JDU Meeting : नई सरकार के गठन को लेकर कवायद तेज : आज शाम जेडीयू विधानमंडल दल की बैठक, दो डिप्टी सीएम से लेकर निशांत कुमार की एंट्री तक हो सकती है चर्चा बिहार की इस यूनिवर्सिटी की नई वेबसाइट पर बड़ा संकट! 15 लाख छात्रों की मार्कशीट नहीं हो रही स्कैन, छात्र परेशान Bihar Politics : नीतीश कुमार के राज्यसभा जाने पर JDU के पूर्व विधायक का बड़ा बयान, बोले– “अब समझ में आ गया होगा कि मैंने जेडीयू क्यों छोड़ी थी” एक-एक कर बिछड़ते गए साथी… नीतीश कुमार के बाद खत्म हो जाएगी बिहार में जेपी युग की आख़िरी छाया! Gopalganj news : 'अगर मेरे BF को नहीं छोड़ा तो कूद जाउंगी ...', बायफ्रेंड की रिहाई के लिए मोबाइल टावर पर चढ़ी युवती; हथकड़ी के साथ प्रेमी को लेकर पहुंची पुलिस Patna Taj Hotel : पटना में इस जगह बनेगा 500 कमरों वाला फाइव स्टार होटल, बस स्टैंड की जमीन पर शुरू होगी बड़ी परियोजना Bihar politics : राज्यसभा की पांचवीं सीट पर सियासी संग्राम, 6 विधायकों के हाथ में जीत की चाबी; किसकी किस्मत में यह सीट ? Nitish Kumar Rajya Sabha : बिहार की राजनीति में नया मोड़: मुख्यमंत्री रहते हुए राज्यसभा जाने वाले पहले नेता बने नीतीश कुमार, अब सूबे में आगे क्या ? Nitish Kumar: राज्यसभा की ओर बढ़े नीतीश, दो दशकों की सत्ता के बाद बिहार की राजनीति में नए अध्याय की शुरुआत; BJP ने इस जगह तैयार की थी तख्तापलट की कहानी ! Patna NEET student death case : पटना छात्रा मौत केस में नया खुलासा, अब इस एंगल से शुरू होगी CBI की जांच; गृह विभाग ने जारी की अधिसूचना
18-Jul-2025 10:26 PM
By First Bihar
BIHAR: बिहार में जमीन से जुड़े रजिस्ट्री दस्तावेज अब और ज्यादा सुरक्षित रहेंगे। राज्य सरकार ने सभी निबंधन कार्यालयों में CCTV कैमरे लगाने का फैसला किया है, जिससे रजिस्ट्री प्रक्रिया में पारदर्शिता आएगी और दस्तावेजों की छेड़छाड़, चोरी और आगजनी जैसी घटनाओं पर अंकुश लगेगा।
मद्य निषेध, उत्पाद एवं निबंधन विभाग ने राज्य के 140 जिला अवर निबंधन कार्यालयों और 9 प्रमंडलीय कार्यालयों में CCTV कैमरे लगाने की अनुमति पहले ही दे दी थी। अब इन में से 125 कार्यालयों के कैमरे ऑनलाइन भी कर दिए गए हैं।बता दें कि पटना, आरा, भागलपुर, औरंगाबाद, बेतिया, बेगूसराय जैसे जिलों में 18 से 20 CCTV कैमरे प्रति कार्यालय लगाए गए हैं। वहीं अन्य अवर निबंधन कार्यालयों में 12 से 14 कैमरे लगाए जा चुके हैं।
अब तक 88 कार्यालयों में यह प्रक्रिया पूरी हो चुकी है, जबकि शेष 60 कार्यालयों में काम प्रक्रियाधीन है। निबंधन कार्यालयों के अभिलेखागार में जमीन से संबंधित महत्वपूर्ण दस्तावेज रखे होते हैं, जो अब राज्य मुख्यालय की निगरानी में रहेंगे। हाल के वर्षों में इन कार्यालयों में दस्तावेजों की चोरी, सेंधमारी और आगजनी की घटनाएं सामने आई थीं, जिससे सरकार को कड़े कदम उठाने पड़े। दरअसल निबंधन कार्यालयों में रोजाना सैकड़ों की संख्या में लोग रजिस्ट्री कराने पहुंचते हैं, ऐसे में यह निगरानी व्यवस्था उनके हित में एक सकारात्मक और पारदर्शी पहल मानी जा रही है।