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10-Feb-2026 09:30 AM
By First Bihar
NEET student death case : पटना में नीट की तैयारी कर रही जहानाबाद की एक छात्रा की संदिग्ध मौत का मामला लगातार उलझता जा रहा है। जांच एजेंसियां इस मामले की तह तक पहुंचने के लिए लगातार साक्ष्य जुटाने में लगी हुई हैं, लेकिन अब तक कोई ठोस सुराग हाथ नहीं लग पाया है। इसी क्रम में विशेष जांच दल (एसआईटी) ने 10 और लोगों का डीएनए टेस्ट कराने का फैसला लिया है। इससे पहले 22 लोगों के खून के नमूने जांच के लिए लिए जा चुके हैं, लेकिन इनमें से किसी का मिलान मृतका के कपड़ों से मिले स्पर्म से नहीं हो सका है। ऐसे में जांच टीम ने दायरा बढ़ाते हुए कुछ और संदिग्ध लोगों के नमूने लेने का निर्णय लिया है।
मामले की गंभीरता को देखते हुए राज्य सरकार ने इसकी जांच केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) से कराने की अनुशंसा केंद्र सरकार को भेज दी है। सूत्रों के मुताबिक, केंद्रीय कार्मिक एवं प्रशिक्षण विभाग की ओर से जल्द ही इस संबंध में अधिसूचना जारी होने की संभावना है। हालांकि, जब तक सीबीआई जांच की औपचारिक प्रक्रिया पूरी नहीं होती, तब तक एसआईटी अपनी जांच जारी रखे हुए है और अलग-अलग पहलुओं को खंगालने में जुटी है।
इसी सिलसिले में जहानाबाद और पटना से चार और लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ की गई है। जांच अधिकारियों का कहना है कि घटना के दिन हॉस्टल में मौजूद कर्मचारियों से भी विस्तृत पूछताछ की गई है। इसके अलावा, मृतका के मोबाइल फोन से मिले कुछ नंबरों के आधार पर जहानाबाद के कुछ लोगों से भी पूछताछ की गई है। पुलिस यह जानने की कोशिश कर रही है कि छात्रा किन-किन लोगों के संपर्क में थी और घटना से पहले या बाद में किसी संदिग्ध गतिविधि का संकेत तो नहीं मिला।
जांच एजेंसियों का कहना है कि अब तक ऐसा कोई ठोस सबूत नहीं मिला है, जिससे छात्रा के साथ हुई कथित दरिंदगी के आरोपितों की पहचान हो सके। दूसरी ओर, मृतका के परिजन लगातार यह दावा कर रहे हैं कि छह जनवरी को उसके साथ कोई अनहोनी हुई थी। परिजनों का कहना है कि यह घटना जहानाबाद में नहीं बल्कि पटना में हुई है। इस दावे के बाद जांच एजेंसियां घटना की समयरेखा और स्थान को लेकर भी अलग-अलग पहलुओं की पड़ताल कर रही हैं।
इस मामले के सामने आने के बाद छात्राओं की सुरक्षा और गर्ल्स हॉस्टलों में उपलब्ध बुनियादी सुविधाओं को लेकर प्रशासन भी सतर्क हो गया है। इसी को लेकर सोमवार को पटना के पीरबहोर थाना परिसर में हॉस्टल संचालकों के साथ एक अहम बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में पुलिस अधिकारियों ने सभी गर्ल्स हॉस्टलों को निर्धारित सुरक्षा मानकों का सख्ती से पालन करने का निर्देश दिया।
अधिकारियों ने स्पष्ट निर्देश दिया कि सभी हॉस्टलों के चारों दिशाओं में सीसीटीवी कैमरे लगाए जाएं और उनकी नियमित निगरानी की जाए। इसके साथ ही अग्निशमन व्यवस्था को दुरुस्त रखने, प्रवेश और निकास रजिस्टर का संधारण करने तथा हॉस्टल के वार्डेन और सुरक्षा गार्ड का पुलिस सत्यापन अनिवार्य करने का निर्देश दिया गया। हॉस्टलों में स्वच्छता, शुद्ध पेयजल, बिजली और आपातकालीन सुविधाओं को सुनिश्चित करने पर भी विशेष जोर दिया गया।
बैठक में यह भी कहा गया कि हॉस्टल के आगंतुक कक्ष में आने-जाने वाले हर व्यक्ति की पूरी जानकारी रजिस्टर में दर्ज की जानी चाहिए। इसमें आगंतुक का छात्रा से संबंध, मिलने का उद्देश्य, उसका पता और मोबाइल नंबर शामिल होना अनिवार्य होगा। साथ ही विजिटर रूम में लगाए जाने वाले सीसीटीवी कैमरों में ऑडियो रिकॉर्डिंग की सुविधा भी रखने का निर्देश दिया गया, ताकि वहां होने वाली बातचीत पर नजर रखी जा सके।
पुलिस अधिकारियों ने चेतावनी दी कि इन सभी व्यवस्थाओं का औचक निरीक्षण किया जाएगा। यदि किसी भी हॉस्टल में निर्धारित मानकों की अनदेखी पाई गई, तो संबंधित संचालक के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। साथ ही यह भी स्पष्ट किया गया कि जिस स्थान पर छात्रा रहती है, वहां बिना किसी ठोस कारण के किसी के आने-जाने की अनुमति नहीं होगी, चाहे वह हॉस्टल संचालक ही क्यों न हो। इस पूरी घटना ने छात्राओं की सुरक्षा को लेकर कई गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं और प्रशासन अब इस दिशा में सख्त कदम उठाने की तैयारी में जुटा हुआ है।