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03-Sep-2023 10:15 AM
By First Bihar
PATNA : बिहार लोक सेवा आयोग के तरफ से देश में पहली बार एकसाथ 1.50 लाख टीचर बहाली परीक्षा आयोजित करवाई गई। बिहार में डोमिसाइल नीति खत्म होने के बाद पहली दफा राज्य देश के अलग-अलग हिस्सों से शिक्षक अभ्यर्थी परीक्षा देने बिहार आए। तीन दिनों तक चली इस परीक्षा में लगभग 8 लाख से अधिक शिक्षक अभ्यर्थी शामिल हुए। इसके बाद अब जो जानकारी निकाल कर सामने आई है उसके मुताबिक अगर शिक्षक अभ्यर्थी हिंदी, अंग्रेजी और संस्कृत के विषयों में सिर्फ इस एग्जाम में क्वालीफाई करते हैं तो उनकी नौकरी पक्की है। इसके अलावा गणित और विज्ञान के अभ्यर्थियों के लिए भी कंपटीशन काफी कम है। जबकि सबसे अधिक कंपटीशन सामाजिक विज्ञान के अभ्यर्थियों के लिए होने वाला है।
दरअसल, शिक्षक नियुक्ति परीक्षा में माध्यमिक स्कूल के शिक्षक के लिए जिन अभ्यर्थियों ने परीक्षा दिया है उसके मुताबिक अगर सामाजिक विषय की करें तो इसमें सबसे अधिक प्रत्यास्थ श्रद्धा है सामाजिक विज्ञान विषय में पदों की संख्या 5425 है जबकि परीक्षा में शामिल होने वाले अभ्यर्थियों की संख्या 26 हजार से अधिक है। इसी तरह गणित में पदों की संख्या 5425 है और आवेदकों की संख्या 7000 से थोड़ी अधिक है इसलिए इसमें अधिक कंपटीशन होने की उम्मीद नहीं जताई जा रही है। विज्ञान की बात करें तो इसमें भी 5425 पद हैं और आवेदकों की संख्या छह हजार के आसपास बताई जा रही है ऐसे में इस विषय के भी अभ्यर्थियों के लिए कंपटीशन काफी कम नजर आ रहा है।
अगर हम बात करें सबसे कम कंपटीशन की तो हिंदी में पदों की संख्या 5486 है, अंग्रेजी में 5425 और संस्कृत में 2839 पद हैं। इन विषयों के लिए जो अभ्यर्थी परीक्षा में शामिल हुए हैं उनकी संख्या पदों की संख्या से भी काम है ऐसे में इन विषयों में सिर्फ क्वालीफाई करने वाले स्टूडेंट की नौकरी पक्की मानी जा रही है। सबसे अधिक सबसे अधिक अगर किसी विषय अभ्यर्थी की नौकरी पक्की मानी जा रही है तो वह उर्दू है यहां पदों की संख्या 2300 है और अभ्यर्थियों की संख्या महज एक हजार है।
वहीं, उच्च माध्यमिक में कंप्यूटर साइंस में पदों की संख्या 8395 है। जबकि परीक्षा में 17 हजार अभ्यर्थी परीक्षा में शामिल हुए। इसी तरह से गणित में 2673 पद हैं, परीक्षा में लगभग 2700 अभ्यर्थी शामिल हुए। शेष अन्य विषयों जैसे, जन्तु विज्ञान, वनस्पति विज्ञान, रसायन शास्त्र, अंग्रेजी, मैथिली और भौतिकी में पद से कम अभ्यर्थी शामिल हुए हैं। इनमें अभ्यर्थी तय अर्हता लायक अंक प्राप्त कर लेंगे तो नौकरी पक्की है।
आपको बताते चलें कि, बीपीएससी शिक्षक नियुक्ति परीक्षा में माध्यमिक और उच्च माध्यमिक के कई विषयों में सीट के बराबर शिक्षक नहीं मिलेंगे। कुछ विषयों में अभ्यर्थियों के बीच कड़ी प्रतिस्पर्धा रहेगी। बिहार लोक सेवा आयोग की ओर से ली गई शिक्षक नियुक्ति परीक्षा में जितने पद सृजित किये गए हैं, उस हिसाब से अभ्यर्थियों की संख्या कई विषयों में कम है। ऐसी स्थिति में माध्यमिक और उच्च माध्यमिक दोनों में नियुक्ति के बाद भी पद रिक्त रह जाएंगे।बीपीएससी के अध्यक्ष अतुल प्रसाद ने ट्वीट कर जानकारी दी थी कि माध्यमिक और उच्च माध्यमिक में कुछ विषयों को छोड़कर कई विषयों में अभ्यर्थी अगर सिर्फ तय अर्हता अंक प्राप्त कर लेंगे तो सफल हो जाएंगे। हालांकि, बचे हुए पदों के लिए दोबारा परीक्षा आयोजित करानी होगी।