ब्रेकिंग न्यूज़

‘सरकार जनता के प्रति कर्तव्य पालन में विफल’, प्रीमियम पेट्रोल के दाम बढ़ने पर भड़के पूर्व मंत्री मुकेश सहनी ‘सरकार जनता के प्रति कर्तव्य पालन में विफल’, प्रीमियम पेट्रोल के दाम बढ़ने पर भड़के पूर्व मंत्री मुकेश सहनी बिहार में रामनवमी मेला और अन्य धार्मिक आयोजनों के लिए 1.63 करोड़ जारी, विजय सिन्हा बोले- आस्था और परंपरा में नहीं होगी कोई कमी बिहार में रामनवमी मेला और अन्य धार्मिक आयोजनों के लिए 1.63 करोड़ जारी, विजय सिन्हा बोले- आस्था और परंपरा में नहीं होगी कोई कमी झोलाछाप डॉक्टर की लापरवाही से विवाहिता की मौत, पेट दबाकर जबरन करा रहा था डिलीवरी, आरोपी फरार Bihar Weather News: बिहार में बदला मौसम का मिजाज, बगहा, मुजफ्फरपुर और वैशाली समेत कई जिलों में बारिश, आसमान से गिरे ओले Bihar Weather News: बिहार में बदला मौसम का मिजाज, बगहा, मुजफ्फरपुर और वैशाली समेत कई जिलों में बारिश, आसमान से गिरे ओले UDGAM Portal: कहीं आपके नाम पर भी तो जमा नहीं हैं अनक्लेम्ड अमाउंट? मिनटों में ऐसे करें चेक बिहार में आर्थिक अपराधों पर EOU का कड़ा रुख, परीक्षा से लेकर खनन और बैंक घोटाले तक हुई सख्त कार्रवाई बिहार में आर्थिक अपराधों पर EOU का कड़ा रुख, परीक्षा से लेकर खनन और बैंक घोटाले तक हुई सख्त कार्रवाई

Home / india / Nepal Bangladesh Border: नेपाल-बांग्लादेश सीमा से सटे थाने बनेंगे हाईटेक, तस्करी और घुसपैठ...

Nepal Bangladesh Border: नेपाल-बांग्लादेश सीमा से सटे थाने बनेंगे हाईटेक, तस्करी और घुसपैठ पर लगेगी पूरी तरह रोक

Nepal Bangladesh Border: ऑपरेशन सिंदूर के बाद नेपाल-बांग्लादेश सीमा पर सुपौल, अररिया, किशनगंज के थाने हाईटेक होंगे। ड्रोन, जीपीएस और बॉर्डर सर्विलांस सिस्टम से तस्करी और घुसपैठ पर लगेगी रोक।

18-May-2025 08:38 AM

By First Bihar

Nepal Bangladesh Border: पाकिस्तान पर ऑपरेशन सिंदूर के बाद नेपाल और बांग्लादेश से सटी सीमाओं पर सुरक्षा को मजबूत करने के लिए बिहार और पश्चिम बंगाल के थानों को हाईटेक बनाने की योजना तेज हो गई है। बिहार के सुपौल, अररिया, किशनगंज और पश्चिम बंगाल के उत्तर दिनाजपुर, कूचबिहार, जलपाईगुड़ी जैसे सीमावर्ती जिलों के थानों को आधुनिक तकनीक से लैस किया जाएगा। पहले चरण में 30 थानों को चिह्नित कर सीसीटीवी, ड्रोन, बॉर्डर सर्विलांस सिस्टम और जीपीएस युक्त मोबाइल यूनिट्स लगाई जाएंगी। गृह मंत्रालय के दिशा-निर्देश पर कागजी प्रक्रिया शुरू हो चुकी है।


नेपाल और बांग्लादेश की सीमाओं से तस्करी, मानव तस्करी और नकली नोटों का कारोबार जैसी समस्याएं लंबे समय से चली आ रही हैं। हाईटेक थानों के जरिए इन गतिविधियों पर रोक लगाने में मदद मिलेगी। इन थानों में डिजिटाइज्ड रिकॉर्ड मैनेजमेंट और रैपिड रिस्पॉन्स यूनिट्स भी होंगी, जिससे त्वरित कार्रवाई संभव होगी। इससे सीमाई क्षेत्रों की सुरक्षा मजबूत होगी और किसी भी आपात स्थिति से निपटना आसान होगा।


बता दें कि नेपाल का नो मेंस लैंड क्षेत्र स्थानीय पुलिस और सशस्त्र बलों के लिए चुनौती बना रहता है, जहां संदिग्धों और जवानों के बीच तनाव की स्थिति रहती है। बांग्लादेश सीमा पर भी बीएसएफ की चौकसी के बावजूद घुसपैठिए भारतीय क्षेत्र में प्रवेश कर जाते हैं। हाईटेक थाने इन समस्याओं से निपटने में अहम भूमिका निभाएंगे। डीजीपी विनय कुमार ने कहा कि सीमाई थानों को चिह्नित कर लगातार निगरानी की जा रही है और आधुनिक उपकरण दिए जा रहे हैं।


गृह मंत्रालय ने ऑपरेशन सिंदूर के बाद सीमाई थानों को सुदृढ़ करने पर जोर दिया है। गृह मंत्री अमित शाह ने किशनगंज दौरे के दौरान भी कहा था कि इन थानों को बेहतर बनाया जाएगा। खुफिया विभाग ने भी सीमाई थानों को मजबूत करने की जरूरत पर बल दिया है। लाइव फीड मॉनिटरिंग रूम और रैपिड रिस्पॉन्स यूनिट्स से निगरानी और कार्रवाई में तेजी आएगी।