बिहार में ऑर्केस्ट्रा के नाम पर चल रहा मानव तस्करी का खेल, 9 नाबालिग समेत 10 लड़कियों का रेस्क्यू बिहार में ऑर्केस्ट्रा के नाम पर चल रहा मानव तस्करी का खेल, 9 नाबालिग समेत 10 लड़कियों का रेस्क्यू BPL solar panel : बिहार में बीपीएल परिवारों के लिए बड़ी राहत! घर की छत पर अब फ्री सोलर पैनल, जानें इसके लिए कब तक कर सकते हैं अप्लाई? इस साल अगर आपका भी है टॉपरों की लिस्ट में नाम, तो हो जाएंगे मालामाल: BSEB ने प्राइज मनी में किया बदलाव, जानिए अब कितनी मिलेगी राशि मिडिल ईस्ट में तनाव का असर: भारत में बढ़ गए पेट्रोल के दाम, इतने रुपये की हुई बढ़ोतरी मिडिल ईस्ट में तनाव का असर: भारत में बढ़ गए पेट्रोल के दाम, इतने रुपये की हुई बढ़ोतरी Indian Railways : रेलवे में अब कोई लापरवाही बर्दाश्त नहीं! इस वजह से समय से पहले 6 अफसर को कर दिया रिटायर; पढ़िए पूरी खबर बाइक और ट्रक में जोरदार टक्कर: मेला से लौट रहे तीन दोस्तों की दर्दनाक मौत, इलाके में कोहराम Bihar Road : बिहार के इस इलाके के लोगों की बदलेगी किस्मत, देवघर जाना हुआ आसान; यात्री और व्यापारियों के लिए बड़ी राहत! क्या आपका भी इस बैंक में है खाता? तो कर लें यह काम, नहीं तो बंद हो जाएगा अकाउंट
21-Jan-2020 05:31 PM
PATNA : हजारों करोड की लागत से पटना में नया म्यूजियम बनाने वाले नीतीश कुमार को पटना के पुराने म्यूजियम की याद आयी है. अब पुराने म्यूजियम का कायाकल्प होगा. राज्य सरकार इसके लिए 158 करोड़ रूपये खर्च करेगी. नीतीश कैबिनेट की बैठक में इसकी मंजूरी दी गयी.
अब आयी पुराने म्यूजियम की याद
1917 में बना पटना म्यूजियम देश विदेश में प्रसिद्ध रहा है. लेकिन नीतीश कुमार को पटना में नया म्यूजियम बनाने की सूझी. लिहाजा अरबो रूपये खर्च कर पटना में नया बिहार म्यूजियम बना दिया गया था. पुराने और ऐतिहासिक म्यूजियम की अनदेखी के कारण नीतीश कुमार की आलोचना भी हुई. अब नीतीश कुमार को उसकी याद आयी. पटना के पुराने म्यूजियम यानि पटना म्यूजियम को चमकाने के लिए राज्य सरकार ने 158 करोड़ रूपये खर्च करने की मंजूरी दे दी है. नीतीश कैबिनेट की बैठक में आज इसकी मंजूरी दे दी गयी.
यक्षिणी की मूर्ति के लिए प्रसिद्ध रहा है पटना म्यूजियम
पटना म्यूजियम यक्षिणी की मूर्ति के लिए विश्व प्रसिद्ध रहा है. बलुआ पत्थर से बनी ये मूर्ति अप्रतिम स्त्री सौन्दर्य को दिखाती है. 1917 में ये मूर्ति पटना के दीदारगंज के पास कीचड में पड़ी मिली थी. 5 फीट 2 इंच लंबी ये मूर्ति मौर्यकाल में बनी हुई बतायी जाती है. ये मूर्ति प्राचीन भारत में स्त्री सौन्दर्य का दर्शन कराती है. यक्षिणी की मूर्ति ये भी बताती है कि प्राचीन काल में बिहार की शिल्प कला बेहद उम्दा थी.