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02-Apr-2021 03:16 PM
NALANDA : कई ऐतिहासिक फैसले सुनाकर हर वक्त सुर्खियों में रहनेवाले वाले किशोर न्याय परिषद के प्रधान दंडाधिकारी मानवेंद्र मिश्रा ने अपना 37 वां जन्मदिन बिहारशरीफ के कमरुद्दीनगंज स्थित बाल गृह अनाथ आश्रम में रक्षित अनाथ बच्चों के बीच केक काटकर मनाया. इसके बाद उन्होंने अनाथ बच्चों के बीच काफी समय गुजारा और उन्हें खुद खाना परोस कर खिलाया.
अनाथ आश्रम में वैसे बच्चे हैं जिनके सर पर न मां का आंचल है ना पिता का साया, वो बच्चे जो गरीबी की मार से, बाल मजदूरी से छूटकर बाल गृह में अपना जिंदगी जी रहे हैं, वैसे बच्चे जिन्हें अपने जन्म के बारे में मालूम नहीं कि आखिर उनका जन्म कब हुआ. उन अनाथ बच्चों के बीच जब खुशियां लेकर जज मानवेंद्र मिश्र पहुंचे तो अनाथ बच्चे काफी उत्साहित दिखे. उन्हें मां-पिता सा प्यार दिया जिससे बच्चे काफी खुश दिखे.
इस मौके पर उन्होनें कहा कि थोड़ा ही वक्त इन बच्चों के बीच गुजार कर आनन्द का अनुभव होता है. जज मानवेंद्र मिश्रा ने बताया कि वह 2007 से ही अपना जन्मदिन अनाथ आश्रम में मनाते आ रहे हैं और उन्हें बेहद खुशी होती है. उन्होनें जिलेवासियों से भी इस तरह के ख़ुशी के मौके इन बच्चों के बीच मनाने की अपील की.
गौरतलब है कि जज मानवेंद्र मिश्र किशोर अपराध के मामले में कई अनोखी और चर्चित फैसले सुना चुके हैं. वे किशोर अभियुक्तों को समाज की मुख्यधारा से जोड़ने तथा उन्हें सामाजिकता और समाज की उस हकीकत को पहचानने का मौका भी दिया. ताकि किशोर समाज की मुख्यधारा से जुड़ कर स्वावलंबी बनकर खुद को एक बेहतर नागरिक बना सके और कुछ इसी तरह समाज सेवा के भाव से समाज में आगे बढ़ता रहे.