ब्रेकिंग
मोबाइल टावर पर चढ़ा BSC नर्सिंग का छात्र, घंटों चला हाई वोल्टेज ड्रामापटना से किसके आदेश पर भरत भूषण तिवारी पर चली गोली? महापंचायत में गरजे प्रशांत किशोर, सम्राट सरकार को दे दिया अल्टीमेटमबिहार में भीषण सड़क हादसा: ऑटो और पिकअप वैन की टक्कर में चार लोगों की मौत, चार घायलपुलिस वैन में रुपये बांटने का वीडियो वायरल, महिला ASI समेत तीन पुलिसकर्मी सस्पेंडट्रक में बने तहखाने से एक करोड़ का गांजा जब्त, नेपाल के रास्ते बिहार पहुंची थी बड़ी खेपमोबाइल टावर पर चढ़ा BSC नर्सिंग का छात्र, घंटों चला हाई वोल्टेज ड्रामापटना से किसके आदेश पर भरत भूषण तिवारी पर चली गोली? महापंचायत में गरजे प्रशांत किशोर, सम्राट सरकार को दे दिया अल्टीमेटमबिहार में भीषण सड़क हादसा: ऑटो और पिकअप वैन की टक्कर में चार लोगों की मौत, चार घायलपुलिस वैन में रुपये बांटने का वीडियो वायरल, महिला ASI समेत तीन पुलिसकर्मी सस्पेंडट्रक में बने तहखाने से एक करोड़ का गांजा जब्त, नेपाल के रास्ते बिहार पहुंची थी बड़ी खेप

Bihar Budget 2026: बिहार के बजट पर आया लालू प्रसाद की बेटी रोहिणी आचार्य का रिएक्शन, जानिए.. क्या बोलीं?

Bihar Budget 2026: नीतीश सरकार ने बिहार का 3.47 लाख करोड़ का बजट पेश किया, जिस पर लालू यादव की बेटी रोहिणी आचार्य ने प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि राज्य के बजट का बड़ा हिस्सा अक्सर खर्च ही नहीं हो पाता।

Bihar Politics
© Google
Mukesh Srivastava
3 मिनट

Bihar Budget 2026: नीतीश सरकार ने मंगलवार को बिहार का 3.47 लाख करोड़ का बजट पेश किया। इस बजट पर प्रतिक्रिया देते हुए लालू यादव की बेटी रोहिणी आचार्य ने एक्स पर पोस्ट किया और कहा कि राज्य के बजट का बड़ा हिस्सा अक्सर खर्च ही नहीं हो पाता।


रोहिणी आचार्य ने एक्स पर लंबा चौड़ा पोस्ट लिखा और कहा कि “आंकड़ों की बाजीगरी वाले बजट को प्रस्तुत कर खुद अपनी पीठ थपथपाने से पहले नीतीश सरकार को ये समझना होगा कि आर्थिक विकास के साथ मानव विकास और मानव विकास की खुशहाली के सूचकों का सतत मूल्यांकन किए जाने वाली आर्थिक नीति व् अर्थव्यवस्था आज बिहार की सबसे बड़ी जरूरत है, मगर अफ़सोस की बात है कि आज प्रस्तुत किया गया बजट इस पर मौन है 


डबल-इंजन वाली सरकार के नीति - निर्धारकों को शायद ये भान नहीं है कि विकास का पीटा जाने वाला झूठा ढिंढोरा भी जल्द ही दम तोड़ देगा, यदि लोगों को हक के रूप में बुनियादी सेवाएं नहीं मिलीं , गैर-बराबरी की खाई कम नहीं हुई और श्रम-शक्ति का पलायन यूँही जारी रहा तो .... 


गौरतलब है कि प्रति व्यक्ति आय के मामले में बिहार देश के सबसे पिछड़े राज्य में शुमार है और कल ही जारी हुई आर्थिक सर्वेक्षण रिपोर्ट से ही जाहिर है कि पिछले दो सालों से बिहार के विकास दर में गिरावट दर्ज हो रही है और पिछले १० वर्षों में बिहार से २५० कारखाने दूसरे राज्यों में शिफ्ट हो गए ..


नीतीश कुमार जी के पिछले 20 वर्षों के शासनकाल को बजट व् अर्थ - प्रबंधन के दृष्टिकोण से देखा जाए तो ये स्पष्ट होता है कि : राज्य के बजट के आकार और बजटीय योजनाओं के आकार में बड़ा अंतर होता है राज्य के बजट का बड़ा हिस्सा खर्च नहीं हो पाता है अधिकांश बड़ी केंद्रीय योजनाओं की राशि के लिए राज्य की ओर से प्रस्ताव तक नहीं भेजे जाते हैं केंद्र से राशि मंगाने की चिंता नहीं होती है और अगर राशि आ भी जाती है तो खर्च नहीं की जाती है 


खर्च किया जाता तो लेखा - जोखा , हिसाब नहीं दिया जाता है , हाल ही में सीएजी के द्वारा उजागर ७२ हजार करोड़ के मामले से ये बात सत्यापित भी होती है लचर अर्थ - प्रबंधन , संस्थागत व् सत्ता संरक्षित भ्रष्टाचार से सरकार की कोई भी योजना , सरकार का कोई भी विभाग अछूता नहीं है और इन तमाम पहलूओं को संदर्भ में रख कर देखा जाए तो निष्कर्ष यही निकलता है कि " बिहार का बजट खोखली घोषणाओं से भरे कागज के पुलिंदे से ज्यादा कुछ नहीं होता है " ... बिहार की अर्थव्यवस्था को पटरी पर लाने के लिए सबसे जरूरी बजटीय घोषणाओं व् प्रावधानों के यथोचित व् वास्तविक क्रियान्वयन की है”.

रिपोर्टिंग
F

रिपोर्टर

FIRST BIHAR

FirstBihar संवाददाता