ब्रेकिंग न्यूज़

BIHAR NEWS : खाकी पर बड़ा सवाल! अपर थानेदार का घूस लेते VIDEO वायरल; SSP ने दिए जांच के आदेश Bihar Jobs : बिहार में बंपर भर्ती का मौका! 209 नए डिग्री कॉलेजों में 9196 पदों पर जल्द शुरू होगी बहाली; जानें पूरी डिटेल Bihar News : धनकुबेर SDPO गौतम का आज होगा EOU से सामना, सफेदपोशों से भी कनेक्शन का खुलेगा राज; महिला मित्र और नौकरानी का सच आ चूका है सामने Bihar News : बिहार MLC चुनाव में बड़ा खेल! सीटों का नया गणित NDA को दिला रहा बढ़त तो महागठबंधन की मुश्किलें बढ़ीं; नीतीश की जगह निशांत और मंगल की जगह दीपक का नाम तय Bihar Weather : बिहार में मौसम का बड़ा बदलाव, 6 जिलों में ऑरेंज अलर्ट; तेज आंधी-बारिश और ओलावृष्टि की चेतावनी! ईरान में फंसे अमेरिकी पायलटों को 36 घंटे में बचाया, ट्रम्प बोले- इतिहास का सबसे साहसी रेस्क्यू CM नीतीश के स्वागत में बवाल: BJP-JDU विधायकों को अंदर जाने से रोका, सुरक्षाकर्मियों से नोकझोंक छापेमारी के दौरान मदरसा से हथियार बरामद, मौलवी सहित 3 को पुलिस ने दबोचा पश्चिम बंगाल विस चुनाव 2026: BJP ने जारी की 40 स्टार प्रचारकों की लिस्ट आरा में पैसे के विवाद में दोस्त ने दोस्त को मारी गोली, युवक की हालत गंभीर

Home / news / बिहार में महंगी होगी जमीन, शहर से लेकर गांव तक का सर्किल रेट...

बिहार में महंगी होगी जमीन, शहर से लेकर गांव तक का सर्किल रेट बढ़ाने की तैयारी

01-Feb-2023 09:54 AM

By First Bihar

PATNA : बिहार में जमीन खरीदने वाले लोगों को अब और बड़ा झटका लगेगा. सूबे में जमीन में पहले से ज्यादा महंगी होगी. जल्द ही जमीन का एमवीआर यानी मिनिमम वैल्यू रेट जल्द बढ़ सकता है. ऐसे में जमीन रजिस्ट्री के लिए ज्यादा पैसा चुकाना होगा. इस बदलाव को लेकर जमीन के मिनिमम वैल्यू रेट (एमवीआर) में जिला मूल्यांकन समितियों ने मद्यनिषेध उत्पाद और निबंधन विभाग को प्रस्ताव भेज दिया है. 


विभागीय अधिकारी इसकी समीक्षा में जुटे हैं. जिसके बाद विस्तृत समीक्षा के बाद राज्य सरकार को प्रस्ताव दिया जायेगा. सरकार की मंजूरी मिलते ही एक अप्रैल से संशोधित एमवीआर लागू हो सकता है. एमवीआर जमीन का वह न्यूनतम निर्धारित मूल्य होता है, जिसके आधार पर उसकी खरीद-बिक्री पर रजिस्ट्री शुल्क वसूल की जाती है.


फिलहाल इसके लिए जिलों की राय ली जा रही है. राज्य सरकार का निबंधन विभाग इसके लिए होमवर्क में जुटा है. राज्य सरकार से हरी झंडी मिलते ही जिलों के स्तर पर एमवीआर बढ़ाने की प्रक्रिया शुरू हो जाएगी. उसके बाद बढ़ी हुई दरों के आधार पर लोगों को निबंधन शुल्क देना होगा. अगर किसी सरकारी परियोजना के लिए किसी रैयत की जमीन अधिग्रहित की जाती है तो उस रैयत को मुआवजा के रूप में जमीन की कीमत एमवीआर के तहत ही दी जाएगी. इसके लिए संबंधित जिले के जिलधिकारी के गाइडलाइन को ध्यान में रखा जाता है.


क्या है एमवीआर

एमवीआर यानी मिनिमम वैल्यू रेट वह दर होती है जिसे सरकार किसी जमीन का न्यूनतम मूल्य मानती है. किसी खास इलाके में खास तरीके की जमीन की हो रही खरीद-बिक्री में जो औसत बाजार मूल्य पाया जाता है, उसी के आस-पास एमवीआर तय किया जाता है. संबंधित जिलों के जिलाधिकारी इसे अधिसूचित करते हैं. 


अधिसूचित होने के बाद जमीन की रजिस्ट्री में उस खास तरह की जमीन का सरकार वही मूल्य मानकर चलती है. जमीन विक्रेता या खरीदार को उसी आधार पर निबंधन शुल्क तय करना होता है. अगर कोई जमीन एमवीआर से कम कीमत में भी खरीदता है तो उसे निबंधन शुल्क एमवीआर के तहत ही देना होता है.