ब्रेकिंग न्यूज़

women safety : सदर अस्पताल में नाबालिग के साथ जबरदस्ती का प्रयास, नर्स और डॉक्टरों के पकड़ से भी आरोपी हुआ फरार Bihar News: विजय सिन्हा हमेशा 'कफन' बांध कर चलता है..मुझे किसी का डर नहीं, डिप्टी CM ने भू माफियाओं को ललकारा,कहा.... Bihar police : 'अपना भी सीट ब्लेट का चालान कीजिए ...', ग्रामीण सड़क पर पुलिसकर्मी काट रहे थे चालान, युवक ने बताया क्या है नियम -कानून Bihar Land Registration : बिहार में जमीन रजिस्ट्री के नियम बदले, 10 लाख से ऊपर की संपत्ति पर अब यह दस्तावेज अनिवार्य Bihar News : शॉपिंग मॉल में भीषण आग, सवा करोड़ का नुकसान; शॉर्ट सर्किट से लगी आग की आशंका Bihar road accident news : नहर में गिरी कार, बिजली विभाग के JE समेत दो की दर्दनाक मौत; मातम का माहौल Bihar police news : दर्दनाक सड़क हादसा: ट्रक की चपेट में आकर महिला दारोगा की मौत, कांस्टेबल गंभीर रूप से घायल Fatuha firing : राजधानी में आपसी विवाद के दौरान फायरिंग, महिला की मौत; दो लोग गंभीर रूप से घायल Supaul police : “हई जिला के बाहुबली, चला देब गोली त केहू ना बोली…,"थानाध्यक्ष का रील ने मचाया हड़कंप, पुलिस की साख पर सवाल Bihar Land Records : अब कैथी लिपि नहीं होगी बाधा, झटपट होगा पुराने दस्तावेज का अनुवाद; राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग ने शुरू किया नया नियम

लॉकडाउन में बच्ची 100 KM चली पैदल, घर पहुंचने से कुछ दूर पहले ही तोड़ दिया दम

लॉकडाउन में बच्ची 100 KM चली पैदल, घर पहुंचने से कुछ दूर पहले ही तोड़ दिया दम

21-Apr-2020 10:13 AM

DESK:  लॉकडाउन में घर जाने के लिए एक 12 साल की बच्ची 100 किमी पैदल चली, लेकिन घर पहुंचने से वह कुछ दूर पहले ही वह दम तोड़ दी. यह दुखद घटना छत्तीसगढ़ के बीजापुर की है. 

तेलंगाना से छत्तीसगढ़ जा रहा था परिवार

बताया जा रहा है कि लॉकडाउन में बच्ची के परिजनों का रोजगार खत्म हो गया. जिसके बाद परिजन तेलंगाना के पेरूर से छत्तीसगढ़ के आदेड़ गांव के लिए पैदल ही निकल पड़े. 100 किमी का सफर तय करने के बाद बच्ची की तबीयत खराब हो गई. उसके पेट में दर्द होने लगा. लेकिन इलाके में जंगल होने के कारण परिजन कुछ नहीं सके. जिससे उसकी मौत हो गई. 

परिवार को किया गया क्वॉरेंटाइन

जब स्वास्थ्य विभाग को इसके बारे में जानकारी मिली तो हड़कंप मच गया. परिजनों को स्वास्थ्य विभाग ने क्वॉरेंटाइन कर दिया है. शव को पोस्टपॉर्टम के लिए हॉस्पिटल भेज दिया है. परिवार में वह बच्ची इकलौती संतान थी. मौत के बाद परिवार का रो रोकर बुरा हाल है. बच्ची के माता-पिता तेलंगाना में मिर्ची तोड़ने का काम करते थे. लेकिन लॉकडाउन के कारण यह काम बंद हो गया था. घरवाले परिवार का आने का इंतजार कर रहे थे, लेकिन घर बच्ची का शव पहुंचा. बता दें कि लॉकडाउन में देश के कई राज्यों में फंसे लाखों मजदूर पैदल ही अपने गांव तक पहुंचे. उसी तरह यह परिवार भी अपने घर जा रहा था.