Bihar Budget 2026–27: 3.47 लाख करोड़ का अब तक का सबसे बड़ा बजट पेश हुआ, विकास और रोजगार पर सरकार का बड़ा फोकस

बिहार सरकार ने वित्तीय वर्ष 2026–27 के लिए ₹3.47 लाख करोड़ का अब तक का सबसे बड़ा बजट पेश किया है। बजट में विकास, रोजगार, शिक्षा, स्वास्थ्य, कृषि और महिला सशक्तिकरण पर विशेष फोकस किया गया है।

1st Bihar Published by: FIRST BIHAR Updated Tue, 03 Feb 2026 02:55:27 PM IST

Bihar Budget 2026

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Bihar Budget 2026: बिहार सरकार ने वित्तीय वर्ष 2026–27 के लिए ₹3,47,589.76 करोड़ का बजट पेश किया है। वित्त मंत्री विजेंद्र यादव ने विधानसभा में अगले वित्तीय वर्ष का बजट पेश किया.  यह बिहार का अब तक का सबसे बड़ा बजट है, जिसमें पिछले साल की तुलना में करीब ₹30,695 करोड़ की वृद्धि की गई है। सरकार का कहना है कि यह बजट राज्य को तेज़ आर्थिक विकास की राह पर ले जाने, रोजगार के अवसर बढ़ाने और सामाजिक न्याय को मज़बूत करने की दिशा में एक बड़ा कदम है।


पूंजीगत व्यय में रिकॉर्ड बढ़ोतरी

इस बजट की सबसे बड़ी खासियत पूंजीगत व्यय (Capital Expenditure) में भारी इजाफा है। सरकार ने बजट में 63,455.84 करोड़ रूपये का पूंजीगत व्यय करने का प्रावधान किया है. ये कुल बजट का लगभग 18.26% है. सरकार इस राशि से सड़क, पुल, सिंचाई, बिजली, जलापूर्ति, स्कूल, कॉलेज और अस्पताल जैसे स्थायी ढांचों का निर्माण करेगी. 


शिक्षा को सबसे बड़ा हिस्सा

बजट में शिक्षा और उच्च शिक्षा को सबसे ज्यादा प्राथमिकता दी गई है। शिक्षा के लिए 68,216.95 करोड़ का प्रावधान किया गया है. हालांकि इस राशि का ज्यादातर हिस्सा शिक्षकों और शिक्षकेत्तर कर्मचारियों के वेतन-भत्ते में जायेगा. फिर भी बजट में नई डिग्री कॉलेजों की स्थापना, मॉडल स्कूल, शिक्षकों की नियुक्ति, डिजिटल शिक्षा और उच्च शिक्षा संस्थानों के विस्तार पर ज़ोर दिया गया है।


स्वास्थ्य और सुरक्षा पर भी निवेश

बिहार के बजट में स्वास्थ्य पर करीब 21,270.40 करोड़ रूपये खर्च करने का प्रावधान किया गया है. वहीं, गृह विभाग (पुलिस/सुरक्षा) पर 20,132.87 करोड़ रूपये खर्च होंगे. इस पैसे से जिला अस्पतालों के उन्नयन, नए मेडिकल कॉलेज, स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार और कानून-व्यवस्था को मजबूत करने के लिए तकनीकी संसाधनों पर निवेश किया जाएगा।


कृषि और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती

कृषि प्रधान बिहार के लिए बजट में कई अहम घोषणाएं की गई हैं. सरकार ने कहा है कि वह कृषि रोडमैप-4 का विस्तार करेगी. मक्का, दलहन, तिलहन, फल-सब्ज़ी उत्पादन बढ़ाने का लक्ष्य रखा गया है. राज्य सरकार किसानों को मुख्यमंत्री किसान सम्मान निधि के तहत 3000 रूपये प्रति साल की अतिरिक्त सहायता देगी. वहीं, कोल्ड स्टोरेज, फूड प्रोसेसिंग और कृषि स्टार्टअप को बढ़ावा दिया जायेगा. सरकार का दावा है कि इससे किसानों की आय बढ़ेगी और गांवों में रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे।


महिला सशक्तिकरण पर फोकस

बजट में महिला सशक्तिकरण को खास महत्व दिया गया है। सरकार ने स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी महिलाओं को आर्थिक सहायता देने का सिलसिला जारी रखने का ऐलान किया है। महिलाओं को स्वरोजगार के लिए आसान ऋण दिया जायेगा. उनके लिए डेयरी, फूड प्रोसेसिंग, सिलाई और स्थानीय उद्योगों को बढ़ावा दिया जायेगा. सरकार कह रही है कि यह मॉडल बिहार के विकास में महिलाओं की भागीदारी को और मजबूत करेगा।


रोजगार और निवेश का रोडमैप

सरकार ने आने वाले वर्षों में 1 करोड़ रोजगार अवसर पैदा करने का लक्ष्य रखा है। युवाओं को रोजगार दिलाने के लिए स्किल डेवलपमेंट सेंटर की स्थापना की जायेगी. औद्योगिक विकास के लिए औद्योगिक क्लस्टर की स्थापना होगी. वहीं, MSME और स्टार्टअप को प्रोत्साहन देने के लिए भी सरकार काम करेगी.


50 लाख करोड़ के निवेश का लक्ष्य

राज्य सरकार ने अपनी नई औद्योगिक नीति के तहत बिहार में बड़े पैमाने पर पूंजी निवेश की उम्मीद जतायी गई है. बजट में अगले वित्तीय वर्ष में बिहार में 50 लाख करोड़ के पूंजी निवेश का लक्ष्य रखा गया है. 


सड़क, बिजली और पानी पर जोर

बजट में ग्रामीण और शहरी सड़कों का विस्तार करने की बात कही गयी है. सरकार ने बिजली उत्पादन और वितरण में सुधार का भी ऐलान किया गया है. सरकार ने कहा है कि राज्य में प्रति व्यक्ति बिजली खपत बढ़कर 374 यूनिट हो गई है. अब सौर ऊर्जा और नवीकरणीय ऊर्जा विस्तार पर भी जोर दिया जा रहा है. सरकार ने कहा है कि ग्रामीण सड़कों का बड़ा विस्तार हुआ है और सड़क घनत्व में बिहार अग्रणी राज्य बन गया है. 


राज्य सरकार ने अपने बजट में शहरी गरीबों के लिए सस्ते आवास की योजना को आगे बढ़ाने का ऐलान किया है. वहीं, हर घर नल से जल योजना को और दुरूस्त किया जायेगा. राज्य सराकर ने बाढ़ नियंत्रण और सिंचाई परियोजनाएं को भी आगे बढाने का ऐलान किया है. 


वित्तीय अनुशासन

इतने बड़े बजट के बावजूद सरकार ने राजकोषीय घाटा को GSDP के 2.99% तक सीमित रखा है। कुल कर्ज भी तय सुरक्षित सीमा के भीतर बताया गया है।


SC/ST और वंचित वर्गों के लिए प्रावधान

बिहार के बजट में अनुसूचित जाति और जनजाति के साथ साथ वंचित वर्ग के लोगों के लिए प्रावधान किया गया है. अनुसूचित जाति विभाग को 19,603 करोड़ रूपये दिये गये हैं. वहीं, अनुसूचित जनजाति विभाग को 1,648 करोड़ रूपये दिये गये हैं.