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Bihar Assembly : ‘नीतीश कुमार कमजोर नेतृत्व दिख रहा है ...', बोले तेजस्वी यादव .... CM को डिमेंशिया नहीं हुआ है तो क्यों विदेश में करवाते हैं इलाज

बिहार के नेता विपक्ष तेजस्वी यादव आज दिल्ली से पटना लौटे और राज्य की राजनीतिक हलचल में फिर से चर्चा का केंद्र बन गए। तेजस्वी यादव ने कहा कि विधान परिषद में राबड़ी देवी और मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के बीच हुई नोंकझोंक में मुख्यमंत्री की भाषा विवादास्पद

Bihar Assembly : ‘नीतीश कुमार कमजोर नेतृत्व दिख रहा है ...', बोले तेजस्वी यादव .... CM को डिमेंशिया नहीं हुआ है तो क्यों विदेश में करवाते हैं इलाज
Tejpratap
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4 मिनट

Bihar Assembly : बिहार विधानसभा और राज्य राजनीति के हालिया घटनाक्रम में नेता विपक्ष तेजस्वी यादव ने सरकार पर कड़ा हमला बोला है। तेजस्वी यादव आज दिल्ली से पटना लौटे और तुरंत ही मीडिया से बातचीत में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी के बीच हाल ही में विधान परिषद में हुई नोंक-झोंक को लेकर अपनी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि राबड़ी देवी ने जो सवाल विधानसभा में उठाए, उनके जवाब में मुख्यमंत्री की भाषा विवादास्पद रही। तेजस्वी ने कहा कि महिलाओं और वरिष्ठ नेताओं के प्रति जिस प्रकार अभद्र भाषा का प्रयोग हुआ, वह संवेदनशील नहीं था और यह दिखाता है कि मुख्यमंत्री की प्रतिक्रिया गंभीर मुद्दों पर सोच-समझकर नहीं रही।


तेजस्वी यादव ने आगे कहा कि किसी पूर्व महिला मुख्यमंत्री के लिए इस प्रकार का भाषा प्रयोग करना कतई उचित नहीं है। मुख्यमंत्री का पद ऐसा होता है कि उसमें हर व्यवहार और भाषा की जिम्मेदारी बड़ी होती है। उन्होंने सवाल उठाया कि अगर कोई सरकार की प्रतिक्रिया या कार्रवाई पर ध्यान नहीं देता और इस तरह का अपमानजनक रवैया अपनाता है, तो यह लोकतांत्रिक मूल्यों के लिए सही नहीं है। तेजस्वी ने कहा कि घटनाओं पर जवाब देने के बजाय मुख्यमंत्री की भाषा में ऐसी अभद्रता दिखाई गई, जो जनता और सदन दोनों के प्रति अनुचित है।


इसके अलावा तेजस्वी यादव ने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की सेहत और उम्र को लेकर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि नीतीश कुमार की उम्र बढ़ रही है और उम्र बढ़ने के साथ बीमारी आती है। उन्होंने आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री पहले विदेश जाकर इलाज करवा चुके हैं, और ऐसे में यह सवाल उठना स्वाभाविक है कि क्या उनके निर्णय और व्यवहार पर उम्र और स्वास्थ्य का असर नहीं पड़ रहा है। तेजस्वी ने यह भी कहा कि माइक रोक देना और पीछे बैठे लोगों द्वारा गाइड करना यह दर्शाता है कि मुख्यमंत्री कमजोर हैं और उन्हें अपने भाषण और निर्णयों में स्वतंत्र रूप से विश्वास नहीं है।


तेजस्वी यादव ने स्पष्ट किया कि लोकतंत्र में नेता को सम्मानजनक और संवेदनशील भाषा का प्रयोग करना चाहिए। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री का व्यवहार न केवल महिला नेताओं के प्रति असम्मानजनक था, बल्कि यह वरिष्ठ नेताओं और पूरे विधानसभा के मानदंडों के खिलाफ भी था। उन्होंने सरकार से यह सवाल भी पूछा कि क्या इस प्रकार के व्यवहार के लिए कोई जवाबदेही तय की जाएगी।


तेजस्वी ने जोर देकर कहा कि बिहार की जनता इस बात को देख रही है कि सरकार संवेदनशील मुद्दों और नेताओं के सम्मान के प्रति कितनी सजग है। उन्होंने कहा कि अगर मुख्यमंत्री की भाषा और व्यवहार पर ध्यान नहीं दिया गया, तो यह राज्य की राजनीति और प्रशासन के लिए खतरा बन सकता है। उन्होंने मीडिया से कहा कि जनता को यह समझना होगा कि सरकार की नीतियों और नेताओं के व्यवहार में पारदर्शिता और जिम्मेदारी होना जरूरी है।


इस दौरान तेजस्वी यादव ने कहा कि विपक्ष का काम ही यह है कि सरकार के हर कदम पर नजर रखे और यह सुनिश्चित करे कि सत्ता में बैठे लोग लोकतांत्रिक मूल्यों और संवेदनशीलता का पालन कर रहे हैं। उन्होंने चेतावनी दी कि अगर मुख्यमंत्री की कमजोर प्रतिक्रिया और अनुचित भाषा जारी रही, तो इसका राजनीतिक असर भी पड़ेगा। तेजस्वी यादव की यह टिप्पणी राज्य की राजनीतिक हलचल में नया मुद्दा बन गई है और जनता इस पर गंभीर नजर रख रही है।