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26-May-2025 02:44 PM
By First Bihar
Voter ID Passport: केंद्र सरकार ने नागरिकता प्रमाण से जुड़े एक अहम और निर्णायक कदम उठाया है। अब से भारतीय नागरिकता के प्रमाण के तौर पर केवल मतदाता पहचान पत्र (वोटर ID) और पासपोर्ट को ही वैध माना जाएगा। आधार कार्ड, पैन कार्ड और राशन कार्ड जैसे दस्तावेज अब नागरिकता के प्रमाण नहीं माने जाएंगे। यह फैसला अवैध प्रवासियों की पहचान और राष्ट्रीय सुरक्षा को नजर में रखकर लिया गया है।
सूत्रों के अनुसार , हाल ही में चलाए गए वेरिफिकेशन ड्राइव के दौरान यह सामने आया कि कई अवैध प्रवासियों—खासतौर पर बांग्लादेशी और रोहिंग्या नागरिकों—ने फर्जी आधार, पैन और राशन कार्ड प्राप्त कर लिए थे। इन दस्तावेजों के आधार पर वे भारतीय नागरिकता का झूठा दावा कर रहे थे। इसी को देखते हुए केंद्र ने नागरिकता प्रमाण के रूप में अब केवल वोटर ID या पासपोर्ट को ही मान्यता देने का निर्णय लिया है।
गृह मंत्रालय के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि यह निर्णय देश की सुरक्षा एजेंसियों की सिफारिश पर लिया गया है, ताकि अवैध घुसपैठियों की पहचान और उन्हें रोकने में मदद मिल सके। अधिकारी ने कहा, "कई बार विदेशी नागरिकों ने फर्जी दस्तावेज बनवाकर भारतीय सुविधाओं का लाभ उठाया है। अब इस पर सख्त रोक लगेगी।"
इस फैसले का सबसे बड़ा प्रभाव उन लोगों पर पड़ेगा जो अब तक आधार, पैन या राशन कार्ड को नागरिकता का प्रमाण मानते रहे हैं। सरकार ने स्पष्ट किया है कि आधार और पैन पहचान के दस्तावेज हैं, लेकिन ये नागरिकता सिद्ध नहीं करते। अब सरकारी योजनाओं, नौकरियों और अन्य संवेदनशील प्रक्रियाओं में वोटर ID और पासपोर्ट को ही प्राथमिकता दी जाएगी। सरकार ने नागरिकों से अपील की है कि वे अपने वोटर ID और पासपोर्ट को अपडेट और सुरक्षित रखें। आने वाले समय में इन्हीं दस्तावेजों के आधार पर नागरिकता संबंधित सेवाओं का लाभ मिल सकेगा।