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UNESCO Heritage: भारत के इस बड़े त्योहार को यूनेस्को ने घोषित किया अमूर्त विश्व धरोहार, पीएम मोदी ने जताई खुशी

UNESCO Heritage: यूनेस्को ने दीपावली को मानवता की अमूर्त सांस्कृतिक धरोहर की सूची में शामिल किया। पीएम मोदी ने इस निर्णय पर खुशी जताई और कहा कि यह पर्व भारतीय संस्कृति और जीवन मूल्यों का प्रतीक है।

UNESCO Heritage

10-Dec-2025 04:44 PM

By FIRST BIHAR

UNESCO Heritage: भारत के सबसे बड़े सांस्कृतिक उत्सव दीपावली को यूनेस्को ने आधिकारिक रूप से मानवता की अमूर्त सांस्कृतिक विरासत की सूची में शामिल कर लिया है। इस ऐलान की घोषणा आज दिल्ली के लाल किले से की गई, जहां यूनेस्को की अंतर सरकारी समिति का 20वां सत्र आयोजित हो रहा है।


प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस फैसले पर खुशी जताते हुए कहा कि भारत और विश्वभर के लोग इस खबर से उत्साहित और गौरवान्वित हैं। उन्होंने सोशल मीडिया पोस्ट में लिखा कि दीपावली केवल एक त्योहार नहीं, बल्कि हमारी संस्कृति और जीवन मूल्यों से गहराई तक जुड़ा है। यह हमारी सभ्यता की आत्मा है और प्रकाश तथा धर्म का प्रतीक है।


प्रधानमंत्री ने आगे कहा कि यूनेस्को की अमूर्त सांस्कृतिक धरोहर सूची में दीपावली का शामिल होना इस पर्व को विश्व स्तर पर और भी लोकप्रिय बनाएगा। उन्होंने यह भी कहा कि प्रभु श्रीराम के आदर्श सदा मार्गदर्शन देते रहें।


यूनेस्को ने दीपावली को 10 दिसंबर को सूची में शामिल करने का निर्णय लिया है। इसके पहले भी भारत की 15 अन्य परंपराएं इस सूची में शामिल थीं। अब कुल मिलाकर 16 परंपराएं अमूर्त विश्व धरोहर की सूची में हैं। इनमें शामिल हैं: कुंभ का मेला, योग, वैदिक मंत्रोच्चार, रामलीला, कोलकाता की दुर्गा पूजा, गरबा, केरल का मुदियेट्टू, छऊ नृत्य, बौद्ध मंत्र जाप की हिमालयी परंपरा, नवरोज और संक्रांति-पोंगल-बैसाखी।


यूनेस्को ने इस निर्णय की जानकारी साझा करते हुए भारत को सोशल मीडिया पर बधाई भी दी। इस सूची में दीपावली के शामिल होने से भारतीय सांस्कृतिक परंपराओं को विश्व मंच पर और अधिक मान्यता मिलेगी।

UNESCO Heritage: भारत के सबसे बड़े सांस्कृतिक उत्सव दीपावली को यूनेस्को ने आधिकारिक रूप से मानवता की अमूर्त सांस्कृतिक विरासत की सूची में शामिल कर लिया है। इस ऐलान की घोषणा आज दिल्ली के लाल किले से की गई, जहां यूनेस्को की अंतर सरकारी समिति का 20वां सत्र आयोजित हो रहा है।


प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस फैसले पर खुशी जताते हुए कहा कि भारत और विश्वभर के लोग इस खबर से उत्साहित और गौरवान्वित हैं। उन्होंने सोशल मीडिया पोस्ट में लिखा कि दीपावली केवल एक त्योहार नहीं, बल्कि हमारी संस्कृति और जीवन मूल्यों से गहराई तक जुड़ा है। यह हमारी सभ्यता की आत्मा है और प्रकाश तथा धर्म का प्रतीक है।


प्रधानमंत्री ने आगे कहा कि यूनेस्को की अमूर्त सांस्कृतिक धरोहर सूची में दीपावली का शामिल होना इस पर्व को विश्व स्तर पर और भी लोकप्रिय बनाएगा। उन्होंने यह भी कहा कि प्रभु श्रीराम के आदर्श सदा मार्गदर्शन देते रहें।


यूनेस्को ने दीपावली को 10 दिसंबर को सूची में शामिल करने का निर्णय लिया है। इसके पहले भी भारत की 15 अन्य परंपराएं इस सूची में शामिल थीं। अब कुल मिलाकर 16 परंपराएं अमूर्त विश्व धरोहर की सूची में हैं। इनमें शामिल हैं: कुंभ का मेला, योग, वैदिक मंत्रोच्चार, रामलीला, कोलकाता की दुर्गा पूजा, गरबा, केरल का मुदियेट्टू, छऊ नृत्य, बौद्ध मंत्र जाप की हिमालयी परंपरा, नवरोज और संक्रांति-पोंगल-बैसाखी।


यूनेस्को ने इस निर्णय की जानकारी साझा करते हुए भारत को सोशल मीडिया पर बधाई भी दी। इस सूची में दीपावली के शामिल होने से भारतीय सांस्कृतिक परंपराओं को विश्व मंच पर और अधिक मान्यता मिलेगी।