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तैयार है बिहार: सम्राट चौधरी का बड़ा विजन...51 हजार करोड़ का स्टील निवेश पर एमओयू, ‘कर्मभूमि से जन्मभूमि’ लौटेंगे बिहारवासी...

मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के नेतृत्व में बिहार में औद्योगिकीकरण को रफ्तार देने की तैयारी है। विभिन्न स्टील उद्योग समूहों के साथ ₹51 हजार करोड़ से अधिक के निवेश के एमओयू हुए हैं। सरकार का दावा है कि बड़े निवेश से रोजगार के अवसर बढ़ेंगे, पलायन कम होगा

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Viveka Nand
6 मिनट

Bihar News:  मुख्यमंत्री की कुर्सी संभालने के बाद सम्राट चौधरी ने कई बड़े निर्णय लिए हैं. सूबे में उद्योग-धंधों पर खास फोकस है. हाल में औद्योगिक निवेश के लिए विभिन्न स्टील उद्योग समूहों के साथ लगभग 51 हजार करोड़ रुपये से अधिक के समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए गए हैं। औद्योगिकीकरण के क्षेत्र सरकार की यह बड़ी सफलता मानी जा रही है.


सम्राट चौधरी की बड़ी सफलता  

मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने कहा है कि बिहार में उद्योगों के आने से रोजगार के अवसर बढ़ेंगे. लोगों का आर्थिक सशक्तीकरण के साथ-साथ पलायन भी कम होगा। उन्होंने बताया कि आने वाले समय में राज्य में बड़े पैमाने पर औद्योगिक निवेश की संभावना है। हाल में औद्योगिक निवेश हेतु विभिन्न स्टील उद्योग समूहों के साथ लगभग 51 हजार करोड़ रुपये से अधिक के समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए गए हैं। सरकार का प्रयास है कि बिहार में ही रोजगार और बेहतर भविष्य के अवसर उपलब्ध हों। उन्होंने कहा कि 'कर्मभूमि से जन्मभूमि' की ओर लौटने का वातावरण बिहार में तैयार किया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि बिहार के पास प्रतिभा की कोई कमी नहीं है। देश के विभिन्न हिस्सों में बिहार के लोग अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन कर रहे हैं। आवश्यकता इस बात की है कि राज्य में उपलब्ध प्रतिभा को बेहतर शिक्षा, कौशल, रोजगार और अवसरों से जोड़ा जाए।

मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने आज पटना के ज्ञान भवन में गृह विभाग, बिहार द्वारा आयोजित 'गुमशुदा बच्चों और मानव तस्करी पर पूर्वी क्षेत्रीय सम्मेलन' (Eastern Zonal Conference-cum-Consultation on Missing Children and Human Trafficking') का दीप प्रज्ज्वलित कर शुभारंभ किया। सम्मेलन में लापता बच्चों की बरामदगी, मानव तस्करी की रोकथाम, पीड़ितों के पुनर्वास तथा राज्यों के बीच समन्वय को और मजबूत करने सहित विभिन्न महत्वपूर्ण विषयों पर चर्चा हुई।

मुख्यमंत्री ने कहा कि बच्चों का लापता होना और मानव तस्करी सरकार के लिए गंभीर चिंता का विषय है। बिहार सरकार मानव तस्करी के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति पर काम कर रही है। तस्करी की रोकथाम के साथ पीड़ितों को सुरक्षित वातावरण उपलब्ध कराना और उन्हें समाज की मुख्यधारा से जोड़ना सरकार की प्राथमिकता है। उन्होंने कहा कि मानव तस्करी की रोकथाम के लिए रोजगार और कौशल विकास पर विशेष ध्यान देना आवश्यक है। लोगों को रोजगार के सुरक्षित और वैध अवसर उपलब्ध कराने से तस्करी के जोखिम को कम किया जा सकता है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि 'नया सवेरा 3.0' अभियान के माध्यम से मानव तस्करी के विरुद्ध जागरूकता, रोकथाम, बचाव और पुनर्वास की गतिविधियों को और प्रभावी बनाया जा रहा है। सरकार का प्रयास है कि तस्करी से मुक्त कराए गए प्रत्येक व्यक्ति को केवल राहत नहीं, बल्कि कौशल, रोजगार और सम्मान के साथ आत्मनिर्भर जीवन का अवसर मिले। उन्होंने कहा कि इस दिशा में बिहार सरकार सभी संबंधित राज्यों, पुलिस, प्रशासन, न्यायपालिका एवं सामाजिक संगठनों के साथ मिलकर समन्वित प्रयास करेगी, ताकि मानव तस्करी पर प्रभावी अंकुश लगाया जा सके और बच्चों एवं कमजोर वर्गों की सुरक्षा सुनिश्चित हो। बिहार में महिलाओं की बड़ी संख्या में पुलिस बल में भागीदारी है। राज्य में स्पेशल जुवेनाइल पुलिस यूनिट का गठन किया गया है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि लापता बच्चों और व्यक्तियों से जुड़े मामलों में कार्रवाई को समयबद्ध बनाने के लिए बिहार में रियल टाइम मॉनीटरिंग की व्यवस्था की गई है। इसके तहत राज्य में लगभग 1,200 से अधिक लापता बच्चों की रिकवरी हो चुकी है। उन्होंने बताया कि लोगों की शिकायतों के 30 दिनों के भीतर निष्पादन हेतु 'सहयोग शिविर' का आयोजन किया जा रहा है। इसके माध्यम से अब तक छह लाख से अधिक आवेदन प्राप्त हुए हैं, जिनमें से 5.50 लाख से अधिक मामलों का निष्पादन कराया जा चुका है। मुख्यमंत्री ने कहा कि मामलों के निष्पादन में जवाबदेही सुनिश्चित करने के लिए अधिकारियों की जिम्मेदारी तय की गई है। यदि किसी पीडित को अधिकारी स्तर पर न्याय नहीं मिलता है या लोग इससे संतुष्ट नहीं हैं तो हम प्रत्येक माह के दूसरे मंगलवार को स्वयं ऐसे मामलों की सुनवाई करते हैं। पिछली बार 'राज्यस्तरीय सहयोग कार्यक्रम' में ऐसे 129 आवेदन मेरे समक्ष आए थे जिसमें से 100 आवेदकों से संबंधित मामलों का समाधान किया गया। उन्होंने कहा कि सरकार का उद्देश्य केवल शिकायत का निष्पादन करना नहीं, बल्कि पीड़ित व्यक्ति को वास्तविक न्याय दिलाना है।


मुख्यमंत्री ने कहा कि बिहार के विकास को और आगे बढ़ाने के लिए सरकार बाढ़ जैसी चुनौतियों का भी स्थायी समाधान तलाश रही है। उत्तर बिहार में बाढ़ की समस्या को कम करने के लिए जल प्रबंधन और सिंचाई की दिशा में कई महत्वपूर्ण कार्य किए गए हैं। राज्य में सिंचाई की सुविधाओं का विस्तार किया गया है तथा बड़ी नदियों गंगा, गंडक (नारायणी) और कोसी को जोड़ने और जल संसाधनों के बेहतर प्रबंधन की दिशा में भी योजनाएं तैयार की जा रही हैं।

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रिपोर्टर

Viveka Nand

FirstBihar संवाददाता