BIHAR NEWS : बख्तियारपुर-ताजपुर फोरलेन का काउंटडाउन शुरू! इस दिन से दौड़ेंगी गाड़ियां, 65% काम पूरा Bihar News : अब छुट्टी में भी होगी रजिस्ट्री! बिहार में 26, 29 और 31 मार्च को खुलेंगे रजिस्ट्रेशन ऑफिस, लोगों को बड़ा फायदा बिहार से अंतरराष्ट्रीय उड़ानों की तैयारी पूरी: पटना और गया से कई देशों के लिए विमान सेवा जल्द Bihar news : बिहार के इस जिले में सुबह -सुबह पुलिस एनकाउंटर! फायरिंग के बाद दो बदमाश ढेर, पैर में गोली लगते ही दबोचे गए बिहार में बिजली दरों में बड़ा बदलाव: 1 अप्रैल से लागू होगा टाइम ऑफ डे (TOD) टैरिफ, दिन में सस्ती और शाम में महंगी बिजली 25 से 29 मार्च तक पटना में सबसे बड़ी चेस रेटिंग प्रतियोगिता, रूस-जिंबाब्वे और नेपाल के दिग्गज खिलाड़ी हो रहे शामिल भतीजे ने पैर छुकर आशीर्वाद लिया तो नरम हो गये पशुपति पारस, कहा..खून का रिश्ता कभी समाप्त नहीं हो सकता बिहार में अपराधियों का तांडव जारी, पूर्व मंत्री के करीबी की गोली मारकर हत्या, रोते हुए BJP नेता ने की कार्रवाई की मांग बेगूसराय में 12 घंटे में तीसरी वारदात, नाबालिग छात्र आयुष की गोली मारकर हत्या दो सगे भाइयों से शादी रचाने वाली महिला प्रेग्नेंट, घर में आने वाला है नया मेहमान
26-Dec-2024 08:58 AM
By First Bihar
Benami Property : बिहार में भूमाफिया और बेनामी संपत्ति मालिकों पर बड़े एक्शन की तैयारी चल रही है। अब इनलोगों पर आयकर विभाग ने शिकंजा कसना शुरू कर दिया है। विभाग ने ऐसे लोगों की सूची तैयार की है जिनके पास बेनामी संपत्ति हैं और भूमाफिया है। अब इन्हें नोटिस भेजा जाएगा। इसके बाद संबंधितों को बताना होगा कि उन्होंने कहां और किस स्रोत से उक्त संपत्ति को प्राप्त किया है। संतोषजनक जवाब नहीं मिलने पर विभाग सख्त कार्रवाई करेगा।
जानकारी के मुताबिक आयकर महानिदेशालय के खुफिया एवं आपराधिक जांच विभाग ने इसे लेकर एक डाटा तैयार किया है। इसमें दरभंगा सहित फारबिसगंज, हाजीपुर, मुजफ्फरपुर, पटना, पूर्णिया और किशनगंज के अलावा झारखंड के कई शहरों का डाटा है। इसमें 5200 से अधिक लोगों के नाम शामिल हैं। अब इनलोगों को नोटिस भेजकर जवाब मांगा जाएगा।
सूत्रों की मानें तो डाटा में दरभंगा उच्च स्तर पर है, यहां के भूमाफिया और बेनामी संपत्ति मालिकों की संख्या दूसरे शहरों की तुलना में अधिक है। जिले के निबंधन कार्यालय से सारी जानकारी हासिल करने के बाद डाटा तैयार किया है। भूमाफिया औने-पौने भाव में जमीन खरीद कर ऊंचे दामों पर बेचते हैं। इसे लेकर भूमि मालिक से डीड बनाकर रख लेते हैं, ताकि बेचने में सहूलियत हो सके।
दूसरी ओर विभाग की मिलीभगत से वाणिज्य भूमि को सामान्य बताकर निबंधन करा लिया जाता है। यहां तक की सर्किल दर से कम में भूमि की रजिस्ट्री करा दी जाती है। ऐसे लोग लाखों की कमाई तो करते हैं, लेकिन टैक्स नहीं देते। दूसरी ओर भूमि खरीदने वाले पत्नी, बच्चे, रिश्तेदार अथवा फेक नाम से रजिस्ट्री तो कराते हैं, लेकिन रिटर्न में इसका उल्लेख नहीं करते हैं।
इधर सूत्रों की मानें तो सर्वे में यह बात सामने आई है कि 30 लाख से अधिक की खरीद-बिक्री की सूचना आयकर विभाग को नहीं दी जा रही। ऐसे में संबंधित लिपिकों को चिह्नित किया गया है, ताकि उनपर शिकंजा कसा जाए। इसमें कई ऐसे भी कर्मी शामिल हैं जो सर्किल रेट से कम में भूमि रजिस्ट्री कराने के लिए जमीन के नेचर को बदलकर रिपोर्ट करते हैं।