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मुकेश सहनी का बड़ा ऐलान... 2027 से पहले निषाद आरक्षण नहीं मिला तो ‘वोट नहीं’, गंगाजल हाथ में लेकर दिलाया संकल्प

Mukesh Sahani News: लखीमपुर खीरी में VIP प्रमुख मुकेश सहनी ने निषाद आरक्षण के मुद्दे पर भाजपा और योगी सरकार को घेरा। उन्होंने 2027 से पहले आरक्षण लागू नहीं होने पर राजनीतिक विरोध का संकल्प दिलाया। कार्यक्रम में सहनी ने निषाद समाज को लेकर कई बड़े ऐलान

मुकेश सहनी का बड़ा ऐलान... 2027 से पहले निषाद आरक्षण नहीं मिला तो ‘वोट नहीं’, गंगाजल हाथ में लेकर दिलाया संकल्प
Ramakant kumar
6 मिनट

Mukesh Sahani News: लखीमपुर खीरी में सामाजिक मिलन समारोह के दौरान विकासशील इंसान पार्टी (VIP) के संस्थापक और बिहार के पूर्व मंत्री मुकेश सहनी ने निषाद आरक्षण के मुद्दे पर भाजपा और योगी सरकार पर जमकर निशाना साधा. उन्होंने कहा कि निषाद समाज अब अपने अधिकारों के लिए किसी नेता या राजनीतिक दल के भरोसे नहीं रहेगा, बल्कि अपने बच्चों के भविष्य और आरक्षण के अधिकार के लिए खुद लड़ाई लड़ेगा.


शनिवार को आयोजित कार्यक्रम में मुकेश सहनी ने मौजूद लोगों को गंगाजल हाथ में लेकर संकल्प दिलाया कि अगर वर्ष 2027 से पहले निषाद समाज को आरक्षण नहीं दिया गया तो भाजपा और उसके नेतृत्व वाली सरकारों को वोट नहीं दिया जाएगा. उन्होंने कहा कि अब निषाद समाज का राजनीतिक फैसला जाति, धर्म, भावनाओं या किसी नेता के चेहरे को देखकर नहीं होगा, बल्कि बच्चों के भविष्य और समाज के अधिकारों को ध्यान में रखकर लिया जाएगा.


सहनी ने कहा कि जो व्यक्ति अपनी वकालत किसी दूसरे के हाथ में सौंप देता है, उसका वकील कभी भी बिक सकता है. इसलिए निषाद समाज को अपने अधिकारों की लड़ाई खुद लड़नी होगी. उन्होंने समाज के लोगों से गांव-गांव जाकर लोगों को जागरूक करने और आरक्षण के मुद्दे पर एकजुट होने की अपील की.


मुंबई में 900 रुपये की मजदूरी से शुरू किया सफर

मुकेश सहनी ने कार्यक्रम के दौरान अपने संघर्ष का भी जिक्र किया. उन्होंने कहा कि वह बेहद गरीब मछुआरा परिवार से आते हैं और 18 वर्ष की उम्र में मुंबई पहुंचे थे. वहां उन्होंने 900 रुपये मासिक मजदूरी से अपने जीवन की शुरुआत की. संघर्ष करने के बाद जब वह बिहार लौटे तो उन्हें महसूस हुआ कि निषाद समाज आज भी सामाजिक और आर्थिक रूप से काफी पीछे है.


उन्होंने कहा कि समाज की स्थिति बदलने के लिए केवल राजनीतिक प्रतिनिधित्व काफी नहीं है, बल्कि शिक्षा, रोजगार और अधिकारों के लिए भी लगातार संघर्ष करना होगा.


आठ विधानसभा सीटों पर बनाई जाएगी कमेटी

सहनी ने कहा कि लखीमपुर खीरी की आठ विधानसभा सीटों के लिए आठ-आठ लोगों की कमेटियां बनाई जाएंगी. इन कमेटियों में शामिल कार्यकर्ता दीपावली तक गांव-गांव जाकर निषाद आरक्षण के मुद्दे पर लोगों को जागरूक करेंगे.


उन्होंने कहा कि पार्टी की ओर से इन कमेटियों को जरूरी संसाधन उपलब्ध कराए जाएंगे, ताकि आरक्षण को लेकर समाज के बीच लगातार अभियान चलाया जा सके. उनका कहना था कि निषाद समाज को अपने अधिकारों के लिए खुद जागरूक होना होगा और राजनीतिक दलों पर पूरी तरह निर्भर नहीं रहना चाहिए.


‘पैसा ले सकते हैं, लेकिन वोट अपने विवेक से दें’

मुकेश सहनी ने चुनाव के दौरान राजनीतिक दलों की ओर से दिए जाने वाले पैसे को लेकर भी लोगों से अपील की. उन्होंने कहा कि चुनाव के समय अगर कोई राजनीतिक दल पैसा देता है तो लोग उसे ले सकते हैं, लेकिन वोट अपने विवेक से देना चाहिए.


उन्होंने कहा कि जो निषाद समाज को आरक्षण नहीं देता, उसे वोट नहीं दिया जाना चाहिए. सहनी ने दावा किया कि अगर 2027 तक निषाद आरक्षण लागू नहीं हुआ तो भाजपा को इसका राजनीतिक खामियाजा भुगतना पड़ेगा.


संजय निषाद पर भी साधा निशाना

मुकेश सहनी ने उत्तर प्रदेश के मंत्री डॉ. संजय निषाद को भी निशाने पर लिया. उन्होंने कहा कि संजय निषाद कभी निषाद समाज के अधिकारों की लड़ाई लड़ते थे, लेकिन अब सत्ता के साथ समझौता कर चुके हैं.


सहनी ने कहा कि संजय निषाद को छह महीने का समय दिया गया है. अगर इस अवधि में निषाद समाज को आरक्षण नहीं मिलता है तो उन्हें मोदी-योगी सरकार से अलग होकर विपक्ष की राजनीति करनी चाहिए.


उन्होंने कहा कि अगर 15 नवंबर तक आरक्षण के मुद्दे पर कोई ठोस फैसला नहीं होता है तो आने वाले समय में VIP अपने राजनीतिक रुख को लेकर फैसला करेगी.


भाजपा से समझौते की संभावना से किया इनकार

प्रेस वार्ता के दौरान मुकेश सहनी ने भाजपा के साथ किसी भी तरह के समझौते की संभावना से इनकार किया. उन्होंने कहा कि उनकी लड़ाई भाजपा की नीतियों से है और जो लोग बाबा साहेब डॉ. भीमराव आंबेडकर के संविधान को कमजोर करने का प्रयास करेंगे, उनके साथ वह कभी खड़े नहीं होंगे.


उन्होंने कहा कि वह उत्तर प्रदेश में पार्टी का विस्तार करने के लिए नहीं, बल्कि निषाद समाज को उसके अधिकारों के प्रति जागरूक करने के लिए आए हैं.


छात्र आंदोलनों पर बोले- सरकार के खिलाफ आवाज उठाना अधिकार

छात्र आंदोलनों को लेकर पूछे गए सवाल पर मुकेश सहनी ने कहा कि लोकतंत्र में सरकार के खिलाफ आवाज उठाना जनता का अधिकार है. उन्होंने कहा कि जब छात्रों, युवाओं, गरीबों और किसानों की समस्याओं पर सरकार का ध्यान नहीं जाता है तो आंदोलन होना स्वाभाविक है.


उन्होंने कहा कि देश के युवाओं ने कई बार सरकारों को अपनी ताकत का एहसास कराया है.


बांकीपुर चुनाव परिणाम पर प्रशांत किशोर को दी बधाई

बांकीपुर विधानसभा चुनाव में प्रशांत किशोर की जीत को लेकर मुकेश सहनी ने उन्हें बधाई दी. उन्होंने कहा कि बांकीपुर भाजपा की परंपरागत सीट रही है और पार्टी को अपनी हार के कारणों पर आत्ममंथन करना चाहिए.


उन्होंने कहा कि प्रशांत किशोर की अपनी पहचान और योग्यता है और इसी वजह से जनता ने उन्हें मौका दिया.


मुकेश सहनी ने कहा कि निषाद समाज अब किसी भी नेता का अंधानुकरण नहीं करेगा. उन्होंने कहा कि अगर वह खुद भी कभी भाजपा को वोट देने की अपील करें तो समाज के लोगों को उनकी बात नहीं माननी चाहिए.


उन्होंने दोहराया कि जब तक निषाद समाज को आरक्षण नहीं मिलता, तब तक अधिकारों की लड़ाई जारी रहेगी. सहनी ने कहा कि अगर 2027 तक आरक्षण लागू नहीं हुआ तो भाजपा को इसका राजनीतिक नुकसान उठाना पड़ेगा.