1st Bihar Published by: First Bihar Updated Wed, 28 Jan 2026 12:09:40 PM IST
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BIHAR BHUMI : बिहार सरकार ने राजस्व और भूमि सुधार विभाग में कार्यरत कर्मचारियों के पुनर्वितरण को लेकर बड़ा आदेश जारी किया है। शुक्रवार को गया जी में राजस्व और भूमि सुधार विभाग से जुड़ी समस्याओं की समीक्षा करते हुए मुख्यमंत्री के विशेष प्रतिनिधि और विभागीय मामलों की देखरेख कर रहे विजय कुमार सिन्हा ने मौके पर यह निर्देश दिया कि जहां समस्या अधिक है वहां कर्मचारियों की संख्या भी अधिक होनी चाहिए, जबकि जहां समस्या कम है वहां कर्मचारियों की संख्या अधिक है, वहां से अतिरिक्त कर्मचारियों को उन क्षेत्रों में भेजा जाए जहां काम की जरूरत ज्यादा है।
विजय कुमार सिन्हा आज गया जी में विभागीय अधिकारियों और अंचल स्तर के पदाधिकारियों के साथ बैठक कर रहे थे। इस दौरान उन्हें यह अवलोकन करने का मौका मिला कि कई अंचलों में कार्यभार कम होने के बावजूद कर्मचारियों की संख्या अपेक्षाकृत अधिक है, जबकि कुछ ऐसे अंचल हैं जहां समस्याओं की संख्या अधिक है लेकिन कर्मचारियों की संख्या बेहद कम है। इस असंतुलन को देखकर उन्होंने विभागीय सचिव को स्पष्ट आदेश दिया कि कर्मचारियों के पुनर्वितरण की प्रक्रिया को तुरंत प्रभाव से लागू किया जाए।
सिन्हा ने कहा कि विभागीय कार्यकुशलता और जनता को समय पर सेवाएं उपलब्ध कराने के लिए यह आवश्यक है कि संसाधनों का सही वितरण हो। उन्होंने यह भी निर्देश दिया कि कर्मचारियों का तबादला केवल आवश्यकता के आधार पर ही किया जाए, ताकि विभागीय कार्य प्रभावित न हो और जमीन और राजस्व से संबंधित मामलों का निपटारा समय पर हो सके।
विजय सिन्हा ने विभागीय सचिव को यह भी कहा कि यह सुनिश्चित करें कि नए स्थान पर भेजे गए कर्मचारियों को उनके कार्यभार के अनुसार प्रशिक्षित किया जाए और उन्हें काम में कोई समस्या न हो। उन्होंने यह भी कहा कि कर्मचारियों की संख्या और कार्यभार के संतुलन से विभाग में कार्यकुशलता बढ़ेगी और जनता को समय पर सेवाएं उपलब्ध होंगी।
इस अवसर पर विभागीय सचिव ने बताया कि अंचल स्तर पर समस्याओं की संख्या और कर्मचारियों की संख्या का डेटा पहले से उपलब्ध है। सचिव ने कहा कि उन्होंने हर अंचल के कार्यभार और कर्मचारियों की संख्या का विस्तृत रिकॉर्ड तैयार कर लिया है। इसके आधार पर जल्द ही पुनर्वितरण की प्रक्रिया शुरू की जाएगी।
विभागीय अधिकारियों ने बताया कि कुछ अंचलों में समस्याओं की संख्या अधिक होने के बावजूद कर्मचारियों की कमी के कारण काम में देरी हो रही थी। इसके चलते जनता को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा था। वहीं, कुछ अंचलों में कार्यभार कम होने के बावजूद कर्मचारियों की संख्या अधिक थी, जिससे संसाधनों का सही उपयोग नहीं हो पा रहा था।
मुख्य निर्देश में यह भी कहा गया कि पुनर्वितरण की प्रक्रिया पारदर्शी और समयबद्ध हो। किसी भी कर्मचारी को असुविधा नहीं हो और सभी को उनके अनुभव और कार्यकुशलता के आधार पर सही स्थान पर तैनात किया जाए। विजय सिन्हा ने स्पष्ट किया कि यह कदम विभागीय कार्यकुशलता और जनता को बेहतर सेवाएं देने के उद्देश्य से उठाया गया है।
विशेषज्ञों का कहना है कि कर्मचारियों का सही तरीके से पुनर्वितरण न केवल विभाग की कार्यकुशलता बढ़ाएगा बल्कि भूमि सुधार और राजस्व से जुड़े मामलों में तेजी लाने में भी मदद करेगा। इस निर्णय से यह सुनिश्चित होगा कि समस्या वाले अंचल में पर्याप्त कर्मचारियों की उपस्थिति रहे और जनता को लंबित मामलों के समाधान में कोई देरी न हो।
इस पहल को विभाग में सकारात्मक कदम के रूप में देखा जा रहा है। अधिकारियों का मानना है कि इस दिशा में कदम उठाने से राजस्व और भूमि सुधार विभाग में कार्यभार का संतुलन बनाए रखा जा सकेगा और कर्मचारियों की संख्या एवं कार्यभार के बीच सामंजस्य स्थापित होगा। इस आदेश के बाद अगले कुछ हफ्तों में अंचल स्तर पर कर्मचारियों का पुनर्वितरण शुरू हो जाएगा। विभाग के अधिकारियों ने आश्वासन दिया कि यह प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी और योजनाबद्ध तरीके से पूरी की जाएगी।
विजय कुमार सिन्हा का यह निर्देश स्पष्ट संकेत है कि बिहार सरकार जनता को समय पर सेवाएं देने और विभागीय कार्यकुशलता बढ़ाने के लिए गंभीर कदम उठा रही है। कर्मचारियों का सही स्थान पर होना और समस्या वाले अंचलों में पर्याप्त स्टाफ की उपलब्धता सुनिश्चित करना विभागीय सुधार की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।