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08-May-2020 09:17 AM
SIWAN : स्वास्थ्य विभाग की बड़ी लापरवाही सामने आयी है। सीवान में मौत के बाद घर वालों को कोरोना का डर सताया तो वे डेडबॉडी लेकर सदर अस्पताल पहुंचे और जांच की मांग की।घर वालों ने बताया कि मरीज में कोरोना के लक्षण दिख रहे थे इसलिए वे जांच चाहते हैं लेकिन हॉस्पिटल में तैनात डॉक्टरों ने उन्हें उल्टे पांव वापस कर दिया।
सीवान में भारतीय स्टेट बैंक के स्टाफ विभूति रमन की रात में मौत हो गई। बताया जाता है कि मृतक विभूति को लगभग 10 दिनों से बुखार था,इलाज भी एक निजी नर्सिंग होम में चल रहा था,लेकिन उस दौरान उनकी मौत हो गई। मौत के बाद घरवालों को संदेह हुआ कि कोरोना के वजह से ही मौत हुई है। इस पर परिजनों ने विभूति के शव को जांच के लिए सदर अस्पताल लाया। लेकिन यहां इंट्री करने और जांच करने से इनकार कर दिया गया।
बार-बार परिजनों द्वारा यह कहा जाता रहा कि कही कोरोना से मौत हुई होगी तो पूरे मोहल्ले में फैल सकती है,लेकिन सभी बातों को दरकिनार करते हुए उन्हें कहा गया कि आप शव को लेकर यहां से निकल जाए। इस पर मृतक के परिजन शव तो लेकर घर चले गए लेकिन स्थानीय प्रशासन पर आरोप लगाते हुए कहा कि अगर किसी तरह की बीमारी फैलती है तो इसकी सारी जबाबदेही जिला प्रशासन व सदर अस्पताल के अधिकारियों की होगी।
सवाल यह उठता है कि अस्पताल में क्यों नही जांच का सैम्पल लिया गया,कौन सी बात से डर रही है सीवान स्वास्थ्य विभाग की टीम,कहीं बिहार सरकार छुपाना तो नही चाहती इस तरह के केसेज को कि बिहार में कोरोना से मौत की ज्यादा खबर फ़्लैश होंगी तो नीतीश सरकार की बदनामी होगी।