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23-Jul-2021 05:11 PM
PATNA : मर्डर केस में पिछले 8 सालों से फरार चल रहे बिहार के आईपीएस अधिकारी के खिलाफ सरकार कार्रवाई करने की तैयारी में जुट गई है. सात दिनों में उन्हें हाजिर होने का निर्देश जारी किया गया है. मिली जानकारी के अनुसार उन्हें नियुक्त अधिकारी के सामने हाजिर होना है.
आपको बता दें कि पटना के कोतवाली थाना में DSP अरशद जमां के खिलाफ हत्या का केस दर्ज है. बताया जाता है कि डीएसपी पर हिरासत में रहे एक अभियुक्त को टार्चर कर जान से मारने का आरोप है. डीएसपी के खिलाफ कोतवाली थाना में कांड संख्या 503-03 दर्ज है. DSP के खिलाफ धारा 302, 342, 201 और 34 आईपीसी के अंतर्गत आरोपपत्र भी समर्पित है. इनके खिलाफ कोर्ट से वारंट निर्गत है और वे उस कांड में फरार चल रहे हैं.
मिली जानकारी के अनुसार, बिहार सरकार ने 30 जून 2013 से कर्तव्य से अनुपस्थिति को सामान्य अनुपस्थिति नहीं माना है. गृह विभाग के अपर मुख्य सचिव की अध्यक्षता में 9 जुलाई 2021 को बैठक हुई थी. बैठक में कमेटी ने यह फैसला लिया था कि डीएसपी अरशद जमां 30 जून 2013 से अनुपस्थित हैं. अरशद जमां का उपरोक्त आचरण अनुशासनहीनता, स्वेच्छाचारिता, मनमाना, सरकार के आदेश की अवहेलना को दर्शाता है.
विभागीय समीक्षा में आईपीएस अधिकारी के खिलाफ लगाए गए आरोपों के संबंध में तथ्यों का विस्तृत विश्लेषण करने के लिए जांच प्राधिकार की नियुक्ति की गई है. ताकि उनके खिलाफ विभागीय कार्यवाही संचालित की जा सके. विभागीय कार्यवाही संचालन के लिए पुलिस महा निरीक्षक आधुनिकीकरण के.एस. अनुपम को संचालन पदाधिकारी नियुक्त किया गया है. वहीं अपराध अनुसंधान विभाग के पुलिस उपाधीक्षक अभिजीत कुमार सिंह को प्रस्तुतीकरण पदाधिकारी बनाया गया है. गृह विभाग ने अपने आदेश में कहा है कि अरशद जमां पुलिस महानिरीक्षक आधुनिकीकरण के कार्यालय में सात दिनों के अंदर उपस्थित होकर अपना पक्ष रखें.