मधुबनी पुलिस की बड़ी कार्रवाई: TOP-10 अपराधी और गांजा तस्कर नरेश यादव गिरफ्तार झारखंड के बोकारो में हाथियों का तांडव, एक ही परिवार के 3 लोगों की रौंदा मुजफ्फरपुर में सरकारी गाड़ी के दुरुपयोग का वीडियो वायरल, तिमुल अध्यक्ष की फैमिली पर सवाल, ग्रामीण SP ने दिए जांच के आदेश पटना में बिना निशान थायरॉइड सर्जरी की ऐतिहासिक सफलता, रुबन मेमोरियल हॉस्पिटल में नई मेडिकल उपलब्धि Bihar News: होली पर घर आना चाहते हैं तो आपके लिए है 285 स्पेशल ट्रेन, ECR ने दी जानकारी Bihar News: बिहार में अवैध खनन के खिलाफ सरकार सख्त, एक महीने में करीब पांच हजार जगहों पर छापेमारी; 673 वाहन जब्त Bihar News: बिहार में अवैध खनन के खिलाफ सरकार सख्त, एक महीने में करीब पांच हजार जगहों पर छापेमारी; 673 वाहन जब्त बिहटा के NSMCH में Annual College Fest “ADRENERGY 2.0” का भव्य शुभारंभ, 8 दिनों तक चलेगा कार्यक्रम मधुबनी: अंतर्राष्ट्रीय साइबर फ्रॉड गिरोह का पर्दाफाश, चार ठग गिरफ्तार Bihar News: होली-ईद पर यात्रियों को बड़ी राहत, बिहार के इस शहर से दिल्ली, गुरुग्राम और अंबाला के लिए विशेष बस सेवा शुरू
11-Apr-2025 08:10 AM
By First Bihar
Bihar School News: सूबे में बच्चों की सुरक्षा को लेकर प्रशासन ने बड़ा कदम उठाया है. बच्चों को स्कूल ले जाने वाले ऑटो में ओवरलोडिंग बर्दाश्त नहीं की जाएगी. प्रशासन तय कर दिया है कि टेंपों में कितने बच्चों को ले जाना है. सीएनजी ऑटो में अधिकतम 4 और बिक्रम ऑटो में 7 बच्चों को बैठाने की अनुमति होगी. तय सीमा से अधिक बच्चों को बैठाया तो चालकों पर प्रति अतिरिक्त बच्चा 200 रुपए का जुर्माना लगेगा. यह कार्रवाई ट्रैफिक पुलिस द्वारा ऑनलाइन या ऑफलाइन माध्यम से की जायेगी.
ट्रैफिक पुलिस वाहन को रोकती है, तो चालकों को परमिट, फिटनेस सर्टिफिकेट, प्रदूषण प्रमाणपत्र और ड्राइविंग लाइसेंस दिखाना अनिवार्य होगा. सुरक्षा मानकों का पालन करने वाले वाहनों को ही बच्चों के परिवहन की अनुमति दी जाएगी. वहीं, ई-रिक्शा से स्कूली बच्चों को लाने-ले जाने पर पूर्ण प्रतिबंध रहेगा. बता दें, सुरक्षा के मद्देनजर प्रशासन ने स्कूल वैन, बस और ऑटो में जीपीएस और सीसीटीवी कैमरा लगाना अनिवार्य कर दिया है. हालांकि, ऑटो में सिर्फ जीपीएस लगेगा, कैमरा लगाने की जरूरत नहीं होगी. जीपीएस और कैमरों के जरिए ट्रैफिक एसपी, परिवहन विभाग और जिला परिवहन पदाधिकारी वाहनों की लाइव मॉनिटरिंग कर सकेंगे.
साथ ही स्कूली सेवा में लगे सभी वाहनों को आगे और पीछे “ऑन-स्कूल ड्यूटी” का बोर्ड लगाना अनिवार्य होगा. वाहन सामान्य सवारी ढोने लगे, तो चालक इस बोर्ड को हटा सकेंगे. साथ ही, अगर कोई बस स्कूल द्वारा किसी ऑपरेटर से किराए पर ली गई है, तो उस पर भी स्पष्ट रूप से “ऑन-स्कूल ड्यूटी” लिखा होना चाहिए।