Bihar schools : बिहार शिक्षा विभाग ने जारी किया निर्देश, 31 जनवरी को सभी स्कूलों में जुटेंगे अभिभावक; पढ़िए क्या है पूरा आदेश

बिहार के सरकारी स्कूलों में बच्चों के शैक्षणिक स्तर और सर्वांगीण विकास को मजबूत करने के लिए शिक्षा विभाग ने एक बार फिर बड़े कदम उठाए हैं।

1st Bihar Published by: First Bihar Updated Thu, 22 Jan 2026 11:58:26 AM IST

Bihar schools : बिहार शिक्षा विभाग ने जारी किया निर्देश, 31 जनवरी को सभी स्कूलों में जुटेंगे अभिभावक; पढ़िए क्या है पूरा आदेश

- फ़ोटो

Bihar schools : बिहार के सरकारी स्कूलों में बच्चों के शैक्षणिक स्तर और सर्वांगीण विकास को बेहतर बनाने के लिए शिक्षा विभाग ने एक बार फिर से बड़े पैमाने पर कदम उठाया है। बुधवार (21 जनवरी, 2026) को प्राथमिक शिक्षा निदेशालय ने राज्य के सभी जिला शिक्षा पदाधिकारियों (डीईओ) को पत्र भेजकर 31 जनवरी, 2026 को सभी प्रारंभिक विद्यालयों में अभिभावक-शिक्षक संगोष्ठी (पीटीएम) आयोजित करने का निर्देश दिया है। इस बार की पीटीएम की थीम है—“हम और आप मिलकर करेंगे बच्चों का समग्र विकास।” शिक्षा विभाग ने इस बैठक को बच्चों के समग्र विकास पर केंद्रित करते हुए कई महत्वपूर्ण मुद्दों को एजेंडा में शामिल किया है।


इस बार की पीटीएम का सबसे अहम मुद्दा बच्चों में बढ़ती मोबाइल और सोशल मीडिया की लत है। आज के समय में बच्चों का अधिक समय मोबाइल और सोशल मीडिया पर बीत रहा है, जिससे उनकी पढ़ाई, व्यवहार और मानसिक स्वास्थ्य पर नकारात्मक असर पड़ रहा है। इसी समस्या को ध्यान में रखते हुए शिक्षा विभाग ने शिक्षकों को निर्देश दिया है कि वे अभिभावकों को बच्चों द्वारा मोबाइल और सोशल मीडिया के उपयोग को सीमित करने के लिए प्रेरित करें। साथ ही, बच्चों को वास्तविक जीवन की गतिविधियों और खेलकूद से जोड़ने पर जोर देने को कहा गया है, ताकि वे मोबाइल की दुनिया से बाहर निकलकर स्वस्थ गतिविधियों में शामिल हों।


पीटीएम के दौरान बच्चों के स्वास्थ्य, पोषण और स्वच्छता पर भी विशेष चर्चा की जाएगी। अक्सर देखा जाता है कि बच्चे बिना नाश्ता किए या भूखे स्कूल आ जाते हैं, जिससे उनकी पढ़ाई और सेहत दोनों प्रभावित होती हैं। ऐसे में शिक्षकों को अभिभावकों से यह कड़ा संदेश देने को कहा गया है कि वे अपने बच्चों को पोषण युक्त भोजन कराकर ही विद्यालय भेजें। बच्चों की सेहत और पोषण पर चर्चा करके स्कूल और परिवार के बीच बेहतर तालमेल बनाया जा सकेगा, जिससे बच्चों का शारीरिक विकास भी सही दिशा में होगा।


इसके अलावा, शिक्षा विभाग ने स्पष्ट किया है कि इस पीटीएम का उद्देश्य सिर्फ बच्चों की पढ़ाई पर चर्चा करना नहीं है, बल्कि उनके सर्वांगीण विकास को सुनिश्चित करना है। शिक्षकों को अभिभावकों को बच्चों की शैक्षणिक और अन्य उपलब्धियों से अवगत कराते हुए उन्हें बच्चों के व्यक्तित्व, सामाजिक व्यवहार, खेलकूद, कला, संस्कृति और नैतिक शिक्षा से जोड़ने की प्रेरणा देनी है। इसके साथ ही, बच्चों को मोबाइल और सोशल मीडिया की लत से दूर रखकर वास्तविक जीवन की गतिविधियों से जोड़ने के लिए भी अभिभावकों को जागरूक किया जाएगा।


पीटीएम में अधिक से अधिक अभिभावकों की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करने पर भी जोर दिया गया है। इसके लिए स्कूलों को अभिभावकों को समय पर सूचना देना, उनकी सुविधानुसार बैठक का समय तय करना और उन्हें बच्चों के विकास में उनकी भूमिका समझाना होगा। यदि अभिभावक सक्रिय रूप से इस बैठक में शामिल होंगे, तो बच्चों के विकास में सकारात्मक बदलाव संभव है।


शिक्षा विभाग इस आयोजन को लेकर काफी गंभीर है। निदेशक विक्रम विरकर ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि पीटीएम संपन्न होने के बाद प्रत्येक विद्यालय को राज्य स्तर से उपलब्ध कराए गए गूगल फॉर्म पर संगोष्ठी की जानकारी अनिवार्य रूप से अपलोड करनी होगी। यह कदम यह सुनिश्चित करने के लिए लिया गया है कि प्रत्येक स्कूल में पीटीएम सही तरीके से आयोजित हुई है और उसमें उठाए गए मुद्दों का रिकॉर्ड रखा जा सके। इससे शिक्षा विभाग को वास्तविक समय में जानकारी मिल सकेगी और यदि किसी स्कूल में कम भागीदारी या अन्य समस्याएं हों, तो उन्हें तुरंत सुधारा जा सकेगा।


इस प्रकार, 31 जनवरी को होने वाली इस पीटीएम से शिक्षा विभाग का उद्देश्य बच्चों के सर्वांगीण विकास के लिए स्कूल और परिवार के बीच बेहतर सहयोग स्थापित करना है। मोबाइल और सोशल मीडिया की लत, स्वास्थ्य, पोषण और स्वच्छता जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा करके बच्चों को स्वस्थ, सकारात्मक और सक्षम बनाने की दिशा में यह एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।