ब्रेकिंग न्यूज़

10-10 हजार कब दोगे? नाराज जीविका दीदियों ने JDU कार्यालय को घेरा, नीतीश सरकार पर लगाए यह आरोप 10-10 हजार कब दोगे? नाराज जीविका दीदियों ने JDU कार्यालय को घेरा, नीतीश सरकार पर लगाए यह आरोप Factory Blast: आयरन फैक्ट्री में जोरदार धमाका, हादसे में 7 मजदूरों की मौत; रेस्क्यू ऑपरेशन जारी Factory Blast: आयरन फैक्ट्री में जोरदार धमाका, हादसे में 7 मजदूरों की मौत; रेस्क्यू ऑपरेशन जारी Bihar ration card : बिहार में राशन कार्डधारकों पर सख्त कार्रवाई, 11,300 कार्ड रद्द करने की प्रक्रिया शुरू; जानिए क्या है वजह पश्चिमी चंपारण में बुजुर्ग से 51 हजार की ठगी, जेब में 20 की गड्डी रख 500 के बंडल ले उड़े उचक्के Bihar Politics: नेता या मंत्री किसके बेटे को बचा रही है पुलिस? NEET छात्रा मौत मामले पर पप्पू यादव का सरकार से सवाल Bihar Politics: नेता या मंत्री किसके बेटे को बचा रही है पुलिस? NEET छात्रा मौत मामले पर पप्पू यादव का सरकार से सवाल Nawada road accident : अज्ञात वाहन की टक्कर से नाबालिग की मौत, दूसरा गंभीर रूप से घायल; मातम का माहौल Smriddhi Yatra: कल इस जिले में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की समृद्धि यात्रा, 850 करोड़ की योजनाओं की देंगे सौगात

Buisness in Bihar: बिहार में मछली उत्पादन में बढ़ोतरी ,युवा बन रहे सफलता की मिसाल

Buisness in Bihar: बिहार में मछली उतपादन में लगातार बढ़ोतरी हो रही है ,जिससे किसानों को नया रोजगार का अवसर मिल रहा है |सरकार की योजनाओं और सब्सिडी के चलते अब पढ़े लिखे युवा भी मछली पालन को अपनाकर सफलता की मिसाल बन रहें हैं |

बिहार, मछली उत्पादन, मछली पालन, सरकार की योजना, सब्सिडी, किसान, युवा किसान, ऑर्गेनिक खेती, वैज्ञानिक खेती, रोजगार, आत्मनिर्भरता, अतुल आलोक, लखीसराय, सदाय बीघा गांव, मछली व्यवसाय, Bihar, Fish Productio

10-Mar-2025 02:39 PM

By First Bihar

Fish farming in Bihar: बिहार में मछली उत्पादन में तेजी से बढ़ोतरी हो रही है। राज्य सरकार की योजनाओं और सब्सिडी का लाभ मिलने के कारण अब हर गांव में मछली पालन करने वाले किसान आसानी से देखने को मिल जाते हैं। खास बात यह है कि अब पढ़े-लिखे युवा भी नौकरी छोड़कर इस पेशे से जुड़ रहे हैं, जिससे वे अन्य किसानों और युवाओं के लिए प्रेरणा बन रहे हैं।

ऐसे ही एक उदाहरण हैं लखीसराय जिले के सदाय बीघा गांव के रहने वाले अतुल आलोक। अतुल ने बड़े शहरों में नौकरी करने के बाद बिहार सरकार के स्वास्थ्य विभाग से इस्तीफा दे दिया और अपने गांव लौटकर ऑर्गेनिक खेती और मछली पालन शुरू किया।

अतुल न केवल खुद आधुनिक तकनीकों के माध्यम से बेहतर मछली उत्पादन कर रहे हैं, बल्कि अपने आसपास के किसानों और गाँव के युवाओं को भी वैज्ञानिक तरीके से खेती और मछली पालन के लिए प्रेरित कर  रहे हैं। उनकी इस पहल से गांव के कई युवाओं को रोजगार मिला है अब उनको अपने परिवार से दूर जाने कि मज़बूरी नही है .लिहाजा स्थानीय लोग भी इस व्यवसाय में रुचि दिखा रहे हैं।अतुल आलोक ने अपनी मिट्टी से जुड़े रहने का जो कदम उठाया, वह अब पूरे इलाके के लिए मिसाल बन गया है। उन्होंने अपने फार्म पर स्थानीय युवाओं को रोजगार देने के साथ-साथ उन्हें इस व्यवसाय के लिए प्रेरित भी करते हैं |

आने वाले समय में अतुल आलोक अपने मछली पालन के व्यवसाय को और अधिक विस्तृत करने की योजना बना रहे हैं, ताकि किसानों को और बेहतर  मुनाफा हो सके और उपभोक्ताओं को भी शुद्ध, ताजी और गुणवत्तापूर्ण मछली बाजार में उपलब्ध कराई जा सके।