पद के लिए अपनी किसमत आजमा रहे थे. जहां दिवाकर कुमार ने अपने बबिता देवी को पराजित कर मुखिया पद अपने नाम कर लिया. लेकिन चुनाव के इस मैदान में दादा पोते की लडाई भी दिलचस्प रही.
26 पंचायत में केवल एक निवर्तमान मुखिया संगीता देवी हरसेर पंचायत से दोबारा मुखिया पौत्र दिवाकर कुमार सहित कई अन्य उम्मीदवार बनने में कामयाब रही. 26 पंचायतों में 25 नए चुनाव मैदान में अपना किस्मत आजमा रहे मुखिया जितने में कामयाब रहे. हालाकिं कई मुखिया आमने-सामने की लड़ाई में भी नहीं दिखे.