1st Bihar Published by: MANOJ KUMAR Updated Thu, 22 Jan 2026 10:25:49 PM IST
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Bihar Crime News: बिहार में सुशासन के दावों के बीच सत्ताधारी दल के नेताओं पर कानून का शिकंजा कसना शुरू हो गया है। ताजा मामला मुजफ्फरपुर और वैशाली जिले से जुड़ा है, जहां जमीन धोखाधड़ी और करीब 20 लाख रुपये की ठगी के आरोप में जनता दल यूनाइटेड (जदयू) के नेता और पूर्व जिला प्रवक्ता कुमारेश्वर सहाय को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। यह कार्रवाई वैशाली पुलिस द्वारा मुजफ्फरपुर के नगर थाना क्षेत्र में की गई।
जानकारी के अनुसार, वैशाली जिले के भगवानपुर थाने की पुलिस को गुप्त सूचना मिली थी कि आरोपी नेता मुजफ्फरपुर के तिलक मैदान रोड इलाके में मौजूद है। सूचना के आधार पर भगवानपुर पुलिस ने मुजफ्फरपुर नगर थाना पुलिस से संपर्क साधा और एक विशेष टीम का गठन किया गया। पुलिस ने तिलक मैदान रोड पर घेराबंदी कर दबिश दी और कुमारेश्वर सहाय को धर दबोचा। गिरफ्तारी के दौरान नगर थाने में विधिवत प्रपत्र और कोर्ट वारंट की प्रति सौंपी गई, जिसके बाद उन्हें वैशाली ले जाया गया।
कुमारेश्वर सहाय के खिलाफ वैशाली के भगवानपुर थाने में धोखाधड़ी और जालसाजी की गंभीर धाराओं में प्राथमिकी (FIR) दर्ज थी। उन पर आरोप है कि उन्होंने एक ऐसी जमीन का सौदा किया जो उनकी थी ही नहीं। दूसरे की जमीन को अपना बताकर उन्होंने पीड़ित को झांसे में लिया और फर्जी दस्तावेजों के सहारे उसकी बिक्री कर दी। इस अवैध सौदे के एवज में उन्होंने कुल 19.95 लाख रुपये की मोटी रकम वसूली थी। जब पीड़ित को ठगी का अहसास हुआ, तो उसने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई।
मुजफ्फरपुर नगर थाना के अपर थानेदार रविकांत दूबे ने गिरफ्तारी की पुष्टि करते हुए बताया कि आरोपी के खिलाफ हाजीपुर एसीजेएम-छह (ACJM-VI) की अदालत से अजमानतीय वारंट (Non-Bailable Warrant) जारी किया गया था। लंबे समय से वह पुलिस की गिरफ्त से बाहर चल रहे थे। आरोपी मूल रूप से वैशाली जिले के भगवानपुर थाना क्षेत्र के असतपुर सतपुरा गांव के निवासी हैं, लेकिन गिरफ्तारी के समय वे मुजफ्फरपुर में छिपे हुए थे।
सत्ताधारी दल के पूर्व जिला प्रवक्ता की गिरफ्तारी के बाद जिले के राजनीतिक गलियारों में हलचल तेज हो गई है। एक तरफ जहां पुलिस इसे सामान्य आपराधिक प्रक्रिया बता रही है, वहीं विपक्ष को सरकार पर हमला करने का मौका मिल गया है। भगवानपुर पुलिस का कहना है कि आरोपी से पूछताछ की जा रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि इस ठगी के सिंडिकेट में और कौन-कौन लोग शामिल हैं। फिलहाल, कुमारेश्वर सहाय को न्यायिक हिरासत में भेजने की प्रक्रिया पूरी की जा रही है। इस गिरफ्तारी ने एक बार फिर भू-माफियाओं और सफेदपोश नेताओं के गठजोड़ पर सवाल खड़े कर दिए हैं।