Supaul News : सुपौल जिले के त्रिवेणीगंज थाना क्षेत्र से एक बड़ी और सनसनीखेज खबर सामने आ रही है। थाना क्षेत्र के लालपट्टी वार्ड संख्या 17 में किराए के कमरे में रह रही एक जीविका दीदी की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। घटना के बाद पूरे इलाके में हड़कंप मच गया है और लोग तरह-तरह की आशंकाएं जता रहे हैं।


मृतका की पहचान त्रिवेणीगंज थाना क्षेत्र के मचहा वार्ड संख्या 16 निवासी प्रमोद शर्मा की 48 वर्षीय पत्नी सीमा देवी के रूप में की गई है। सीमा देवी जीविका समूह से जुड़ी हुई थीं और अनुमंडलीय अस्पताल त्रिवेणीगंज में संचालित ‘प्रगति दीदी की रसोई’ में कार्यरत थीं। काम की वजह से वे पिछले कुछ समय से लालपट्टी स्थित उपेंद्र साह के मकान में किराए के कमरे में अकेले रह रही थीं, जबकि उनके पति वर्तमान में पटना में रहकर काम करते हैं।


घटना की जानकारी मिलते ही त्रिवेणीगंज थानाध्यक्ष राकेश कुमार दलबल के साथ मौके पर पहुंचे और मामले की छानबीन शुरू कर दी। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी की और पोस्टमार्टम के लिए सुपौल सदर अस्पताल भेजने की तैयारी की।


मृतका के साथ काम करने वाली जीविका दीदी नीलम देवी ने घटना के बारे में बताया कि शुक्रवार की रात से ही सीमा देवी अपने पति का फोन रिसीव नहीं कर रही थीं। पहले तो इस बात को सामान्य समझा गया, लेकिन जब शनिवार सुबह भी संपर्क नहीं हो सका तो चिंता बढ़ गई। इसके बाद नीलम देवी अन्य लोगों के साथ सीमा देवी के किराए के कमरे पर पहुंचीं।


कमरे पर पहुंचने पर देखा गया कि दरवाजा अंदर से खुला हुआ था। जब वे लोग अंदर गए तो वहां का दृश्य देखकर सभी हैरान रह गए। सीमा देवी मुंह के बल कढ़ाही में गिरी पड़ी थीं और उनकी कोई हलचल नहीं थी। तत्काल इसकी सूचना पुलिस को दी गई। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और कमरे की बारीकी से जांच की।


मकान मालिक रंजीत कुमार ने बताया कि सीमा देवी पिछले कुछ दिनों से बीमार चल रही थीं। उन्हें ठंड लगने और शरीर में कमजोरी की शिकायत थी। इसी वजह से वे हाल ही में डॉक्टर से इलाज कराकर लौटी थीं। मकान मालिक के अनुसार, सीमा देवी शांत स्वभाव की महिला थीं और किसी से उनका कोई विवाद नहीं था। वे रोज समय पर काम पर जाती थीं और वापस आकर अपने कमरे में रहती थीं।


फिलहाल पुलिस इस पूरे मामले को संदिग्ध मानकर हर पहलू से जांच कर रही है। पुलिस यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही है कि मौत प्राकृतिक कारणों से हुई है या इसके पीछे कोई अन्य वजह है। कमरे से कोई सुसाइड नोट या संघर्ष के स्पष्ट निशान नहीं मिलने की बात कही जा रही है, हालांकि पुलिस ने जांच पूरी होने तक किसी भी संभावना से इनकार नहीं किया है।


थानाध्यक्ष राकेश कुमार ने बताया कि मृतका के शव को पोस्टमार्टम के लिए सुपौल भेजा जा रहा है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के वास्तविक कारणों का खुलासा हो सकेगा। उन्होंने कहा कि मामले की गंभीरता से जांच की जा रही है और सभी तथ्यों को ध्यान में रखकर कार्रवाई की जाएगी। पुलिस मृतका के परिजनों से भी संपर्क में है और उनके बयान दर्ज किए जा रहे हैं।


इस घटना के बाद जीविका समूह से जुड़ी महिलाओं में शोक और भय का माहौल है। ‘प्रगति दीदी की रसोई’ में काम करने वाली अन्य महिलाएं भी गहरे सदमे में हैं। उनका कहना है कि सीमा देवी मेहनती और जिम्मेदार महिला थीं और इस तरह अचानक उनकी मौत होना बेहद दुखद है।


फिलहाल पुलिस की कार्रवाई और पोस्टमार्टम रिपोर्ट पर सबकी नजरें टिकी हुई हैं। रिपोर्ट आने के बाद ही यह स्पष्ट हो पाएगा कि सीमा देवी की मौत बीमारी की वजह से हुई या इसके पीछे कोई और कारण है। वहीं, इस घटना ने इलाके की सुरक्षा व्यवस्था और अकेली कामकाजी महिलाओं की स्थिति पर भी कई सवाल खड़े कर दिए हैं।