ब्रेकिंग
‘पीड़ितों को तुरंत मिले 15 हजार रुपये की मदद’, बाढ़ को लेकर तेजस्वी यादव की सरकार से मांगपटना में करोड़ों की जमीन को लेकर दो पक्ष आपस में भिड़े, पुलिस ने संभाला मोर्चाPG में चल रहे सेक्स रैकेट का खुलासा, विदेशी नागरिकों समेत 21 गिरफ्तार, शराब और कॉन्डम का मिला अंबारसिंगर रितेश पांडेय से 10 लाख की मांगी रंगदारी, कैश नहीं देने पर जान से मारने की मिली धमकीBihar Train News : दुर्गापूजा-दिवाली-छठ पर घर जाना आसान! दिल्ली-हावड़ा रूट पर फेस्टिवल स्पेशल ट्रेन, पटना समेत इन स्टेशनों पर ठहराव‘पीड़ितों को तुरंत मिले 15 हजार रुपये की मदद’, बाढ़ को लेकर तेजस्वी यादव की सरकार से मांगपटना में करोड़ों की जमीन को लेकर दो पक्ष आपस में भिड़े, पुलिस ने संभाला मोर्चाPG में चल रहे सेक्स रैकेट का खुलासा, विदेशी नागरिकों समेत 21 गिरफ्तार, शराब और कॉन्डम का मिला अंबारसिंगर रितेश पांडेय से 10 लाख की मांगी रंगदारी, कैश नहीं देने पर जान से मारने की मिली धमकीBihar Train News : दुर्गापूजा-दिवाली-छठ पर घर जाना आसान! दिल्ली-हावड़ा रूट पर फेस्टिवल स्पेशल ट्रेन, पटना समेत इन स्टेशनों पर ठहराव

Bihar Teacher News: बिहार में एक ऐसा भी शिक्षक, जिसके तबादले पर स्कूली बच्चों के साथ-साथ रो दिया पूरा गांव

Bihar Teacher News: मोतिहारी के सुगौली प्रखंड के पवरिया टोला गांव के नवसृजित प्राथमिक विद्यालय में प्रधानाध्यापक मधुरेंद्र कुमार की विदाई पर भावुक माहौल बन गया। बच्चों और अभिभावकों की आंखें नम हो गईं।

Bihar Teacher News
© reporter
Mukesh Srivastava
2 मिनट

Bihar Teacher News: यूं तो बिहार के शिक्षक अपनी कारस्तानियों के कारण अक्सर सुर्खियों में रहते हैं लेकिन एक ऐसा शिक्षक भी देखने को मिला, जिसके तबादले पर न सिर्फ स्कूली बच्चे फूट-फूटकर रो पड़े बल्कि पूरे गांव के लोगों की आंखें नम हो गई। विदाई के दौरान शिक्षक भी खुद को नहीं रोक सके और वह भी बच्चों को साथ रोने लगे। 


दरअसल, बिहार के मोतिहारी जिले के सुगौली नगर स्थित पवरिया टोला गांव के नवसृजित प्राथमिक विद्यालय में उस वक्त भावुक माहौल देखने को मिला, जब स्कूल में सात वर्षों तक सेवा देने वाले प्रधानाध्यापक मधुरेंद्र कुमार के लिए विदाई समारोह आयोजित किया गया।


कार्यक्रम के दौरान छात्रों की आंखें नम थीं और माहौल भावुकता से भर गया। कई छात्र तो अपने प्रिय शिक्षक की विदाई पर रो पड़े, वहीं कई अभिभावकों की भी आंखें भर आईं। मधुरेंद्र कुमार ने न केवल बच्चों को शिक्षा दी, बल्कि उन्हें बेहतर नागरिक और प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए भी तैयार किया।


बता दें कि एक शिक्षक और छात्र का रिश्ता केवल पढ़ाई तक सीमित नहीं होता, वह जीवन संवारने वाला रिश्ता होता है। ऐसे में जब कोई शिक्षक स्कूल छोड़ता है, तो उसका असर बच्चों और अभिभावकों के दिलों में गहरी छाप छोड़ जाता है। यही दृश्य पवरिया टोला के इस स्कूल में भी देखने को मिला।

रिपोर्ट- सोहराब आलम, मोतिहारी

रिपोर्टिंग
F

रिपोर्टर

FIRST BIHAR

FirstBihar संवाददाता