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06-Aug-2022 03:16 PM
PATNA : बिहार के जेलों में बंद कैदियों से जुड़े चौंकाने वाला मामला सामने आया है. बिहार के 59 जेलों में कुल 121626 बंदियों की एचआईवी जांच की गई. जिनमें 443 कैदी एचआईवी संक्रमित पाए गए हैं. साथ ही 260 कैदियों में टीवी के लक्षण पाए गये. इन सभी को एआरटी केंद्रों से जोड़ा गया है. राज्य के सभी जिलों में स्थापित सुधार गृहों, बाल सुधार गृहों एवं अन्य में रहने वाले व्यक्तियों के एचआईवी, टीवी सहित अन्य यौन संक्रमित रोग एवं हेपेटाइटिस की जांच कराई गई थी, जिसमें इन कैदियों की हेल्थ रिपोर्ट सामने आई है.
दरअसल, बिहार राज्य एड्स नियंत्रण समिति द्वारा राज्य के सभी जेलों, स्वधारगृहों, उज्ज्वला रक्षा एवं अल्पवास गृहों में रह रहे व्यक्तियों में एचआईवी, टीबी, यौन जनित रोग एवं हेपेटाइटिस के जोखिम को कम करने के उद्देश्य एक कार्यक्रम का आयोजन किया गया था. इस कार्यक्रम में राज्य के महत्वपूर्ण विभागों, पुलिस प्रशिक्षण संस्थान, मादक नियंत्रण ब्यूरो, राज्य औषधी नियंत्रण के प्रतिनिधियों को शामिल किया गया. इस दौरान उन्होंने जेल में कैदियों के संक्रमित होने का खुलासा हुआ है.
राज्य एड्स नियंत्रण समिति के परियोजना निदेशक अंशुल अग्रवाल ने कहा कि राज्य के सभी जिलों में स्थापित सुधार गृहों, बाल सुधार गृहों एवं अन्य में रहने वाले व्यक्तियों के एचआईवी, टीवी सहित अन्य यौन संक्रमित रोग एवं हेपेटाइटिस की जांच की गई. इस कार्यक्रम के सफल संचालन एवं क्रियान्वयन हेतु राष्ट्रीय एड्स नियंत्रण संगठन द्वारा वाईआरजी केयर एवं प्लान इंडिया को अधिकृत किया गया था.
बता दें कि जेलों में कैदियों के एड्स पीड़ित होने की बात पहले भी सामने आ चुकी है. हाल में ही भागलपुर के सेंट्रल जेल में बंद आधा दर्जन से अधिक कैदियों के एचआइवी संक्रमित होने की बात सामने आयी तो हड़कंप मच गया था. जेल के डाक्टरों ने उन कैदियों में बीमारी से लड़ने की क्षमता बेहद कम पाई थी. कैदियों को जांच के बाद एचआइवी संक्रमित पाया गया था.