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21-Jan-2026 08:06 AM
By FIRST BIHAR
Patna High Court News: पटना हाईकोर्ट ने मंगलवार को दुष्कर्म से जुड़े एक मामले में महत्वपूर्ण फैसला सुनाते हुए स्पष्ट किया कि दो वयस्कों के बीच सहमति से बने संबंध को बलात्कार का अपराध नहीं माना जा सकता।
न्यायाधीश सोनी श्रीवास्तव की एकलपीठ ने धारा 376 के तहत दर्ज मामले को निराधार करार दिया और भागलपुर के अपर सत्र न्यायाधीश के आदेश को भी रद्द कर दिया। यह फैसला मोहम्मद सैफ अंसारी की ओर से दायर अर्जी पर सुनाया गया।
मामले में आरोप था कि अभियुक्त ने विवाह का झांसा देकर एक वर्ष तक पीड़िता के साथ शारीरिक संबंध बनाए। वहीं, अभियुक्त का कहना था कि दोनों बालिग थे और संबंध पूरी तरह सहमति से बने थे। हाईकोर्ट ने कहा कि झूठा वादा और विवाह न हो पाना दो अलग बातें हैं। यदि परिस्थितियों के कारण विवाह नहीं हुआ, तो केवल इस आधार पर दुष्कर्म का अपराध नहीं बनता।
हाईकोर्ट ने यह भी स्पष्ट किया कि सहमति से बने संबंध विफल होने पर उसे आपराधिक रंग देना गैरकानूनी है। न्यायालय ने सुप्रीम कोर्ट के हालिया निर्णयों का भी हवाला देते हुए कहा कि आपराधिक मुकदमा दर्ज करते समय निचली अदालतों को केवल औपचारिक रूप से काम नहीं करना चाहिए। यदि सबूतों का अभाव है तो आरोपी को बरी किया जाना चाहिए।