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24-Mar-2025 06:24 PM
By First Bihar
Life Style: अक्सर हम सोशल मीडिया पर हेल्थ टिप्स और इन्फ्लुएंसर्स को सुनते रहते है, और अपने डाईट में सिर्फ प्रोटीन ही शामिल करते है, लेकिन क्या आपने कभी सोचा है कि भोजन में सिर्फ प्रोटीन ही नहीं, बल्कि फाइबर का भी होना क्यों जरुरी है? आपको नहीं पता तो आज हम आपको बताएंगे कि फाइबर हमारे स्वास्थ्य के लिए क्यों जरुरी है।
असल में, हममें से कई लोग अपने दैनिक आहार में फाइबर नहीं लेते हैं, जबकि यह संपूर्ण स्वास्थ्य के लिए अत्यंत आवश्यक है। तो आइए जानते हैं कि हमारे शरीर के लिए मोटापा क्यों जरूरी है और इसे अपने आहार में कैसे शामिल किया जा सकता है।
फाइबर क्या है?
यह एक प्रकार का कॉम्प्लेक्स कार्बोहाइड्रेट है जो मुख्य रूप से प्रमाणित से प्राप्त होता है। इसमें साबुत अनाज, फल, मसाला और दालें पाई जाती हैं। हमारी छोटी आंत इसे पचा नहीं बनाती है, बल्कि बड़ी आंत में मौजूद अच्छे चरित्र इसे आंशिक या पूर्ण रूप से किण्वित करती हैं।यह पानी में घुलनशील जेल पदार्थ के रूप में निर्मित होता है, जिससे पाचन प्रक्रिया को धीमा कर दिया जाता है और कोलेस्ट्रॉल का स्तर नियंत्रित रहता है। यह पाचन तंत्र को सक्रिय करता है जिससे संबंधित समस्याओं को दूर करने में मदद मिलती है।
आख़िर क्यों ज़रूरी है?
कब्ज से राहत और बेहतर पाचन
फाइबर हमारी आहार में आंत की उत्तेजना को बढ़ता है और पाचन को मापता है। साथ ही यह भी जरुरी है कि पानी अधिक से अधिक पिया जाए। अपने खाने में फाइबर का इस्तेमाल करने से बैलेंस बना रहता है।
प्राथमिक स्वास्थ्य में सुधार
फाइबर बड़े आंत में मौजूद महान क्रांतिकारी के भोजन का काम करता है। यह फार्मासिस्ट माइक्रोबायोम बनाए रखने में मदद करता है, जो कि लारवा की सूजन को कम करता है और डायवर्टीकुलजिस्ट्री और कोलन कैंसर जैसी समस्याओं के खतरे को कम करता है।
हृदय रोग का खतरा कम होता है
ओट्स और जौ में जाने वाला बीटा-ग्लुकन नामक पदार्थ पदार्थ के रूप में एक जेल है, जो केरल को शरीर में शामिल होने से व्यवसायिक बनाता है। इससे रक्त में कोलेस्ट्रॉल का स्तर नियंत्रित रहता है और हृदय रोग का खतरा कम होता है।
अपने आहार में नारियल को अपनाए।
साबुत अनाज जैसे ओट्स, ब्राउन राइस और मल्टीग्रेन ब्रेड प्रमुख हैं।
फल और शक्ति मात्रा में लें, विशेष रूप से शामिल।
सब्जी, दाल और चना को सम्मिलित रूप से शामिल करें।
विभिन्न प्रकार के नट और मूर्तियों का सेवन करें।
थोक खाद्य पदार्थों से गोदाम और प्राकृतिक खाद्य पदार्थों की अनुमति।
आहार न केवल पाचन को बेहतर बनाने में मदद करता है, बल्कि आहार हृदय को सुरक्षित बनाए रखने में भी अहम भूमिका निभाता है, इसलिए, अपने आहार में फाइबर व प्रोटीन को बराबर शामिल करें और स्वस्थ लोकतंत्र अपनाएं।
Life Style: अक्सर हम सोशल मीडिया पर हेल्थ टिप्स और इन्फ्लुएंसर्स को सुनते रहते है, और अपने डाईट में सिर्फ प्रोटीन ही शामिल करते है, लेकिन क्या आपने कभी सोचा है कि भोजन में सिर्फ प्रोटीन ही नहीं, बल्कि फाइबर का भी होना क्यों जरुरी है? आपको नहीं पता तो आज हम आपको बताएंगे कि फाइबर हमारे स्वास्थ्य के लिए क्यों जरुरी है।
असल में, हममें से कई लोग अपने दैनिक आहार में फाइबर नहीं लेते हैं, जबकि यह संपूर्ण स्वास्थ्य के लिए अत्यंत आवश्यक है। तो आइए जानते हैं कि हमारे शरीर के लिए मोटापा क्यों जरूरी है और इसे अपने आहार में कैसे शामिल किया जा सकता है।
फाइबर क्या है?
यह एक प्रकार का कॉम्प्लेक्स कार्बोहाइड्रेट है जो मुख्य रूप से प्रमाणित से प्राप्त होता है। इसमें साबुत अनाज, फल, मसाला और दालें पाई जाती हैं। हमारी छोटी आंत इसे पचा नहीं बनाती है, बल्कि बड़ी आंत में मौजूद अच्छे चरित्र इसे आंशिक या पूर्ण रूप से किण्वित करती हैं।यह पानी में घुलनशील जेल पदार्थ के रूप में निर्मित होता है, जिससे पाचन प्रक्रिया को धीमा कर दिया जाता है और कोलेस्ट्रॉल का स्तर नियंत्रित रहता है। यह पाचन तंत्र को सक्रिय करता है जिससे संबंधित समस्याओं को दूर करने में मदद मिलती है।
आख़िर क्यों ज़रूरी है?
कब्ज से राहत और बेहतर पाचन
फाइबर हमारी आहार में आंत की उत्तेजना को बढ़ता है और पाचन को मापता है। साथ ही यह भी जरुरी है कि पानी अधिक से अधिक पिया जाए। अपने खाने में फाइबर का इस्तेमाल करने से बैलेंस बना रहता है।
प्राथमिक स्वास्थ्य में सुधार
फाइबर बड़े आंत में मौजूद महान क्रांतिकारी के भोजन का काम करता है। यह फार्मासिस्ट माइक्रोबायोम बनाए रखने में मदद करता है, जो कि लारवा की सूजन को कम करता है और डायवर्टीकुलजिस्ट्री और कोलन कैंसर जैसी समस्याओं के खतरे को कम करता है।
हृदय रोग का खतरा कम होता है
ओट्स और जौ में जाने वाला बीटा-ग्लुकन नामक पदार्थ पदार्थ के रूप में एक जेल है, जो केरल को शरीर में शामिल होने से व्यवसायिक बनाता है। इससे रक्त में कोलेस्ट्रॉल का स्तर नियंत्रित रहता है और हृदय रोग का खतरा कम होता है।
अपने आहार में नारियल को अपनाए।
साबुत अनाज जैसे ओट्स, ब्राउन राइस और मल्टीग्रेन ब्रेड प्रमुख हैं।
फल और शक्ति मात्रा में लें, विशेष रूप से शामिल।
सब्जी, दाल और चना को सम्मिलित रूप से शामिल करें।
विभिन्न प्रकार के नट और मूर्तियों का सेवन करें।
थोक खाद्य पदार्थों से गोदाम और प्राकृतिक खाद्य पदार्थों की अनुमति।
आहार न केवल पाचन को बेहतर बनाने में मदद करता है, बल्कि आहार हृदय को सुरक्षित बनाए रखने में भी अहम भूमिका निभाता है, इसलिए, अपने आहार में फाइबर व प्रोटीन को बराबर शामिल करें और स्वस्थ लोकतंत्र अपनाएं।