ब्रेकिंग न्यूज़

बिहार में मामूली विवाद ने लिया हिंसक रूप, चाकूबाजी में एक व्यक्ति गंभीर घायल Bihar LPG crisis : मोतिहारी में गैस सिलेंडर को लेकर मारपीट, लाइन में पहले लगने पर दो लोग भिड़े; बिहार में चौथे दिन भी गैस संकट क्या एनडीए में भी क्रॉस वोटिंग का डर? 5वीं सीट को लेकर NDA का ‘मास्टर प्लान’, विधायकों को वोटिंग तक पटना नहीं छोड़ने का निर्देश Pawan Singh : Monalisa के बयान से फिर चर्चा में Pawan Singh और Akshara Singh का रिश्ता, भोजपुरी इंडस्ट्री के पुराने विवाद पर खुलासा Bihar News : NEET छात्रा रेप-मौत केस: शंभू गर्ल्स हॉस्टल मालिक मनीष रंजन की जमानत पर आज फैसला, पोक्सो कोर्ट में सुनवाई Bihar Rajya Sabha Election : महागठबंधन के विधायकों में NDA ने लगाई सेंध ! नीतीश के ख़ास नेता का दावा, बोले ... एक या दो नहीं बल्कि 12 विधायक संपर्क में हैं ... Bihar News : बिहार में CBSE के नाम पर चल रहा फर्जीवाड़ा, पटना के दो स्कूलों पर FIR ; जानिए क्या है मामला Bihar APAR ID : बिहार में 64 लाख छात्रों ने अभी तक नहीं करवाया यह काम, इन योजनाओं का अब नहीं मिलेगा लाभ LPG Crisis Patna : पटना समेत राज्य में घरेलू गैस सिलिंडर की किल्लत, सरकार ने ऑनलाइन और ऑफलाइन बुकिंग के लिए किए अहम फैसले; जानिए क्या है नया नियम Bihar News : बिहार में राजस्व कर्मियों की हड़ताल के बीच सरकार की नई व्यवस्था, जमीन के काम नहीं होंगे प्रभावित

Buisness in Bihar: बिहार में मछली उत्पादन में बढ़ोतरी ,युवा बन रहे सफलता की मिसाल

Buisness in Bihar: बिहार में मछली उतपादन में लगातार बढ़ोतरी हो रही है ,जिससे किसानों को नया रोजगार का अवसर मिल रहा है |सरकार की योजनाओं और सब्सिडी के चलते अब पढ़े लिखे युवा भी मछली पालन को अपनाकर सफलता की मिसाल बन रहें हैं |

10-Mar-2025 02:39 PM

By First Bihar

Fish farming in Bihar: बिहार में मछली उत्पादन में तेजी से बढ़ोतरी हो रही है। राज्य सरकार की योजनाओं और सब्सिडी का लाभ मिलने के कारण अब हर गांव में मछली पालन करने वाले किसान आसानी से देखने को मिल जाते हैं। खास बात यह है कि अब पढ़े-लिखे युवा भी नौकरी छोड़कर इस पेशे से जुड़ रहे हैं, जिससे वे अन्य किसानों और युवाओं के लिए प्रेरणा बन रहे हैं।

ऐसे ही एक उदाहरण हैं लखीसराय जिले के सदाय बीघा गांव के रहने वाले अतुल आलोक। अतुल ने बड़े शहरों में नौकरी करने के बाद बिहार सरकार के स्वास्थ्य विभाग से इस्तीफा दे दिया और अपने गांव लौटकर ऑर्गेनिक खेती और मछली पालन शुरू किया।

अतुल न केवल खुद आधुनिक तकनीकों के माध्यम से बेहतर मछली उत्पादन कर रहे हैं, बल्कि अपने आसपास के किसानों और गाँव के युवाओं को भी वैज्ञानिक तरीके से खेती और मछली पालन के लिए प्रेरित कर  रहे हैं। उनकी इस पहल से गांव के कई युवाओं को रोजगार मिला है अब उनको अपने परिवार से दूर जाने कि मज़बूरी नही है .लिहाजा स्थानीय लोग भी इस व्यवसाय में रुचि दिखा रहे हैं।अतुल आलोक ने अपनी मिट्टी से जुड़े रहने का जो कदम उठाया, वह अब पूरे इलाके के लिए मिसाल बन गया है। उन्होंने अपने फार्म पर स्थानीय युवाओं को रोजगार देने के साथ-साथ उन्हें इस व्यवसाय के लिए प्रेरित भी करते हैं |

आने वाले समय में अतुल आलोक अपने मछली पालन के व्यवसाय को और अधिक विस्तृत करने की योजना बना रहे हैं, ताकि किसानों को और बेहतर  मुनाफा हो सके और उपभोक्ताओं को भी शुद्ध, ताजी और गुणवत्तापूर्ण मछली बाजार में उपलब्ध कराई जा सके।