ब्रेकिंग न्यूज़

BPL solar panel : बिहार में बीपीएल परिवारों के लिए बड़ी राहत! घर की छत पर अब फ्री सोलर पैनल, जानें इसके लिए कब तक कर सकते हैं अप्लाई? इस साल अगर आपका भी है टॉपरों की लिस्ट में नाम, तो हो जाएंगे मालामाल: BSEB ने प्राइज मनी में किया बदलाव, जानिए अब कितनी मिलेगी राशि मिडिल ईस्ट में तनाव का असर: भारत में बढ़ गए पेट्रोल के दाम, इतने रुपये की हुई बढ़ोतरी मिडिल ईस्ट में तनाव का असर: भारत में बढ़ गए पेट्रोल के दाम, इतने रुपये की हुई बढ़ोतरी Indian Railways : रेलवे में अब कोई लापरवाही बर्दाश्त नहीं! इस वजह से समय से पहले 6 अफसर को कर दिया रिटायर; पढ़िए पूरी खबर बाइक और ट्रक में जोरदार टक्कर: मेला से लौट रहे तीन दोस्तों की दर्दनाक मौत, इलाके में कोहराम Bihar Road : बिहार के इस इलाके के लोगों की बदलेगी किस्मत, देवघर जाना हुआ आसान; यात्री और व्यापारियों के लिए बड़ी राहत! क्या आपका भी इस बैंक में है खाता? तो कर लें यह काम, नहीं तो बंद हो जाएगा अकाउंट खुले में मांस-मछली कारोबार बैन: निगम ने चलाया सख्त अभियान, 686 दुकानों पर रोक, नियम तोड़ने वालों पर होगी कड़ी कार्रवाई Bihar News: 'अगला CM अगर नीतीश कुमार के रास्तों पर नहीं चले तो टिक नहीं पाएगा...', मांझी ने अपना अनुभव साफ-साफ बता दिया

Home / news / 23 जनवरी को झारखंड में सार्वजनिक छुट्टी घोषित, सीएम ने इस वजह से...

23 जनवरी को झारखंड में सार्वजनिक छुट्टी घोषित, सीएम ने इस वजह से की घोषणा

21-Jan-2020 04:47 PM

RANCHI: झारखंड के लोगों के लिए खुशखबरी है. लोगों को एक और दिन छुट्टी मिलेगी. 23 जनवरी को सार्वजनिक छुट्टी की घोषणा कर दी गई है. इसको लेकर सीएम हेमंत सोरेन ने घोषणा की है. इसकी जानकारी खुद उन्होंने दी है.  

news image

हेमंत ने किया ट्वीट

हेमंत सोरेन ने इसको लेकर ट्वीट किया कि ‘’23 जनवरी को नेताजी सुभाष चंद्र बोस की जयंती के अवसर पर सार्वजनिक अवकाश घोषित करने का आदेश दिया है. झारखंड नेताजी सुभाष चंद्र बोस की कर्मभूमि भी रही है. भारत को आजादी दिलाने में उनके योगदान को कभी नहीं भुलाया जा सकता है. हम सबों को उनके जीवन से प्रेरणा लेनी चाहिए. युवाओं को नेताजी के पद चिन्हों पर चलकर राज्य और देश सेवा में अपना योगदान करना चाहिए.''

news image

झारखंड से जुड़ी कई यादें

बताया जाता है कि स्वतंत्रता आंदोलन के दौरान क्रांतिकारियों का धनबाद आना-जाना लगा रहता था. उनमें से एक नेताजी सुभाष चन्द्र बोस भी थे. जब गोमो से गुम होने के बाद नेताजी धनबाद के झरिया पहुंचे, तो अंग्रेज सिपाही उनका पीछा करते हुए यहां भी पहुंच गए. लेकिन यहां भी नेताजी ने अंग्रेजों को चकमा दे दिया और बचकर भाग निकले. इस घटना की याद में रेलवे स्टेशन का नाम ‘’भागा’’ रखा गया. बताया जाता है कि स्वतंत्रता संग्राम में मदद पहुंचाने वाले धनबाद के कई मजदूर नेता भी थे. देश में ट्रेड यूनियनों की शुरुआत भी झरिया में हुई थी. यह शुरूआत किसी ओर नहीं बल्कि सुभाष चंद्र बोस ने की थी.