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22-Jan-2026 10:46 AM
By First Bihar
Patna hostel blast : पटना में छात्र राजनीति और हॉस्टल कल्चर एक बार फिर सवालों के घेरे में आ गया है। राजधानी के सुल्तानगंज थाना क्षेत्र में स्थित पटना विश्वविद्यालय के छात्रावासों में मंगलवार रात हुई मारपीट, बमबाजी और फायरिंग की घटना के बाद बुधवार को पुलिस की सख्त कार्रवाई देखने को मिली। पुलिस की छापेमारी से पूरे छात्रावास इलाके में हड़कंप मच गया। इस दौरान हथुआ हॉस्टल से भारी मात्रा में सुतली बम और बम बनाने की सामग्री बरामद की गई, जबकि सात छात्रों को मौके से गिरफ्तार किया गया है।
घटना की शुरुआत मंगलवार देर रात कृष्णा घाट के पास हुई। जानकारी के अनुसार, सीवी रमण हॉस्टल का छात्र प्रिंस कुमार एक युवती के साथ चाय पीने गया था। इसी दौरान जैक्सन हॉस्टल के कुछ छात्रों से छेड़खानी को लेकर विवाद हो गया। मामूली कहासुनी ने जल्द ही हिंसक रूप ले लिया और दोनों पक्षों के बीच जमकर मारपीट हुई। सूचना मिलने पर मौके पर पहुंची पुलिस ने हस्तक्षेप कर स्थिति को नियंत्रित किया। हालांकि, इस मारपीट में दो छात्र घायल हो गए, जिन्हें इलाज के लिए अस्पताल ले जाया गया।
मारपीट की घटना के बाद मामला शांत होता दिखा, लेकिन देर रात हालात फिर से बिगड़ गए। आरोप है कि गुस्साए जैक्सन हॉस्टल के छात्रों ने बदले की नीयत से सीवी रमण हॉस्टल की ओर बम फेंके और गोलीबारी की। अचानक हुई इस बमबाजी और फायरिंग से इलाके में दहशत फैल गई। छात्रावास के अंदर और आसपास रहने वाले लोग सहम गए, जबकि कई छात्र डर के कारण अपने कमरों से बाहर नहीं निकले।
घटना की गंभीरता को देखते हुए पटना पुलिस ने तुरंत एक्शन लिया। बुधवार सुबह डीएसपी राजकिशोर प्रसाद के नेतृत्व में पुलिस की विशेष टीम ने पीरबहोर और सुल्तानगंज थाना क्षेत्र में स्थित पटना विश्वविद्यालय के कई छात्रावासों में छापेमारी की। इनमें जैक्सन हॉस्टल, सीवी रमण हॉस्टल, रामानुजन हॉस्टल और हथुआ हॉस्टल शामिल हैं।
छापेमारी के दौरान सबसे चौंकाने वाली बरामदगी हथुआ हॉस्टल से हुई। पुलिस ने वहां से करीब 40 सुतली बम, माचिस, छोटे कील, सुतली, पेट्रोल और बम बनाने में इस्तेमाल होने वाली अन्य सामग्री भारी मात्रा में बरामद की। इस बरामदगी ने यह साफ कर दिया कि छात्रावास के अंदर लंबे समय से अवैध गतिविधियां चल रही थीं और बमबाजी की तैयारी पहले से की गई थी।
पुलिस ने मौके से सात छात्रों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार छात्रों की पहचान सौरभ कुमार, शुभम कुमार, सुमित कुमार, मोहित कुमार, दीपक कुमार, प्रणय सिंह और विवेक कुमार के रूप में हुई है। सभी को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है। पुलिस का कहना है कि इन छात्रों की भूमिका सिर्फ मारपीट तक सीमित नहीं थी, बल्कि बम बनाने और उसे इस्तेमाल करने में भी इनकी संलिप्तता सामने आ रही है।
डीएसपी राजकिशोर प्रसाद ने बताया कि प्रारंभिक जांच में यह सामने आया है कि छात्रावासों में गुटबाजी और वर्चस्व की लड़ाई के कारण इस तरह की घटनाएं हो रही हैं। उन्होंने कहा कि मामले की गहन जांच की जा रही है और यदि इसमें किसी बाहरी तत्व या संगठित गिरोह की भूमिका सामने आती है तो उनके खिलाफ भी सख्त कार्रवाई की जाएगी। साथ ही, विश्वविद्यालय प्रशासन को भी इस संबंध में रिपोर्ट भेजी जा रही है।
इस घटना के बाद पटना विश्वविद्यालय प्रशासन की भूमिका पर भी सवाल उठने लगे हैं। छात्र संगठनों और अभिभावकों का कहना है कि छात्रावासों में सुरक्षा व्यवस्था बेहद कमजोर है। अवैध हथियार और विस्फोटक सामग्री का हॉस्टल तक पहुंच जाना गंभीर चिंता का विषय है। कई लोगों ने मांग की है कि छात्रावासों में नियमित जांच, सीसीटीवी कैमरे और सख्त प्रवेश व्यवस्था लागू की जाए।
फिलहाल, पुलिस पूरे इलाके में गश्त बढ़ा दी गई है और छात्रावासों के आसपास अतिरिक्त बल तैनात किया गया है। पुलिस का कहना है कि किसी भी कीमत पर शांति व्यवस्था भंग नहीं होने दी जाएगी। इस घटना ने एक बार फिर यह साबित कर दिया है कि यदि समय रहते सख्त कदम नहीं उठाए गए, तो छात्र राजनीति और आपसी रंजिशें कानून-व्यवस्था के लिए बड़ा खतरा बन सकती हैं।