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Bihar Congress : बिहार चुनाव में करारी हार के बाद कांग्रेस में भूचाल, महिला प्रदेश अध्यक्ष का इस्तीफा; कांग्रेस कार्यालय पर धरना

Bihar Congress : बिहार चुनाव में कांग्रेस की करारी हार के बाद पार्टी में उथल-पुथल बढ़ गई है। महज 6 सीटें जीतने के बाद अब महिला प्रदेश अध्यक्ष शरबत जहां फातिमा ने टिकट बंटवारे में भेदभाव का आरोप लगाते हुए इस्तीफा दे दिया।

21-Nov-2025 12:53 PM

By First Bihar

Bihar Congress : बिहार विधानसभा चुनाव के नतीजे कांग्रेस के लिए बेहद निराशाजनक साबित हुए। महागठबंधन का हिस्सा रहते हुए पार्टी ने पूरे दमखम के साथ चुनाव मैदान में उतरने की कोशिश की थी, लेकिन नतीजों ने पार्टी की वर्षों से लगातार कमजोर होती स्थिति को एक बार फिर उजागर कर दिया। 243 विधानसभा सीटों वाले बिहार में कांग्रेस सिर्फ 6 सीटें जीत पाई। यह आंकड़ा न केवल पार्टी की संगठनात्मक कमजोरी पर सवाल खड़े करता है, बल्कि नेतृत्व, रणनीति और टिकट वितरण जैसे मुद्दों पर भी गंभीर मंथन की जरूरत बताता है।


चुनाव परिणामों के बाद से ही कांग्रेस में लगातार असंतोष की आवाजें उठ रही हैं। टिकट बंटवारे को लेकर नेताओं में नाराजगी, जमीनी स्तर पर कार्यकर्ताओं की उपेक्षा और प्रचार रणनीति की कमजोरियों को लेकर सवाल उठने लगे हैं। इसी बीच शुक्रवार को एक बड़ा राजनीतिक घटनाक्रम देखने को मिला, जब बिहार कांग्रेस की महिला प्रदेश अध्यक्ष शरबत जहां फातिमा ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया। उनके इस्तीफे ने कांग्रेस की अंदरूनी खींचतान को एक बार फिर उजागर कर दिया है।


फातिमा ने टिकट बंटवारे में महिलाओं की अनदेखी का लगाया आरोप

शरबत जहां फातिमा ने अपने इस्तीफे के साथ पार्टी आलाकमान पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने कहा कि टिकट बंटवारे में महिलाओं की लगातार अनदेखी की गई, जबकि पार्टी हर मंच पर महिला सशक्तिकरण की बात करती है। उनके अनुसार, बिहार में महिलाओं की राजनीतिक भागीदारी बढ़ाने की दिशा में कांग्रेस ने कोई ठोस प्रयास नहीं किया, बल्कि महिला नेताओं को सिर्फ शो-पीस की तरह इस्तेमाल किया गया।


उन्होंने कहा कि वह लंबे समय से महिला नेताओं की उचित भागीदारी की मांग करती रही हैं, लेकिन उनकी बातों पर ध्यान नहीं दिया गया। चुनाव के दौरान भी टिकट वितरण के समय कई योग्य और जमीनी महिला नेताओं को नजरअंदाज कर दिया गया, जिससे पार्टी के महिला मोर्चा में गहरी नाराजगी है।


हार के बाद कांग्रेस में बढ़ी बेचैनी

कांग्रेस की करारी हार के बाद पार्टी के भीतर असंतोष खुलकर सामने आने लगा है। कार्यकर्ताओं और स्थानीय नेताओं का आरोप है कि पार्टी की चुनावी रणनीति बेहद कमजोर थी। नेतृत्व द्वारा जमीन से जुड़े नेताओं की सलाह को नजरअंदाज किया गया और टिकट वितरण में पैराशूट नेताओं को तरजीह दी गई। कई दावेदारों का यह भी कहना है कि उम्मीदवार चयन में पारदर्शिता नहीं रखी गई, जिसके चलते मजबूत सीटों पर भी कांग्रेस को बड़े अंतर से हार का सामना करना पड़ा।


पटना में कांग्रेस कार्यालय पर धरना, नाराज नेताओं ने खोला मोर्चा

चुनाव नतीजों के बाद कांग्रेस के एक गुट के नाराज नेताओं और कार्यकर्ताओं ने पटना स्थित सदाकत आश्रम, यानी बिहार प्रदेश कांग्रेस कार्यालय में धरना शुरू कर दिया है। यह नेता टिकट बंटवारे में हुई "अनियमितताओं" और "उपेक्षा" के खिलाफ आवाज उठा रहे हैं। उनका आरोप है कि कुछ नेताओं ने व्यक्तिगत हितों को प्राथमिकता दी और संगठन की मजबूती की उपेक्षा की। इस धरने में महिला, युवा और वरिष्ठ नेता तक शामिल हैं, जो बताता है कि असंतोष केवल एक वर्ग तक सीमित नहीं है, बल्कि संगठन के कई स्तरों पर फैल चुका है। धरने पर बैठे नेताओं का कहना है कि जब तक जिम्मेदार पदाधिकारियों पर कार्रवाई नहीं होती और संगठन में व्यापक बदलाव की प्रक्रिया शुरू नहीं की जाती, वे धरना जारी रखेंगे। कार्यकर्ताओं