अतिक्रमण हटाने गई जिला प्रशासन की टीम पर हमला, पथराव में नगर परिषद के इंस्पेक्टर घायल अतिक्रमण हटाने गई जिला प्रशासन की टीम पर हमला, पथराव में नगर परिषद के इंस्पेक्टर घायल मोकामा में अनंत सिंह का अंतरराष्ट्रीय महादंगल, देश-विदेश के 101 पहलवानों ने दिखाई ताकत; किसने मारी बाजी? मोकामा में अनंत सिंह का अंतरराष्ट्रीय महादंगल, देश-विदेश के 101 पहलवानों ने दिखाई ताकत; किसने मारी बाजी? मोकामा गंगा रेल पुल को लेकर आया बड़ा अपडेट, इस महीने से शुरू हो जाएगा परिचालन मोकामा गंगा रेल पुल को लेकर आया बड़ा अपडेट, इस महीने से शुरू हो जाएगा परिचालन अब गांव भी जिलों से हुए कनेक्ट, 2,362 किमी सड़कों से मुजफ्फरपुर में बदली विकास की तस्वीर अब गांव भी जिलों से हुए कनेक्ट, 2,362 किमी सड़कों से मुजफ्फरपुर में बदली विकास की तस्वीर बिहार में परिवहन विभाग की बड़ी उपलब्धि, 4191 करोड़ से ज्यादा राजस्व वसूल कर बनाया रिकॉर्ड बिहार में परिवहन विभाग की बड़ी उपलब्धि, 4191 करोड़ से ज्यादा राजस्व वसूल कर बनाया रिकॉर्ड
08-May-2022 07:01 AM
PATNA : बिहार के प्राथमिक स्कूलों में शिक्षक नियोजन प्रक्रिया को लेकर राज्य सरकार ने बड़ा फैसला किया है। अब प्राथमिक स्कूलों में छठे चरण के शिक्षक नियोजन प्रक्रिया नहीं होगी। इन स्कूलों में आधे से ज्यादा पद खाली रह गए, लेकिन बड़ी संख्या में नियोजन इकाइयों में एक बार भी काउंसिलिंग नहीं हुई। अलग–अलग कारणों से योग्य अभ्यर्थियों को चयन का अवसर नही मिला पर इसके बावजूद शिक्षा विभाग ने लम्बे समय से चल रहे इस चरण को आगे नहीं बढ़ाने का फैसला किया है। विभाग ने छठे चरण के प्रारंभिक नियोजन को खत्म करने का फैसला लेते हुए इस चरण की बची और इस दौरान बनी नयी रिक्तियों के आधार पर 7वें चरण की बहाली की तैयारी भी आरंभ कर दी है।
शिक्षा मंत्री विजय कुमार चौधरी ने इसकी पुष्टि की है। आपको बता दें कि बिहार के तकरीबन 72 हजार विद्यालयों में प्रारंभिक शिक्षक के 90 हजार 762 पदों पर नियोजन की प्रक्रिया 5 जुलाई 2019 को शुरू हुई थी। यह 18 अप्रैल 2022 तक यानी 34 महीने चली। न्यायिक और तकनीकी परेशानियों की वजह से इस दौरान कई बार नियुक्ति पत्र वितरण की तारीख टली और आधा दर्जन से अधिक बार नियुक्ति का नया शेड्यूल जारी हुआ। चार काउंसिलिंग तारीखों के बावजूद कुल खाली रिक्तियों में से करीब 51 हजार शिक्षकों के पद खाली रह गए हैं। इनमें बड़ी संख्या महिला और आरक्षित कोटि के पदों की है, जिनपर योग्य उम्मीदवार नहीं मिले।
शिक्षा मंत्री विजय कुमार चौधरी ने कहा है कि यह फैसला आवश्यक था। छठा चरण काफी दिनों तक चला। कुछ नियोजन इकाइयों में चयन प्रक्रिया नहीं हो पायी। कुछ को लेकर सारी नियोजन इकाइयों की रिक्तियों को लंबित रखने से बेहतर है कि सातवें चरण की नयी प्रक्रिया आरंभ की जाय। सरकार के इस फैसले से एक तरफ जहां प्रतीक्षारत अभ्यर्थियों को खुशी होगी वहीं करीब तीन साल से नौकरी की आस लगाए वैसे प्रत्याशियों को भारी निराशा होगी जिनसे संबंधित नियोजन इकाइयों में एक बार भी चयन की प्रक्रिया आरंभ नहीं हो पाई।