Bihar police news : दर्दनाक सड़क हादसा: ट्रक की चपेट में आकर महिला दारोगा की मौत, कांस्टेबल गंभीर रूप से घायल

Bihar police news : औरंगाबाद के नगर थाना क्षेत्र में NH-19 पर पिपरडीह मोड़ के पास दर्दनाक सड़क हादसा हुआ। अनियंत्रित ट्रक की चपेट में आकर स्कूटी सवार महिला दारोगा रिंकी कुमारी की मौके पर ही मौत हो गई।

1st Bihar Published by: First Bihar Updated Fri, 30 Jan 2026 10:50:05 AM IST

Bihar police news : दर्दनाक सड़क हादसा: ट्रक की चपेट में आकर महिला दारोगा की मौत, कांस्टेबल गंभीर रूप से घायल

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Bihar police news : औरंगाबाद जिले के नगर थाना क्षेत्र अंतर्गत राष्ट्रीय राजमार्ग-19 पर बुधवार रात एक दर्दनाक सड़क हादसे में महिला दारोगा की मौके पर ही मौत हो गई। यह हादसा पिपरडीह मोड़ के पास उस वक्त हुआ, जब एक अनियंत्रित ट्रक ने स्कूटी सवार महिला दारोगा को रौंद दिया। मृतक महिला की पहचान 2020 बैच की पुलिस पदाधिकारी रिंकी कुमारी के रूप में हुई है। हादसे में उनके साथ मौजूद कांस्टेबल भीम कुमार गंभीर रूप से घायल हो गए हैं, जिनका इलाज चल रहा है।


प्राप्त जानकारी के अनुसार, रिंकी कुमारी और कांस्टेबल भीम कुमार स्कूटी से किसी कार्य से जा रहे थे। इसी दौरान पिपरडीह मोड़ के पास तेज रफ्तार ट्रक अचानक अनियंत्रित हो गया और स्कूटी को जोरदार टक्कर मार दी। टक्कर इतनी भीषण थी कि महिला दारोगा की घटनास्थल पर ही मौत हो गई, जबकि कांस्टेबल भीम कुमार सड़क पर गिरकर गंभीर रूप से घायल हो गए। हादसे के बाद ट्रक चालक वाहन लेकर फरार हो गया।


घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय लोग मौके पर पहुंचे और नगर थाना पुलिस को जानकारी दी। पुलिस ने तुरंत घायल कांस्टेबल को इलाज के लिए सदर अस्पताल पहुंचाया, जहां डॉक्टरों ने महिला दारोगा रिंकी कुमारी को मृत घोषित कर दिया। हादसे की खबर मिलते ही पुलिस महकमे में शोक की लहर दौड़ गई।


मृतक दारोगा रिंकी कुमारी मूल रूप से जमुई जिले के सिकंदरा प्रखंड अंतर्गत भूलों गांव की रहने वाली थीं। वे दशरथ महतो की पुत्री थीं। फिलहाल उनका परिवार पश्चिम बंगाल के पुरुलिया जिले में निवास करता है। रिंकी कुमारी 2020 बैच की पुलिस पदाधिकारी थीं और अपने कर्तव्यनिष्ठा, अनुशासन और व्यवहार कुशलता के लिए जानी जाती थीं।


हादसे के बाद जब रिंकी कुमारी का शव उनके पैतृक गांव भूलों पहुंचा, तो पूरे गांव में शोक का माहौल पसर गया। जैसे ही शव गांव पहुंचने की सूचना मिली, बड़ी संख्या में ग्रामीण, रिश्तेदार और परिचित अंतिम दर्शन के लिए उमड़ पड़े। हर आंख नम थी और माहौल पूरी तरह गमगीन हो गया।


शव गांव पहुंचने के बाद जमुई जिले की सदर एसडीपीओ सतीश सुमन बीरबल पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। पुलिस के जवानों ने मृतक महिला दारोगा रिंकी कुमारी को गार्ड ऑफ ऑनर देकर अंतिम सलामी दी। इस दौरान पूरा गांव भारत माता की जय और अमर रहें जैसे नारों से गूंज उठा। पुलिस सम्मान के साथ अंतिम विदाई दी गई, जिसने हर किसी की आंखें नम कर दीं।


गांव के लोग रिंकी कुमारी की सादगी, मेहनत और जज्बे की तारीफ करते नहीं थक रहे थे। ग्रामीणों ने बताया कि बचपन से ही रिंकी पढ़ाई में तेज थीं और समाज के लिए कुछ करने का सपना देखती थीं। उन्होंने कठिन परिश्रम से यह मुकाम हासिल किया था और गांव की बेटियों के लिए एक मिसाल बन गई थीं। कई लोग उनकी बचपन की यादें साझा करते हुए भावुक नजर आए।


इस हादसे ने न सिर्फ रिंकी कुमारी के परिवार को बल्कि पूरे पुलिस महकमे और गांव को गहरे सदमे में डाल दिया है। पुलिस प्रशासन ने हादसे की जांच शुरू कर दी है और फरार ट्रक चालक की तलाश की जा रही है। वहीं घायल कांस्टेबल भीम कुमार की हालत पर डॉक्टरों की टीम नजर बनाए हुए है।


यह दर्दनाक घटना एक बार फिर से राष्ट्रीय राजमार्गों पर तेज रफ्तार और लापरवाही से होने वाले हादसों की गंभीरता को उजागर करती है। कर्तव्य निभाते हुए एक होनहार महिला पुलिस अधिकारी की असमय मौत ने हर किसी को झकझोर कर रख दिया है।