ब्रेकिंग न्यूज़

राज्यसभा चुनाव से पहले 26 उम्मीदवार निर्विरोध निर्वाचित: शरद पवार, विनोद तावड़े सहित ये भी शामिल मुजफ्फरपुर: आभूषण कारोबारी से बाइक सवार बदमाशों ने छीना झोला, CCTV खंगालने में जुटी पुलिस पत्नी के प्रेम-प्रसंग से आहत पति ने उठा लिया बड़ा कदम, इलाके में सनसनी घोसवरी में पुलिस की बड़ी कार्रवाई: पिस्टल और 40 जिंदा गोलियों के साथ कुख्यात अपराधी का भाई गिरफ्तार चनपटिया में चापाकल का पानी पीने से दर्जनों बच्चे बीमार, जीएमसीएच बेतिया में भर्ती रील बनाने के चक्कर में ट्रेन से गंगा नदी में गिरी युवती, नाविकों ने बचाई जान बिहार में 12 से 15 मार्च तक बूंदाबांदी का अलर्ट, उत्तर बिहार के कई जिलों में हल्की बारिश की संभावना Bihar Crime News: बिजली विभाग में नौकरी का झांसा देकर 30 लाख की ठगी, खुद को SDO बताता था जालसाज Bihar Crime News: बिजली विभाग में नौकरी का झांसा देकर 30 लाख की ठगी, खुद को SDO बताता था जालसाज 11 से 17 मार्च तक पटना में होगा महिला कबड्डी का महामुकाबला, सम्राट चौधरी करेंगे उद्घाटन

अस्पताल प्रशासन की लापरवाही से आफत में मरीजों की जान,गंदगी में सुखाए जा रहे OT के कपड़े

11-Aug-2019 10:08 PM

By 14

DARBHANGA : बिहार में स्वास्थ्य सेवाओं की बदहाली की तस्वीरें सुधरने का नाम ही नहीं ले रही.बेहाल स्वास्थ्य सेवाओं से बेचैन बिहार की ताजा तस्वीरें आई है दरभंगा के सबसे बड़े सरकारी अस्पताल डीएमसीएच से .जहां ओटी और वार्ड में इस्तेमाल होने वाले कपड़े गंदे नाले के बगल में आवारा पशुओं के मल-मूत्र के बीच सुख रहे हैं.आपको बता दें कि अस्पताल प्रशासन की इस हरकत से  मरीजों की जान पर आफत आ सकती है लेकिन परवाह किसे है? सरकार ने डीएमसीएच में मरीजों का ख्याल रखने के लिए लाखों रुपए खर्च कर मैकेनाइज्ड लाउंड्री स्थापित करवाई. अस्पताल की लांड्री में छह मशीनें हैं लेकिन  इनमें से चार मशीनें महीनों से खराब पड़ी हैं. कपड़े धोने की दो मशीनें काम कर रही हैं. कपड़े से पानी निचोड़ने व उन्हें सुखाने की सभी मशीनें खराब हैं. नतीजन कपड़ों को बाहर रस्सियों, जलकुंभी के ऊपर सुखाया जाता है.जिस तरह यहां कपडे की सफाई होती है उससे सर्जरी के मरीज और नवजात बच्चो को इंफेक्शन का खतरा रहता है. क्योंकि कपडे स्टेरलाइज भी नहीं किए जाते है.आपको बता दें कि सरकार इस अस्पताल में कपड़ों की साफ-सफाई पर सालाना पचीस से तीस लाख रुपए खर्च कर रही है. बावजूद इसके खुले में सूखते कपडे सीधे बीमारी को न्यौता दे रहे है. वहीं मशीन खराब होने की वजह से समय पर साफ चादरें उपलब्ध नहीं होती जिसके चलते कई दिनों तक मरीजों के बेड की चादरें नहीं बदली तक नहीं जाती. लॉन्ड्री के कर्मी अपनी मजबूरी का रोना रोते नजर आए ... वहीं अस्पताल प्रशासन अपने जवाब से ना तो अपनी जिम्मेदारी पूरी कर पाया और ना ही अपनी लापरवाही को छिपा पाया. साफ है कि बिहार में स्वास्थ्य सुविधाएं राम भरोसे है. दरभंगा से प्रशांत कुमार की रिपोर्ट