बार-बार नियम तोड़ने वालों पर सख्ती: 52 हजार ड्राइविंग लाइसेंस निलंबन/रद्द करने का निर्देश

राज्य परिवहन आयुक्त आरिफ अहसन ने बार-बार यातायात नियमों का उल्लंघन करने वाले वाहन चालकों के लाइसेंस निलंबन या रद्द करने की कार्रवाई के निर्देश दिए। पुलिस अनुशंसा पर 52 हजार मामलों में कार्रवाई होगी।

1st Bihar Published by: First Bihar Updated Tue, 03 Feb 2026 02:47:35 PM IST

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ट्रैफिक नियम तोड़ने वाले सावधान - फ़ोटो social media

PATNA: राज्य परिवहन आयुक्त आरिफ अहसन ने मंगलवार को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से सभी जिलों के जिला परिवहन पदाधिकारी, अपर जिला परिवहन पदाधिकारी, मोटरयान निरीक्षक, ईएसआई एवं आरटीए सचिवों के साथ समीक्षा बैठक की। बैठक में सड़क दुर्घटना पीड़ितों को त्वरित चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने के लिए प्रस्तावित कैशलेस उपचार योजना, आरसी एवं डीएल पेंडेंसी, पीएम ई-ड्राइव चार्जिंग स्टेशन, परमिट पेंडेंसी, हेलमेट एवं सीटबेल्ट जांच इत्यादि की समीक्षा की गई।


राज्य में सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाने के उद्देश्य से श्री अहसन ने मोटर वाहन अधिनियम की विभिन्न धाराओं का कड़ाई से अनुपालन कराने पर बल दिया। उन्होंने निर्देश दिया कि बार-बार यातायात नियमों का उल्लंघन करने वाले वाहन चालकों के ड्राइविंग लाइसेंस के निलंबन अथवा रद्दीकरण की कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। लाइसेंस निलंबन/रद्दीकरण से संबंधित प्राप्त सूचियों पर प्राथमिकता के आधार पर कार्रवाई करने का निर्देश देते हुए उन्होंने कहा कि ऐसे वाहनों के वाहन निबंधन संख्या को अखबारों में प्रकाशित कराते हुए नोटिस निर्गत किया जाए तथा विधिसम्मत सुनवाई के उपरांत कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।


पुलिस एवं यातायात से प्राप्त अनुशंसा के आधार पर लगभग 52 हजार मामलों में ड्राइविंग लाइसेंस निलंबन/रद्द करने की कार्रवाई की जानी है। इसमें पटना, भागलपुर एवं मुजफ्फरपुर जिलों में सर्वाधिक मामलों की सूची प्राप्त हुई है। बैठक में श्री अहसन ने सबका सम्मान: जीवन आसान (Ease of Living) सात निश्चय-3 के तहत परिवहन सेवाओं को आम जनता तक समयबद्ध एवं निर्बाध रूप से पहुँचाने का निर्देश दिया। उन्होंने स्पष्ट कहा कि परिवहन सेवाओं में किसी भी प्रकार का विलंब बिल्कुल स्वीकार्य नहीं होगा।


राज्य परिवहन आयुक्त ने ड्राइविंग लाइसेंस एवं वाहन निबंधन से संबंधित लंबित मामलों का अविलंब निस्तारण सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि प्रिंटिंग एवं डिस्पैच में किसी भी प्रकार की पेंडेंसी नहीं रहनी चाहिए और सभी मामलों का त्वरित निष्पादन किया जाए।