ब्रेकिंग न्यूज़

Howrah Vande Bharat delay : रेल यात्री ध्यान दें! गया–कोडरमा रेलखंड पर निर्माण कार्य से वंदे भारत समेत कई ट्रेनें 15 दिनों तक रहेंगी प्रभावित, देखें नया टाइम टेबल Bihar Khasmahal Land News : खासमहाल जमीन पर सरकार सख्त, रद्द होगी इन 12 जिलों में बंदोबस्ती; पढ़िए क्या है वजह NEET student death case : पटना NEET छात्रा मौत केस: 10 और लोगों का होगा DNA टेस्ट, CBI जांच की तैयारी तेज; हॉस्टल सुरक्षा पर सख्ती Bhojpur rail project : बिहार में इस रेलखंड का होगा दोहरीकरण, इन शहरों को मिलेगी नई रफ़्तार; जानिए क्या है ख़ास Bihar Assembly : बिहार विधान मंडल में आज भी हंगामे के आसार, महिला सुरक्षा और अपराध पर सरकार को घेरने की तैयारी में विपक्ष Bihar bus accident : बिहार में भीषण सड़क हादसा: बस-कार की जोरदार टक्कर में दो की मौत, गैस कटर से निकाले गए शव मुख्यमंत्री महिला रोजगार योजना: दो लाख तक की मदद के लिए महिलाओं को देने होंगे हज़ारों रुपए, आसान भाषा में समझें पूरा नियम Bihar MDM Scheme : अब नहीं होगी वेतन की टेंशन! स्कूलों में काम करने वाले इनलोगों को अब इस तरह से मिलेगी हर सूचना; बैंक के चक्कर खत्म school staff action : 11 फरवरी को बिहार के स्कूलों में सभी कर्मचारियों की उपस्थिति अनिवार्य, वरना चली जाएगी नौकरी; डायरेक्टर ने जारी किया आदेश Bihar Job Camp 2026 : बिहार में 10-25 फरवरी तक मेगा भर्ती, 150 पदों पर ऑन-स्पॉट चयन; आप भी इस तरह कर सकते हैं अप्लाई

अपराधियों को सजा दिलाने में बिहार के ये तीन जिले टॉप पर, 6 महीने में 466 को उम्रकैद

अपराधियों को सजा दिलाने में बिहार के ये तीन जिले टॉप पर, 6 महीने में 466 को उम्रकैद

06-Aug-2022 11:19 AM

PATNA: बिहार में एक तरफ जहां अपराध का ग्राफ तेज़ी से बढ़ा है तो वहीं, दूसरी ओर अपराधियों पर सख्ती से एक्शन भी लिया गया है। इस साल जनवरी से जून के बीच 1576 मामलों में जुड़े 2507 अपराधियों को सजा सुनाई गई है। इसके लिए राज्य में स्पीडी ट्रायल चलाई गई थी। 6 अपराधियों को फांसी की सज़ा मिली है तो वहीं, 466 को उम्रकैद हुई है। इसके अलावा, 220 को 10 साल की सज़ा, 862 को 10 साल से कम और 953 आरोपियों को दो साल से कम की सजा मिली है। 



जनवरी से लेकर जून तक की बात करें तो हत्या के 205 मामलों में 442 को, रेप के 144 मामलों में 171 को, पाक्सो अधिनियम के 206 केस में 243 को और आर्म्‍स एक्ट के 163 कांडों में 220 दोषियों को सजा मिली है। वहीं, डकैती के 13 मामलों में 25, अपहरण के 19 कांडों में 27, एससी-एसटी अधिनियम के 44 कांडों में 111 और अन्य 782 कांडों में 1268 दोषियों को कोर्ट से सजा मिली है। 



अपराधियों को सजा दिलाने में तीन जिले टॉप पर हैं, जिसमें मधेपुरा, पटना और बक्सर शामिल है। इन जिलों में स्पीडी ट्रायल के माध्यम से दोषियों के खिलाफ एक्शन लिया गया। मधेपुरा जिले की बात करें तो यहां छह महीने में 124 आरोपियों को, पटना में 91 अपराधियों को जबकि बक्सर में 67 दोषियों को स्पीडी ट्रायल से सजा सुनाई गई। इसके अलावा मोतिहारी में 61, औरंगाबाद और सीतामढ़ी में 57, भागलपुर में 55, नालंदा में 51, रोहतास में 49, सुपौल में 47 और दरभंगा में 46 अपराधियों को सजा सुनाई गई है।