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27-Jan-2026 10:13 AM
By First Bihar
Bihar Board : बिहार बोर्ड (BSEB) की तरफ से इस बार परीक्षा व्यवस्था को और मजबूत किया गया है। 1 फरवरी से इंटरमीडिएट और 17 फरवरी से मैट्रिक की परीक्षा शुरू हो रही है। बोर्ड ने परीक्षा के दौरान किसी भी तरह की लापरवाही और फर्जीवाड़े को बर्दाश्त न करने का स्पष्ट संदेश दिया है। इसके लिए परीक्षा केंद्रों पर पुलिस, अधिकारी और आधुनिक निगरानी सिस्टम तैनात रहेंगे। परीक्षा केंद्रों पर हर कदम पर CCTV कैमरे लगे होंगे, जिनकी निगरानी कंट्रोल रूम से की जाएगी।
परीक्षा की पूरी प्रक्रिया को डिजिटल प्लेटफॉर्म से जोड़ दिया गया है। ऑनलाइन फॉर्म भरने से लेकर रिजल्ट जारी होने तक हर चरण को डिजिटल किया गया है। इसका उद्देश्य परीक्षा में गड़बड़ी की संभावना को न्यूनतम करना है। बोर्ड ने साफ कहा है कि परीक्षा हॉल में कैमरा, मोबाइल फोन, ब्लूटूथ, स्मार्टवॉच या किसी भी तरह के इलेक्ट्रॉनिक गैजेट लाना पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगा। इस नियम का उल्लंघन करने पर कड़ी कार्रवाई होगी।
इस बार बोर्ड ने एआई (AI) का उपयोग भी शुरू किया है। एग्जाम में फर्जी दस्तावेज लेकर आने वाले या किसी और के बदले परीक्षा देने वाले छात्रों को एआई सिस्टम आसानी से पकड़ लेगा। कई बार ऐसे मामले सामने आते हैं, जहां छात्र फर्जी सर्टिफिकेट लेकर परीक्षा देते हैं या किसी और छात्र के बदले परीक्षा में बैठ जाते हैं। इसके अलावा कुछ छात्र नाम बदलकर कई बार परीक्षा देने की कोशिश भी करते हैं। ऐसे मामलों में एआई की मदद से पहचान तुरंत हो जाएगी।
बिहार बोर्ड के अध्यक्ष आनंद किशोर ने बताया था कि एआई के जरिए 1985-86 तक के पुराने सर्टिफिकेट की जांच की जा सकती है। इसमें नाम, जन्मतिथि, साइन, पता और आधार डेटा का मिलान किया जाता है। इसके बाद फर्जी दस्तावेजों की पहचान हो जाती है। उन्होंने कहा कि एआई से परीक्षा प्रक्रिया में पारदर्शिता बढ़ेगी, काम तेजी से होगा और गड़बड़ी तुरंत पकड़ी जा सकेगी।
परीक्षा केंद्रों पर पुलिस और अधिकारी तैनात रहेंगे, ताकि परीक्षा के दौरान अनुशासन बना रहे। कंट्रोल रूम से CCTV निगरानी की जाएगी और किसी भी संदिग्ध गतिविधि पर तुरंत कार्रवाई की जाएगी। बोर्ड ने छात्रों और अभिभावकों से अपील की है कि वे परीक्षा में ईमानदारी से भाग लें और नियमों का पालन करें।
परीक्षा देने वाले छात्रों को सलाह दी गई है कि वे परीक्षा केंद्र पर समय से पहुंचें और सभी आवश्यक दस्तावेज साथ रखें। साथ ही, किसी भी तरह के इलेक्ट्रॉनिक उपकरण को परीक्षा हॉल में न लाएं। बोर्ड ने कहा है कि नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी, जिसमें परीक्षा निरस्त करना और भविष्य की परीक्षाओं में रोक भी शामिल हो सकती है।
बिहार बोर्ड की इस नई तैयारी से परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता और विश्वसनीयता बढ़ेगी। डिजिटल और एआई आधारित निगरानी के जरिए फर्जीवाड़े पर कड़ा नियंत्रण होगा। ऐसे में छात्रों को भी ईमानदारी और अनुशासन के साथ परीक्षा में शामिल होना होगा। बिहार बोर्ड की यह पहल परीक्षा को सुरक्षित और निष्पक्ष बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम है।