UPSC Result 2025 : बिहारियों का फिर बजा डंका, जानिए कितने अभ्यर्थी हुए सफल, यहां देखें लिस्ट Bihar politics : बिहार की सियासत में नया अध्याय : निशांत ने संभाली JDU की कमान ! संजय झा के घर विधायकों के साथ हाईलेवल मीटिंग, बनी यह ख़ास रणनीति HRMS Portal Railway: महिला कर्मचारियों की सुरक्षा के लिए रेलवे का बड़ा कदम, अब इस तरह से कर सकेंगी शिकायत Bihar News : एक ही परिवार से उठी दो अर्थी, मामा-भांजे की सड़क हादसे में दर्दनाक मौत IAS SUCCESS STORY : छोटे से गांव का बड़ा कमाल : कोचिंग नहीं की… फिर भी UPSC में टॉप! पटना के इशित्व ने कर दिखाया कमाल; सक्सेस स्टोरी हो रही वायरल Bihar Ration Card eKYC : बिहार में राशन कार्डधारियों को इस डेट तक हर हाल में करना होगा यह काम, डेढ़ करोड़ लाभुकों का कट सकता है नाम BJP सांसदों को जारी हुआ व्हिप: 9 और 10 मार्च को सदन में हर हाल में उपस्थित रहना होगा, जानें वजह LPG Price Hike : घरेलू रसोई गैस सिलेंडर महंगा, 14.2 किलो LPG के दाम में 60 रुपये की बढ़ोतरी, आज से लागू नया रेट बिहार का अगला सीएम कौन होगा, इस पर बेकार की माथापच्ची हो रही है: नीतीश खुद तय कर चुके हैं उत्तराधिकारी का नाम, इस नेता की होगी ताजपोशी Bihar Teacher News: बिहार के 31 शिक्षकों के खिलाफ केस दर्ज, निगरानी अन्वेषण ब्यूरो का बड़ा एक्शन
06-May-2025 08:57 AM
By First Bihar
Bihar News: बिहार में अब सड़क खुदाई के नाम पर अब सरकारी विभागों की मनमानी नहीं चलेगी। आइए जानते हैं क्या है नया अपडेट?
वहीं, दूरसंचार नेटवर्क और भूमिगत केबल सिस्टम को लगातार हो रहे नुकसान को देखते हुए केंद्र सरकार के दूरसंचार विभाग ने बड़ा फैसला लिया है। अब किसी भी सरकारी विभाग या एजेंसी ने अगर खुदाई से पहले डिजिटल सूचना नहीं दी, तो उसपर 50 लाख रुपये तक का जुर्माना लगाया जा सकता है। इतना ही नहीं, उसे नुकसान का पूरा मुआवजा भी भरना होगा।
दूरसंचार मंत्रालय ने ‘Call Before You Dig (CBUD)’ यानी सीबीयूडी ऐप की मदद से एक डिजिटल व्यवस्था खड़ी की है, जिससे खुदाई करने से पहले ऑनलाइन अनुमति लेनी होगी।
इस ऐप पर खुदाई की जगह, तारीख, समय, सड़क की लंबाई और गहराई जैसी सभी जानकारियां दर्ज करनी होती हैं। इससे संबंधित विभागों को अलर्ट मिल जाता है और वे बता सकते हैं कि वहां केबल या पाइपलाइन मौजूद है या नहीं।
आपको बताते चले कि, सीबीयूडी ऐप को बिहार सरकार के सहयोग से लागू किया गया है और वर्तमान में इस पर 3984 विभाग व 1302 एजेंसियां पंजीकृत हैं।