ब्रेकिंग
Bihar News: बिहार में मकान बनाने वालों के लिए बड़ी खबर! नए नियम लागू, कमरा-रसोई से लेकर शौचालय तक बदल गए मानकBihar News: 22 कोच वाली नई ट्रेन शुरू, राजस्थान से बिहार तक का सफर होगा सुविधाजनक; देखें पूरा रूटBihar News: मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने किया योग, पाटलिपुत्र स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स में अंतरराष्ट्रीय योग दिवस कार्यक्रमBihar Tender Scam : टेंडर घोटाले में बड़ा खुलासा! SVU के सामने आरोपी रिशुश्री ने खोले कई राज, कहा - सरकारी काम में लेनदेन जरूरी, कई सवालों पर साधी चुप्पीBihar weather: पटना समेत बिहार में मौसम का डबल अटैक! कहीं लू तो कहीं तेज बारिश और बिजली गिरने का खतराBihar News: बिहार में मकान बनाने वालों के लिए बड़ी खबर! नए नियम लागू, कमरा-रसोई से लेकर शौचालय तक बदल गए मानकBihar News: 22 कोच वाली नई ट्रेन शुरू, राजस्थान से बिहार तक का सफर होगा सुविधाजनक; देखें पूरा रूटBihar News: मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने किया योग, पाटलिपुत्र स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स में अंतरराष्ट्रीय योग दिवस कार्यक्रमBihar Tender Scam : टेंडर घोटाले में बड़ा खुलासा! SVU के सामने आरोपी रिशुश्री ने खोले कई राज, कहा - सरकारी काम में लेनदेन जरूरी, कई सवालों पर साधी चुप्पीBihar weather: पटना समेत बिहार में मौसम का डबल अटैक! कहीं लू तो कहीं तेज बारिश और बिजली गिरने का खतरा

Supreme Court News: महाकाल मंदिर में VIP दर्शन पर रोक से सुप्रीम कोर्ट का इनकार, SC ने याचिका खारिज की

Supreme Court News: सुप्रीम कोर्ट ने महाकाल मंदिर में वीआईपी दर्शन पर रोक और समान दर्शन की मांग वाली याचिका को खारिज करते हुए कहा कि ऐसे मामलों में नीति बनाना कोर्ट का काम नहीं है।

Supreme Court News
© Google
Mukesh Srivastava
2 मिनट

Supreme Court News: सुप्रीम कोर्ट ने उज्जैन स्थित महाकाल मंदिर में कथित भेदभाव को लेकर दायर उस याचिका को खारिज कर दिया है, जिसमें वीआईपी दर्शन व्यवस्था पर रोक लगाने और सभी श्रद्धालुओं के लिए समान अवसर सुनिश्चित करने की मांग की गई थी।


चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया सूर्यकांत की अगुआई वाली पीठ ने याचिका को खारिज करते हुए कड़ी टिप्पणी की। अदालत ने कहा कि इस तरह की याचिकाएं दाखिल करने वाले लोग वास्तविक श्रद्धालु नहीं होते, बल्कि उनका उद्देश्य कुछ और होता है।


याचिका दर्पन अवस्थी की ओर से दायर की गई थी। सुनवाई के दौरान CJI ने कहा कि वे श्रद्धालु नहीं हैं। हम इस पर आगे कुछ नहीं कहना चाहते। इन लोगों का मकसद कुछ और होता है। क्या करना चाहिए और क्या नहीं, इस पर नीति या दिशानिर्देश बनाना अदालत का काम नहीं है। हम न्यायिक प्रक्रिया के लिए हैं।


याचिकाकर्ता के वकील की दलीलें सुनने के बाद सुप्रीम कोर्ट ने स्पष्ट किया कि ऐसे विषयों पर निर्णय लेना या नीति बनाना अदालत के अधिकार क्षेत्र में नहीं आता। हालांकि, अदालत ने याचिकाकर्ता को सरकार और प्रशासन के समक्ष अपनी मांग रखने की स्वतंत्रता दी है।

रिपोर्टिंग
F

रिपोर्टर

FIRST BIHAR

FirstBihar संवाददाता