बिहार से चोरी हुआ ट्रैक्टर राजस्थान से बरामद, एक आरोपी भी गिरफ्तार गोपालगंज में अवैध शराब पर बड़ी कार्रवाई, करोड़ों की वाइन पर चला बुलडोजर South Bihar Express : साउथ बिहार एक्सप्रेस में सीट को लेकर जमकर हुआ विवाद, कबड्डी खिलाड़ियों पर हमला; चार-पांच जख्मी Bihar police alert : समस्तीपुर कोर्ट को बम से उड़ाने की धमकी, डिस्ट्रिक्ट जज के ई-मेल पर आया मैसेज दरभंगा में समृद्धि यात्रा के दौरान मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने किया ऐलान, कहा..सरकारी डॉक्टरों की प्राइवेट प्रैक्टिस पर नहीं चलेगी गेहूं के खेत में मृत मिला बाघ, इलाके में दहशत, करंट लगने से मौत की आशंका Bihar police alert : बिहार के कई जिलों की अदालतों को बम से उड़ाने की धमकी, पटना सिविल कोर्ट से दो युवक पिस्तौल के साथ गिरफ्तार JEHANABAD: अतिक्रमण हटाने गई पुलिस टीम पर पथराव, दो जवान घायल Bihar Land News : बोधगया अंचल के सभी कर्मचारियों की जॉब हिस्ट्री तैयार करने और संपत्ति दस्तावेजों की जांच का आदेश, विजय कुमार सिन्हा सख्त Bihar land news : सैन्य कर्मियों और विधवाओं के भूमि मामलों में अब नहीं होगी देरी, तत्काल प्रभाव से होगा काम; गड़बड़ी करने वालों पर FIR के आदेश
14-Nov-2020 09:30 PM
DESK : केंद्र की मोदी सरकार के फैसले के खिलाफ कांग्रेस ने जम्मू कश्मीर की क्षेत्रीय पार्टियों के साथ हाथ मिला लिया है। कांग्रेस ने जम्मू कश्मीर में 6 पार्टियों के संगठन गुपकर गठबंधन में शामिल होते हुए कहा है कि उसका मकसद राज्य में कुल मतों का विभाजन रोकना है। इस गठबंधन का मकसद से इस साल अगस्त महीने में जम्मू कश्मीर में संविधान के अनुच्छेद 370 के प्रावधानों को खत्म किए जाने के फैसले का विरोध करना है।
जम्मू कश्मीर प्रदेश कांग्रेस कमेटी ने इस बात की घोषणा कर दी है कि वह गुपकर घोषणा पत्र गठबंधन यानी पीजीएडी में शामिल हो गई है। कश्मीर में गुपकर स्थित महबूबा मुफ्ती के आवास पर इस गठबंधन की बैठक हुई। पीडीपी अध्यक्ष महबूबा मुफ्ती को इस गठबंधन की उपाध्यक्ष जबकि नेशनल कांफ्रेंस के नेता फारूक अब्दुल्ला अध्यक्ष बनाए गए हैं।
इस गठबंधन ने एक साझा घोषणा पत्र जारी किया है जिसमें संविधान के अनुच्छेद 370 के ज्यादातर उन प्रावधानों को निरस्त करने के फैसले को असंवैधानिक करार देते हुए इस की बहाली के लिए आंदोलन करने की घोषणा की गई है। कांग्रेस नेता गुलाम नबी मूंगा ने कहा है कि हम गठबंधन के साथ हैं और गठबंधन एकजुटता के साथ आंदोलन की रूपरेखा तय करेगा। आपको बता दें कि महबूबा मुफ्ती ने सीमा पर जारी तनाव को लेकर चिंता जताते हुए इसे बातचीत से हल करने की सलाह दी है।