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BIHAR NEWS : जदयू नेता के भाई पर जानलेवा हमला, गला रेतकर हत्या की कोशिश; ICU में हुए एडमिट

जमुई जिले के बरहट थाना क्षेत्र में सुबह उस वक्त सनसनी फैल गई जब जदयू नेता सह पूर्व जिला परिषद अध्यक्ष ब्रह्मदेव रावत के छोटे भाई विनोद रावत पर अज्ञात अपर

BIHAR NEWS : जदयू नेता के भाई पर जानलेवा हमला, गला रेतकर हत्या की कोशिश; ICU में हुए एडमिट
Tejpratap
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5 मिनट

BIHAR NEWS : जमुई जिले के बरहट थाना क्षेत्र में एक सनसनीखेज वारदात सामने आई है। डाढा गांव के समीप मॉर्निंग वॉक पर निकले जदयू नेता सह पूर्व जिला परिषद अध्यक्ष ब्रह्मदेव रावत के छोटे भाई विनोद रावत (62) पर अज्ञात हथियारबंद अपराधियों ने तेजधार हथियार से हमला कर दिया। अपराधियों ने विनोद रावत का गला रेतने की कोशिश की, जिससे वे गंभीर रूप से घायल होकर सड़क पर गिर पड़े। घटना के बाद पूरे इलाके में दहशत का माहौल है।


प्राप्त जानकारी के अनुसार, विनोद रावत रोज की तरह मॉर्निंग वॉक के लिए घर से निकले थे। इसी दौरान घात लगाए अपराधियों ने उन पर अचानक हमला कर दिया। तेजधार हथियार से किए गए हमले में उनका गला गंभीर रूप से जख्मी हो गया। हमले के बाद अपराधी मौके से फरार हो गए। सड़क पर लहूलुहान हालत में गिरे विनोद रावत को देखकर राहगीरों ने शोर मचाया, जिसके बाद आसपास के लोग और परिजन मौके पर पहुंचे।


परिजनों द्वारा उन्हें तत्काल इलाज के लिए सदर अस्पताल जमुई ले जाया गया। हालांकि यहां पहुंचने के बाद एक और गंभीर समस्या सामने आई। जदयू नेता ब्रह्मदेव रावत का आरोप है कि सदर अस्पताल में न तो कोई चिकित्सक मौजूद था और न ही स्वास्थ्य कर्मी, जिससे घायल का समय पर इलाज नहीं हो सका। घायल की हालत लगातार बिगड़ती देख परिजन उन्हें शहर के एक निजी क्लीनिक में लेकर पहुंचे, जहां उन्हें आईसीयू में भर्ती कराया गया। चिकित्सकों के अनुसार, विनोद रावत की स्थिति अब भी गंभीर बनी हुई है।


घटना की सूचना मिलते ही बरहट थाना की पुलिस मौके पर पहुंची और मामले की जांच शुरू कर दी है। पुलिस आसपास के लोगों से पूछताछ कर रही है और घटनास्थल के पास लगे संभावित सीसीटीवी कैमरों की भी जांच की जा रही है। पुलिस का कहना है कि सभी पहलुओं को ध्यान में रखकर जांच की जा रही है और जल्द ही अपराधियों की पहचान कर उन्हें गिरफ्तार किया जाएगा।


इस हमले के पीछे जमीन विवाद की आशंका जताई जा रही है। जानकारी के अनुसार, विनोद रावत हाल ही में दिल्ली से अपने गांव सुदामापुर लौटे थे। वे दिल्ली में अपनी बेटी और दामाद के साथ दवा का कारोबार करते थे। करीब दो महीने पहले वे जमुई आए थे और गांव में रह रहे थे। परिजनों के अनुसार, परिवार की जमीन से जुड़ा एक विवाद चल रहा था और दो दिन बाद जमीन की रजिस्ट्री भी होनी थी। ऐसे में आशंका जताई जा रही है कि इसी विवाद को लेकर उन पर हमला किया गया हो।


जदयू नेता ब्रह्मदेव रावत ने बताया कि उनके छोटे भाई ने उन्हें भी मॉर्निंग वॉक पर चलने के लिए कहा था, लेकिन तबीयत ठीक नहीं होने के कारण वे घर पर ही रुक गए। विनोद रावत अकेले ही मॉर्निंग वॉक के लिए निकले थे। कुछ समय बाद स्थानीय लोगों से सूचना मिली कि वे सड़क पर गिरे पड़े हैं। पहले तो लगा कि ठंड या कमजोरी के कारण गिर गए होंगे, लेकिन जब पास जाकर देखा गया तो गर्दन पर गंभीर जख्म था, जिससे साफ हो गया कि उन पर जानलेवा हमला किया गया है।


घटना के बाद सदर अस्पताल की व्यवस्था को लेकर भी गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। ब्रह्मदेव रावत ने नाराजगी जताते हुए कहा कि जब एक गंभीर घायल व्यक्ति का इलाज सदर अस्पताल में नहीं हो पा रहा है, तो आम लोगों के इलाज की स्थिति का अंदाजा लगाया जा सकता है। उन्होंने स्वास्थ्य विभाग की लापरवाही पर सवाल उठाते हुए मामले की जांच की मांग की है।


फिलहाल विनोद रावत का इलाज निजी क्लीनिक के आईसीयू में चल रहा है और परिजन उनके शीघ्र स्वस्थ होने की कामना कर रहे हैं। वहीं पुलिस जमीन विवाद समेत अन्य बिंदुओं पर जांच को आगे बढ़ा रही है। इस घटना ने एक बार फिर जिले में कानून-व्यवस्था और स्वास्थ्य व्यवस्था की स्थिति पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।